Vijay Baiyanpuria

Vijay Baiyanpuria ना तो इतने कडवे बनो कोई बर्दास्त ना कर सके
और नाही इतने मीठे बनो की कोई निगल जाए

पर्यावरण मित्र विजय आर्य
किसान प्राकृतिक खेती 🧑‍🌾🧑‍🌾
(Arya Natural farmer)
प्राकृतिक खेती करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित व
राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी मेरे गुरु जी से सम्मानित गौरव का पल

डेनमार्क में करीब 12 घंटे की कठिन IRONMAN चुनौती और तेज विपरीत हवाओं के बावजूद डॉ. अमित मलिक ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिय...
28/08/2026

डेनमार्क में करीब 12 घंटे की कठिन IRONMAN चुनौती और तेज विपरीत हवाओं के बावजूद डॉ. अमित मलिक ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया।
भारतीय प्रतिभागियों में दूसरा स्थान हासिल करने वाले डॉ. अमित मलिक की यह कहानी फिटनेस, अनुशासन और जुनून की मिसाल है।

खबर कमेंट box में

🚜 सुपर सीडर व बेलिंग मशीन के लिए ऑनलाइन ड्रा संपन्न📍 🌾 राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत फसल अवशेष प्रबंधन योजना में 206...
22/08/2026

🚜 सुपर सीडर व बेलिंग मशीन के लिए ऑनलाइन ड्रा संपन्न

📍 🌾 राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत फसल अवशेष प्रबंधन योजना में 206 सुपर सीडर और 6 बेलिंग मशीनों के लिए किसानों का ऑनलाइन ड्रा के माध्यम से पारदर्शी चयन किया गया।

👨‍🌾 206 सुपर सीडर के लिए 62 किसानों तथा 6 बेलिंग मशीनों के लिए 2 किसानों की प्रतीक्षा सूची भी तैयार की गई है।

📄 चयनित किसान 25 अगस्त तक सभी आवश्यक दस्तावेज सहायक कृषि अभियंता कार्यालय, राई में जमा करवाना सुनिश्चित करें।

🗓️ परमिट मिलने के बाद कृषि यंत्र की खरीद की अंतिम तिथि 10 सितंबर तथा बिल पोर्टल पर अपलोड करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर निर्धारित की गई है।

🌱 सुपर सीडर व बेलिंग मशीन के उपयोग से फसल अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा और पराली जलाने की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।

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07/07/2026

2 जून, 1942 में लार्ड वेवल वायसराय ने कृषिमन्त्रियों की फूड कांफ्रेंस बुलाई और गेहूं की कीमत 6 रु० प्रति मन प्रस्तावित की। चौ० छोटूराम ने 10 रु० प्रति मन का प्रस्ताव रखा।

लार्ड वेवल ने स्पष्ट कहा कि गेहूं की कीमत 6 रु० प्रति मन ही रहेगी। इस पर चौधरी छोटूराम ने उसकी टेबल पर मुक्का मारकर चुनौती दी, “खरीदना हो तो 10 रु० प्रति मन खरीदें, अन्यथा मैं गेहूं को खेतों में ही जलवा दूंगा।”

लार्ड वेवल बड़बड़ाते हुए दिल्ली चले गए और चौ० छोटूराम भी अपनी मरोड़ के साथ पंजाब में लौटे।

वायसराय ने पंजाब के गवर्नर व पंजाब के मुख्यमंत्री से पूछा तो दोनों ने उत्तर दिया - “सर छोटूराम एक जिम्मेदार मन्त्री हैं। वे किसानों के हितों के सामने किसी की भी परवाह नहीं करते हैं। पंजाब के जमींदार उनके पीछे हैं। उनके बिना पंजाब सरकार चल नहीं सकती।

आप गेहूं का भाव 10 रु० प्रति मन ही कर दें क्योंकि इन ही जाट किसानों के बेटे युद्ध में लड़ रहे हैं। चौ० छोटूराम को नाराज करने में बड़ा खतरा है।”

