27/05/2026
CBSE परीक्षा परिणाम में भयंकर हेर-फेर हो गई जिससे देश के लाखों बच्चे और उनके माता-पिता सदमे में हैं।
और मोदी जी? हमेशा की तरह - न जवाब, न ज़िम्मेदारी, न शर्म।
जिस कंपनी COEMPT को यह ज़िम्मेदारी मिली, वह पहले Globarena के नाम से तेलंगाना में 2019 में यही कारनामे कर चुकी है।
नाम बदला - पर नीयत वही, फितरत वही।
इतिहास सबको पता था, फिर भी ठेका दिया गया। ऐसी कंपनी के हाथ में 18.5 लाख बच्चों का भविष्य सौंप दिया गया और किसी को फ़र्क़ नहीं पड़ा।
यह गलती नहीं - यह सोचा-समझा षड़यंत्र है।
कुछ ज़रूरी सवाल हैं:
- COEMPT को CBSE का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया?
- कौन-कौन से नियम और प्रक्रिया दरकिनार करके इस कंपनी को ये ठेका दिया गया?
- COEMPT पहले Globarena के नाम से विवादों में घिर चुकी है, ये CBSE को क्यों नहीं पता चला? Background checks क्यों नहीं किए गए?
- COEMPT प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच आखिर क्या संबंध हैं?
हम मांग करते हैं कि इस पूरे घोटाले के असली दोषियों को सामने लाने के लिए स्वतंत्र न्यायिक जांच और SIT का गठन तत्काल किया जाए।
CBSE के Gen Z साथियों - आपकी मेहनत, आपका भविष्य, कोई चुरा नहीं पाएगा। हम इस साजिश की तह तक जाएंगे, और इस भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे।