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पूर्व सासंद मौलाना उबैदुल्लाह खान आजमी ने कहा यह सारी कोशिशे है सिर्फ जौहर यूनिवर्सिटी को बर्बाद करने के लिए हो रही है क...
07/17/2026

पूर्व सासंद मौलाना उबैदुल्लाह खान आजमी ने कहा
यह सारी कोशिशे है सिर्फ जौहर यूनिवर्सिटी को बर्बाद करने के लिए हो रही है क्योंकि यही वह जगह है जो आगे चलकर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और जामिया मिलिया इस्लामिया की तरह जदीद तालीम से हमारे बच्चों को जोड़ने का काम करेगी और यही हुकूमत को पसंद नहीं है

यूनीवर्सिटी, कॉलेज, स्कूल बनाए जाते हैं युवाओं के भविष्य बनाने के लिए, उन्हें एजुकेशन दिलवाने के लिए, समाज को बेहतर बनान...
07/17/2026

यूनीवर्सिटी, कॉलेज, स्कूल बनाए जाते हैं युवाओं के भविष्य बनाने के लिए, उन्हें एजुकेशन दिलवाने के लिए, समाज को बेहतर बनाने के लिए।

एक यूनिवर्सिटी को बनाने के लिए कई घरों को बनाने से ज़्यादा मेहनत का काम होता है।

माना कि यूनिवर्सिटी गलत तरीके से बनाई गई, लेकिन उसमें पढ़ाई तो सही तरीके से हो रही है।

और अगर उसमें कुछ गलतियां हैं तो सरकार को उसको सुधार कर और अच्छी तरह से संचालित किया जाना चाहिए।

मेरे ओपिनियन के हिसाब से जौहर यूनिवर्सिटी की बिलडिंगों को तोड़ना शिक्षा पर हथौड़ा मारने जैसा होगा।

जौहर यूनिवर्सिटी के संस्थापक कहा करते थे—"जब अंधेरा बढ़े तो उजाले बढ़ा दो, और जब तूफ़ान तेज़ हो तो शमा की लौ और ऊँची कर ...
07/15/2026

जौहर यूनिवर्सिटी के संस्थापक कहा करते थे—

"जब अंधेरा बढ़े तो उजाले बढ़ा दो, और जब तूफ़ान तेज़ हो तो शमा की लौ और ऊँची कर दो। तूफ़ान तो गुज़र जाना ही है। अगर इरादे नेक और मज़बूत हों तो कोई भी तूफ़ान उस शमा को नहीं बुझा सकता।"

आज भी कुछ लोग चाहते हैं कि जौहर यूनिवर्सिटी में दाख़िले कम हों। झूठी और बेबुनियाद अफ़वाहें फैलाकर छात्रों और अभिभावकों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन ऐसे समय में हमारी ज़िम्मेदारी है कि अफ़वाहों पर नहीं, अपने भरोसे और शिक्षा की ताक़त पर विश्वास करें।

अगर कोई दाख़िलों को रोकना चाहता है, तो हमारा जवाब यह होना चाहिए कि दाख़िलों की तादाद पहले से भी ज़्यादा हो। यही उन लोगों के लिए सबसे बड़ा जवाब होगा जो शिक्षा की इस मशाल को बुझाना चाहते हैं।

और एक बात हमेशा याद रखिए—आपको तालीम देने के इस मिशन के लिए चांसलर साहब वर्षों से जेल की कठिनाइयाँ और अनेक तरह के ज़ुल्म बर्दाश्त कर रहे हैं। शिक्षा के इस सफ़र में उनका संघर्ष भी हमारी ज़िम्मेदारी को और बढ़ा देता है।

आइए, अफ़वाहों को नहीं, शिक्षा को मज़बूत करें।
जौहर यूनिवर्सिटी में दाख़िला लें, दूसरों को भी प्रेरित करें और इल्म की इस रोशनी को और बुलंद करें।