भारत सरकार ने पंजाब से 11 रु० प्रति मन गेहूं खरीदा। इस घटना से चौ० सर छोटूराम की धाक केन्द्र तक बैठ गई।

आधार पुस्तक: रहबरे आजम स्मारिका 1985-86, पृ० 37; लेखक मूलचन्द जैन, भूतपूर्व सदस्य लोकसभा।
जय किसान

मेरा राम सर छोटुराम

18/03/2026
🥛 छाछ (मट्ठा) को मामूली न समझें! यह है खेती का 'सफेद सोना' (फफूंद और वायरस का काल)किसान भाइयों, क्या आप भी महंगी 'फंगीसा...
20/02/2026

🥛 छाछ (मट्ठा) को मामूली न समझें! यह है खेती का 'सफेद सोना' (फफूंद और वायरस का काल)

किसान भाइयों, क्या आप भी महंगी 'फंगीसाइड' और 'ग्रोथ टॉनिक' खरीदकर परेशान हैं?

तो अपने घर में रखी पुरानी खट्टी छाछ को बाहर निकालें।
जब छाछ (मट्ठा) पुरानी होकर खट्टी हो जाती है, तो हम उसे फेंक देते हैं।

लेकिन अगर उसमें तांबे (Copper) का एक टुकड़ा डाल दिया जाए, तो वह दुनिया का सबसे बेहतरीन 'ताम्र-युक्त फंगीसाइड' बन जाता है।

⚗️ बनाने की विधि (देसी जुगाड़):

1️⃣ एक मिट्टी के घड़े या प्लास्टिक के ड्रम में 5-10 लीटर छाछ लें।

2️⃣ इसमें तांबे का कोई तार, लोटा या टुकड़ा डाल दें।

3️⃣ इसे 10-15 दिन तक सड़ने दें (जितनी पुरानी, उतनी ताकतवर)।

4️⃣ जब यह हरे-नीले रंग की हो जाए, तो समझो दवा तैयार है!

🚿 इस्तेमाल कैसे करें?

• मात्रा: 15 लीटर पंप में सिर्फ 500 मिलीलीटर (आधा लीटर) खट्टी छाछ मिलाएं।

• छिड़काव: किसी भी फसल पर स्प्रे करें।

✅ जादुई फायदे:

✅ फफूंद का खात्मा: झुलसा, धब्बा रोग, और जड़ गलन तुरंत रुकती है।

✅ वायरस से सुरक्षा: मरोड़िया रोग (Virus) में बहुत लाभकारी।

✅ जबरदस्त ग्रोथ: यह पौधों के लिए टॉनिक का काम करती है, पत्ते गहरे हरे हो जाते हैं।

✅ जानवरों से सुरक्षा: इसकी गंध से आवारा पशु (नीलगाय) भी खेत से दूर रहते हैं।

"लागत 0 (जीरो), और फायदा हज़ारों का।" आज ही आज़माएं!

📢 खेती में पैसे बचाने और पैदावार बढ़ाने के लिए इस पेज को फॉलो करें।
(जानकारी अच्छी लगी तो शेयर करके दूसरे किसान भाइयों तक पहुंचाएं 🙏)

24/01/2026

🚩यज्ञोपवीत / जनेऊ क्यों धारण करें। 🚩

🌹ओ३म्। यज्ञोपवीतम परमं पवित्रं प्रजा पतेर्यत्सहजं पुरस्तात् । आयुष्यमग्रयं प्रतिमुंञ्च शुभ्रं। यज्ञोपवितम् बलमस्तुतेज:।।
यज्ञो पवीतमसि यज्ञस्य त्वा यज्ञोपवीतेनोपनह्यामि। 🌹
पारकस्करगृह्म सूत्र २।२।११।

