25/08/2021
गढ़वाल टैक ग्रुप मुक्तिबोध द्वारा विभिन्न वर्षों की भांति इस बार भी कोरोनकाल में अलग अलग कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं इसी क्रम में संस्था द्वारा विभिन्न जिलों के गांवों को चिन्हित करके वहाँ के प्राथमिक विद्यालय के छात्रों को उनकी पढ़ाई के लिए सामग्री की किट देने का अभियान चलाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत रुद्रप्रयाग जनपद के जखोली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय किरोड़ा में गढ़वाल विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अंकित उछोली द्वारा सभी छात्रों को अध्धयन किट देकर हुई, उसके बाद चमोली, पौड़ी, रुद्रप्रयाग के विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों के सभी छात्रों को संस्था के विभिन्न सदस्यों द्वारा अध्ययन किट दी गई।
आज इसी क्रम में राजकीय इंटर कॉलेज स्वीत में माध्यमिक के सभी छात्रों को संस्था द्वारा अध्ययन किट दी गई , जिसमें छात्रों को 4 कॉपियां, पेंसिल,रबड़,कटर सहित अध्ययन सामग्री दी गई। इस कार्यक्रम में संस्था के उपाध्यक्ष विकास कठैत,सचिव पंकज घिल्डियाल , गढ़वाल विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अंकित उछोली, छात्र नेता अतुल सती, रॉबिन असवाल, नीरज पंचोली सहित ,राइंका स्वीत के प्रधानाचार्य राजेन्द्र सिंह रावत, मनोजकान्त उनियाल, शिवानी कठैत, राकेश मोहन कंडारी, पुष्पा दानू, जया कंडारी सहित माध्यमिक के सभी छात्र उपस्थित थे।
संस्था के उपाध्यक्ष विकास कठैत ने बताया कि ये अभियान गढ़वाल मंडल के चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी,टिहरी जिलों में चलाया जा रहा है, अभी तक 35 प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों को ये किट दी गयी है, भविष्य में भी गढ़वाल के दूरस्थ जिलों के प्राथमिक विद्यालयों में ये अभियान ले जाया जाएगा। ये अभियान लगातार जारी रहेगा व आगे भी गरीब छात्रों की मदद की जाएगी।
संस्था के सचिव पंकज घिल्डियाल ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय के छात्रों तक अध्ययन किट पहुंचाने के इस अभियान में लोगों से भी सहयोग की अपील की है व साथ ही उन्होंने ये बताया कि इस अभियान के बाद संस्था द्वारा महिलाओं से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
संस्था के सदस्य व अभियान को विभिन्न जिलों में अध्ययन किट को पहुंचाने में लगे गढ़वाल विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अंकित उछोली ने बताया कि अध्ययन किट पहुंचाने के इस अभियान में इस बार एक नई पहल की गई है, जो भी कॉपियां इस अभियान में दी जा रही है उन कॉपियों के कवर पेज पर उत्तराखंड की संस्कृति से जुड़ी हुई चीजों के बारे में जानकारी भी छपी हुई है इससे दूरस्थ हिस्सों के छात्र भी अपनी संस्कृति से रूबरू हो सकेंगे ।