आओ मिलकर कदम बढ़ाएँ, जौहर यूनिवर्सिटी में एडमिशन कराएँ।
जौहर यूनिवर्सिटी का संदेश—शिक्षा सबसे बड़ा निवेश।
एडमिशन लो, भविष्य संवारो—जौहर यूनिवर्सिटी से नाता जोड़ो।
इल्म की राह पर बढ़ते जाएँ, जौहर यूनिवर्सिटी में दाख़िला पाएँ।
हर मंज़िल होगी आसान, जौहर यूनिवर्सिटी के साथ उड़ान।
आज का एडमिशन, कल की कामयाबी—जौहर यूनिवर्सिटी सबकी पसंद।

#तालीम_की_रोशनी

माना मियां बुरो से भी बुरे है हमकुछ लोग तो अच्छो को भी अच्छा नहीं कहते......मोहम्मद आजम खान साहब जिंदाबाद 😥😰😨
07/10/2026

माना मियां बुरो से भी बुरे है हम
कुछ लोग तो अच्छो को भी अच्छा नहीं कहते......मोहम्मद आजम खान साहब जिंदाबाद 😥😰😨

मोहम्मद आज़म खान साहब को रिहा करो अब्दुलल्लाह आज़म खान साहब को रिहा करो
07/07/2026

मोहम्मद आज़म खान साहब को रिहा करो
अब्दुलल्लाह आज़म खान साहब को रिहा करो

रामपुर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी को प्रशासन द्वारा भेजे गए नोटिस के बाद अब वहां के ...
07/06/2026

रामपुर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी को प्रशासन द्वारा भेजे गए नोटिस के बाद अब वहां के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी यूनिवर्सिटी के पक्ष में आ गए हैं।

रविवार को उन्होंने मीडिया से कहा कि सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी शिक्षा देने वाली जगहों की रक्षा करना है, न कि उन्हें तंग करना। उन्होंने दलील दी कि जब यूनिवर्सिटी बनी थी, तब रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) था ही नहीं, इसलिए इतने सालों बाद नोटिस देना सवाल खड़े करता है।

सांसद ने कहा कि इस यूनिवर्सिटी में बहुत से बच्चे पढ़ रहे हैं, इसलिए प्रशासन को मदद करने वाला तरीका अपनाना चाहिए ताकि पढ़ाई का माहौल खराब न हो। उनका यह बयान बहुत जरूरी माना जा रहा है, क्योंकि पहले उनके बयानों को आजम खान के विरोध के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब यूनिवर्सिटी का साथ देने से राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

आज़म ख़ान: सलाखों के पीछे एक शख्स, लेकिन लोगों के दिलों में एक विचारमोहम्मद आज़म ख़ान न डाकू हैं, न बलात्कारी, न माफिया,...
06/25/2026

आज़म ख़ान: सलाखों के पीछे एक शख्स, लेकिन लोगों के दिलों में एक विचार
मोहम्मद आज़म ख़ान न डाकू हैं, न बलात्कारी, न माफिया, न चोर-लुटेरे। उनके समर्थक उन्हें एक शिक्षाविद, समाजसेवी और शिक्षा की अलख जगाने वाला नेता मानते हैं। उन्होंने अपनी राजनीतिक पहचान से आगे बढ़कर शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐसा सपना देखा, जिसे जौहर यूनिवर्सिटी के रूप में साकार करने की कोशिश की गई।
आज जौहर ट्रस्ट के 12AB रजिस्ट्रेशन को रद्द किए जाने की खबर ने उन लोगों को दुखी किया है, जो इस संस्थान को शिक्षा के एक बड़े केंद्र के रूप में देखते हैं। समर्थकों का मानना है कि किसी संस्था को आर्थिक या प्रशासनिक दबावों में घेरा जा सकता है, लेकिन उसके पीछे की सोच और मक़सद को खत्म नहीं किया जा सकता।
57 महीनों से अधिक समय से जेल में बंद आज़म ख़ान के बारे में उनके चाहने वालों का कहना है कि उनका सबसे बड़ा "गुनाह" यह था कि उन्होंने ग़रीबों और पिछड़े तबकों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा का एक बड़ा दरवाज़ा खोलने का सपना देखा। अगर वह केवल सत्ता और राजनीति तक सीमित रहते, तो शायद आज इतनी मुश्किलों का सामना न करना पड़ता।
यूनिवर्सिटी की कुछ इमारतें गिराई जा सकती हैं, उसके रास्तों में रुकावटें डाली जा सकती हैं, लेकिन शिक्षा के लिए रखी गई नींव को मिटाया नहीं जा सकता। इतिहास गवाह है कि विचारों को जेल की सलाखों में क़ैद नहीं किया जा सकता।
आज़म ख़ान आज एक नाम से बढ़कर एक सोच बन चुके हैं—वह सोच जो कहती है कि शिक्षा सबसे बड़ी ताक़त है, वह सोच जो बच्चों को किताबों से जोड़ती है, वह सोच जो समाज को आगे बढ़ाने का रास्ता दिखाती है।
वक़्त गुज़र जाएगा, दौर बदल जाएंगे, लेकिन आने वाली नस्लें जब शिक्षा के महत्व की बात करेंगी, तो उन लोगों को भी याद करेंगी जिन्होंने इसके लिए संघर्ष किया, कीमत चुकाई और अपने सपनों को हक़ीक़त बनाने की कोशिश की।
✍️ "सलाखें जिस्म को क़ैद कर सकती हैं, लेकिन ख़्वाबों, विचारों और शिक्षा की रोशनी को नहीं।" 📚🌹