अर्थ :- परम पवित्र आयूवर्धक यज्ञोपवीत जिसे प्रजापति ईश्वर प्रत्येक बालक को सहज स्वभाव से गर्भ से जरायु ( गर्भ की झिल्ली ) के रूप में प्रदान करता है। उसे तू जन्म के बाद धारण कर , पहन। यज्ञोपवीत तुझे बल तेज़ देने वाला हे। तू यज्ञोपवीत है मैं तुझे यज्ञ के व्रत के साथ पहनता हूँ।
( यज्ञोपवीत धारक ऐसा अनुभव करे कि जैसे वे जन्म से पहले माता के गर्भ की झल्ली में सुरक्षित था उसी तरह वे जन्म के बाद इन तीन धागे अर्थात ईशवर के गर्भ रूपी झल्ली में उसकी छत्रछाया में हर समय सुरक्षित है )
🚩 🚩यज्ञोपवीत तीन धागों - नौ तन्तु- पाँच गाँठों से बनता है 🚩🚩

🔥🔥यज्ञोपवीत के तीन धागे :-यज्ञोपवीत के तीन धागे कई प्रकार की शिक्षा को याद करायेंगे और संकेत करते रहेंगे कि यज्ञोपवीत धारक मैं :-
१- मन - वचन - कर्म से पवित्रता रखूँगा
२-ज्ञान - कर्म - उपासना = आपने ज्ञान को निरन्तर बढ़ाता रहूँगा और उस ज्ञान के अनुसार कर्म करूँगा फिर मैं ईश्वर की उपासना से ज्ञान और कर्म को खंडित न करने का दृढ़ मन प्राप्त करूँगा।
३-सत्य- यश - श्री :- अगर तुम ब्रह्मण बनना चाहते हो तो जीवन में सत्यता को प्रमुखता देंगे। अगर क्षत्रीय बनना है तो आपने बल समर्थ को इतना बड़ाऊँगा कि समाज में मेरा चारों ओर यश हो।
अगर वैश्य अर्थात व्यापार करना है तो तुम्हें श्री अर्थात धन को सुरक्षित करना होगा और पवित्रता से कमाई करूँगा।
४- अध्यात्मिक- अधिभौतिक - आधिदैविक दुखो में समता रखना और दुख में विचलित नहीं हूँगा :-
🔥आध्यात्मिक दुख शरिर और मन से जुड़े होते है। जैसे शरिरक रोग कष्ट और मानसिक क्लेश।
🔥अधिभौतिक:-दुसरे मनुष्यो से धोखा ,हानि ,झगड़ा ,मतभेद शत्रुता के दुख ,युद्ध
🔥आधिदैविक:- भूकम्प आँधी तूफ़ान बिमारी बाढ़ से होने वाले दुख
इन दुखों से कभी विचलित न होना इन में समभाव रखना।

५- पितृ ऋण - ऋषि ऋण - देव ऋण

🔥 🔥तीन धागों का सब से महत्व पूर्ण संकेत है कि हमारे उपर जन्म के बाद से
पितृ ऋण - ऋषि ऋण - देव ऋण जुड़े है जिनसे उऋण होना अति अवशयक है।हर समय इन तीनों के प्रति मन में कृतज्ञता का भाव रखने से ही ऋण से उऋण हो सकते है।

🔥पितृ ऋण :- आपने माता पिता का जन्म से लेकर बड़े होने तक पालन पोष्ण करने के लिए धन्यवादी रहना तथा उनके प्रति कृतज्ञता का भाव रखना।
🔥ऋषि ऋण :- आपने आचार्य ,विद्वानों ,ऋषियों के प्रति धन्यवादी रहना तथा उनके प्रति कृतज्ञता का भाव रखना जिन्होंने भी जीवन में ज्ञान दिया रास्ता दिखाया।
🔥देव ऋण :- ईश्वर ने हमें मनुष्य जन्म दिया ,धरती पर खाने पीने के लिए अन्गिनत पदार्थ दिये वेदों का ज्ञान दिया और ऐसी बुद्धी दी जिससे हम अपने लिए क्या अच्छा है क्या बुरा है, की समझ से कार्य कर सकते हैं। उस पालनहार ईश्वर के प्रति हर समय धन्यवाद करना और कृतज्ञता प्रगट करनी चाहिए।

