16/10/2025
दिनांक 16.10.25 को श्री एम. ब्रोजेन सिंह, कार्यवाहक कमान्डेंट, 19वी वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ठाकुरगंज के दिशा निर्देशन एवं उनकी उपस्थिति में उनके द्वारा (C.P.R.) जीवन रक्षक तकनीक को सीखने और जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल करने की प्रतिज्ञा/शपथ दिलायी गयी। इस दौरान डॉ. मघराज चौधरी (ACMO), द्वारा सीपीआर देने का सही तरीका के बारे मे जागरूक किया गया | और बताया कि C.P.R हृदयाघात के दौरान पीड़ित व्यक्ति को देनेवाली एक आपातकालीन जीवनरक्षक प्रक्रिया है। यह तब की जाती है जब किसी व्यक्ति की सांस या दिल की धड़कन रुक जाती है, ताकि मस्तिष्क और अन्य महत्वपूर्ण अंगों तक ऑक्सीजन युक्त रक्त पहुँच सके। सीपीआर में आमतौर पर छाती पर दबाव डालना और कृत्रिम श्वास देना शामिल होता है यह एक आवश्यक प्राथमिक उपचार कौशल है जो किसी व्यक्ति की जान बचा सकता है चिकित्सा सहायता मिलने तक आप इस प्रक्रिया को करते रहना होगा ।
इस कार्यक्रम मे उपस्थित सभी अधिकारीगण, अधीनस्थ अधिकारी एवं समस्त कार्मिको बढ़ -चढ़कर हिस्सा हिसा लिया | और C.P.R तकनीकी का अभ्यास किया |
Sashastra Seema Bal - SSB