मोहम्मद आज़म ख़ान न डाकू हैं न बलात्कारी है और न ही माफ़िया, गुंडा और चोर लुटेरा है, आज़म ख़ान शिक्षाविद हैं शिक्षा क्रां...
06/25/2026

मोहम्मद आज़म ख़ान न डाकू हैं न बलात्कारी है और न ही माफ़िया, गुंडा और चोर लुटेरा है, आज़म ख़ान शिक्षाविद हैं शिक्षा क्रांति के सूत्रधार हैं आज़म ख़ान।

आज इनकम टैक्स विभाग ने जौहर ट्रस्ट के 12AB रजिस्ट्रेशन को रद्द कर दिया है जिसके कारण जौहर ट्रस्ट के टैक्स छूट पर रोक लग गई है, अब जौहर ट्रस्ट से बड़ी टैक्स वसूली की जाएगी क्योंकि उन्होंने रामपुर में एक बेहतरीन अज़ीमुश्शान यूनिवर्सिटी जो बनाई हैं।

अगर आज़म ख़ान यूनिवर्सिटी न बनाते तो आज जेल की सलाखों के पीछे न होते लेकिन वो पिछले 57 महीनों से जेल में हैं, कौन नहीं बल्कि देश ख़ासकर प्रदेश एहसानमंद रहेगा आज़म ख़ान कि उन्होंने इसलिए एक यूनिवर्सिटी की तामीर की ताकि किसी ग़रीब मां-बाप के बच्चे अशिक्षित न रह सके, ये बात अलग हैं कि सरकार ने यूनिवर्सिटी चलने नहीं दी यूनिवर्सिटी के कई क्षेत्रों को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया लेकिन यूनिवर्सिटी का नामों निशान मिटाया नहीं जा सकता एक ईंट तो बाक़ी रहेगी जो चीख चीख कर कहेगी मुझे आज़म ख़ान ने बच्चों के भविष्य के लिए नींव के रूप में गड्ढे में रखा था।

आज़म ख़ान अब नाम नहीं बल्कि एक विचारधारा बन चुकी हैं वो विचारधारा जो बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करती हैं वो विचारधारा जो ओहदों और शौहरत होने के बावजूद शिक्षा के द्वार तक जाती हैं और एक अज़ीमुश्शान यूनिवर्सिटी बनाती हैं और उस यूनिवर्सिटी की वजह से सलाखों के पीछे क़ैद कर दी जाती हैं।

मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी मे डा० तंज़ीन फ़ातिमा साहिबा की देख रेख मे रक्तदान शिविर का आयोज़न किया गया...
06/21/2026

मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी मे डा० तंज़ीन फ़ातिमा साहिबा की देख रेख मे रक्तदान शिविर का आयोज़न किया गया...

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