06/09/2026
मर्यादा आ पवित्रता: हनुमान जी महाराज बाल ब्रह्मचारी आ अनुशासनक प्रतीक छथि। ओतय आस्था आ भक्ति भाव सँ जाएबाक स्थान अछि, न कि नशा आ अमर्यादित व्यवहारक लेल।
सांस्कृतिक कार्यक्रमक स्थान: भक्ति आ सांस्कृतिक आयोजनक मर्यादा अलग-अलग होइत अछि। कोनो भी नाच-गान या सांस्कृतिक कार्यक्रम लेल मंदिरक गर्भगृह सँ बाहर या परिसर सँ अलग व्यवस्था होबाक चाहि।
सख्त नियमक आवश्यकता: पूजा समिति आ समाजक वरिष्ठ लोक सभ केँ मंदिर परिसर मे एहन नियम लागू करबाक चाहि जाहि सँ भविष्य मे एहन घटना पुनरावृत्त नहि होए।