06/05/2020
करीम आका सल्लललाहो अलैही वसल्लम ने फरमाया कि "जिस ने दिखावे के लिए #नमाज पढी इस ने शिर्क किया और जिस ने दिखावे के लिए #रोजा रखा इस ने शिर्क किया और जिस ने दिखावे के लिए #जकात/सदका दी इस ने शिर्क किया"
■हाकिम अलमुस्तदरक:7938■
■मिश्कात शरीफ:5331■
"हजरत मुआज बिन जबल, करीम आका सल्लललाहो अलैही वसल्लम की कब्र मुबारक के पास रो रहे थे तो हजरत उमर बिन खत्ताब ने पूछा क्यूं रो रहे हो ?
इन्होने कहा कि
मेने साहिब ए मजार(आप सल्लललाहो अलैही वसल्लम) को फरमाते हुए सुना है कि थोड़ी सी #रियाकारी(दिखावा) भी शिर्क है"
■हाकिम अलमुस्तदरक:7933■
■सुनन इब्ने माजा:3989■
"तो जिसे अपने रब से मिलने की उम्मीद हो तो इसे चाहिए के वह नेक काम करे और अपने रब की इबादत मे किसी को शरीक ना करे"
°बड़ा शिर्क और छोटा शिर्क(रियाकारी/दिखावा) दोनो से बचे°
■सूरह कहफ़:110■
اِنَّ صَلَاتِیْ وَ نُسُكِیْ وَ مَحْیَایَ وَ مَمَاتِیْ لِلّٰهِ رَبِّ الْعٰلَمِیْنَۙ
"बेशक मेरी नमाज़,और क़ुरबानियां और मेरा जीना और मेरा मरना सब अल्लाह के लिए ही है जो सारे जहा'न का रब है"
■सूरह अनआम:162■