07/12/2019
✍️SaHDeV SaRaN
राजस्थान के नवनिर्मित न्याय मंदिर (Rajasthan High Court ) की नई इमारत के उद्घाटन समारोह का साक्षी बनने का आज सौभाग्य प्राप्त हुआ। साथ ही भारत के महामहिम राष्ट्रपति व प्रधान न्यायाधीश को सुनने का भी अवसर मिला !
हमारा सौभाग्य है कि ऐसा ऐतिहासिक #न्याय_भवन हमारी #सूर्यनगरी_जोधपुर में है, जिसका विधिवत उद्घाटन एवं लोकार्पण आज #राष्ट्रपति_रामनाथ_कोविन्दजी द्वारा किया गया। न्याय जगत की अनेक हस्तियों का एक साथ हमारे शहर में पधारना भी अपने आप मे बड़े गर्व की बात है। राष्ट्रपति, राज्यपाल, देश के प्रधान न्यायाधीश, मुख्यमंत्री, केंद्रीय विधि मंत्री, उच्चतम न्यायालय के सात न्यायाधीश, राजस्थान सहित कई उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश, पूर्व न्यायाधीशगण एवं अनेक जाने माने विधिवेत्ता।
राष्ट्रपति ने कहा कि यह भवन भविष्य में हमारा गौरव बनेगा, यह संसद भवन की याद दिलाता है। जोधपुर ने न्यायिक जगत को बहुत कुछ दिया है। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि यह मात्र उद्घाटन का अवसर नहीं है, यह न्याय के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का अवसर है। इसकी प्रतिष्ठा की जिम्मेदारी मैं आप सबको सौंपता हूं। कोविंद ने इस बात पर चिंता जताई कि आज आमजन के लिए न्याय सस्ता और सुलभ नहीं है, खासकर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में न्याय ख़र्चीला है।
साथ ही मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने उच्च न्यायालय में खाली पड़े न्यायाधीशो के पदों की चिंता जताई, उन्होंने कहा उम्मीद करते है ये पद जल्द भरें जाएंगे जिससे त्वरित न्याय देना सुलभ होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस इमारत के निर्माण में जब वो दूसरी बार मुख्यमंत्री बने तो 110 करोड़ रु स्वीकृत किये थे, जिससे काम शुरू हुआ एवं आज उद्घाटन में आने का सौभाग्य मिला। साथ ही उच्च न्यायालय के नए भवन के पास अधीनस्थ अदालतों के लिए भूमि आवंटित करने की बात भी कही, जिस पर पांडाल में उपस्थित सभी अधिवक्ताओ ने खुशी जाहिर की एवं तालियों की गड़गड़ाहट से पांडाल गूंज उठा।
CJI न्यायमूर्ति श्री बोबडे ने कहा कि pre litigation mediation अनिवार्य कर दिया जाना चाहिए ताकि कुछ मामलों का समाधान तुरन्त हो सके।
जोधपुर के इस गौरवपूर्ण क्षण का साक्षी बन कर गर्व महसूस कर रहा हूं !
भारतीय न्याय व्यवस्था में ऐसी शानदार ऐतिहासिक #हाई_कोर्ट_बिल्डिंग" अन्य देखने को नहीं मिलेंगा। न्याय की नई इबारतें अब हाईकोर्ट के आकर्षक और विशाल नए भवन में लिखी जाएंगी। इसके लिए पिछले कुछ समय से युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही थी। आखिर आज का गौरवशाली दिन इतिहास के पन्नो में दर्ज हो ही गया।
बहुत बहुत बधाई।