🔥🔥 हर धागे में तीन , कुल नौ तन्तु है जो संकेत करते है कि मैं आपने शरीर के नौ द्वारों को संयम में रखने का व्रत लेता हूँ । इनसे कोई कुचेष्ठा नहीं करूँगा। नौ द्वार है १ मुख २ नासा २ कान २ आँखें २ मल मूत्र के द्वार है।

🔥🔥उपर पाचं गाँठ बंधी हैं :- जो निम्न व्रत का संकेत करती हैं।
१- ब्रह्म यज्ञ -सन्ध्या स्वाध्याय करना
२- देव यज्ञ -अग्नि होत्र करना
३- पितृ यज्ञ :- जीवत माता पिता दादा दादी नाना नानी सभी बड़ों का आदर सत्कार व पोषण करना
४- बलिवैशवदेव यज्ञ -मीठे की दस अहुती रसोई घर की अग्नि में देना तथा जीव जन्तु कुते पक्षी पागल बिमार अपाहिज को भोजन देना।
५- अतिथि यज्ञ :- घर में आये विद्वानों धर्म पुरूषों का सत्कार व भोजन कराना।

🔥🔥पाँच गाँठ यह भी संकेत करती है कि मैं मन में उठने वाले काम क्रोध लोभ मोह अहंकार पर संयम रखुंगा और उन पर अब मैंने पूर्ण गाँठ लगा दी है।

🔥🔥कंधे पर यज्ञोपवीत क्यों डालते है :-
कंधे पर ही हर व्रत का भार उठाने की क्षमता कही जाती है। उपर लिखे व्रत का भार उठाना के संकल्प से इसे बांये कंधे पर डालते है। और जो दिल के ऊपर होता हुआ जाता है इसका संकेत है कि मैं सभी व्रत दिल से निंभाऊंगा।
🔥🔥यज्ञों पवीत अपवित्र भी हो जाता है अगर व्यक्ति तीन दिन तक संध्या न करे या ग्यारह बार नित्य गायत्री मंत्र का जाप न करे।
🚩🚩सभी का कर्तव्य है कि यज्ञोपवीत धारण करें तथा जिन्होंने आर्य विचारधारा पर चलने का प्रण लिया है वे अवश्य डालें। ख़ाली बातों से धर्म रक्षा नही होगी धर्म के पालन करने से ही धर्म रक्षा होती है धर्म जीवंत रहता है।
🚩🚩जिन्होंने कालजयी ग्रंथ 'महर्षि दयानंद' कृत "सत्यार्थ प्रकाश" से वेद के सिद्धान्तों को जानने का और पुनः श्री राम और श्री कृष्ण के पद चिह्नों पर चल कर राष्ट्र को पुनः आर्यवर्त (राम राज्य) बनाने का दृढ़ संकल्प लिया है वे तो यज्ञोपवीत अवश्य धारण करें।यज्ञोपवीत कोई भी ब्रह्मण क्षत्रीय वैश्य शूद्र स्त्री पुरूष बालक बालिका बग़ैर किसी भेद भाव के कभी भी यज्ञ के समय उपर आरम्भ में दिये मंत्रो का उचारण करके डाल सकते है।

मेरे श्रेष्ठ पूर्वज भगत सिंह,चौधरी छोटूराम, चंद्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, संत रविदास, महर्षि वाल्मीकि, श्री राम श्री हनुमान श्री कृष्ण यज्ञोपवीतधारी - जनेऊ धारी थे ।आओ हम भी अपने पूर्वजो का अनुसरण करे

"ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" (Business सुगमता) सिर्फ कॉर्पोरेट्स के लिए है। किसान के लिए तो यह "ईज ऑफ डाइंग इन लाइन" (कतार में म...
08/01/2026

"ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" (Business सुगमता) सिर्फ कॉर्पोरेट्स के लिए है। किसान के लिए तो यह "ईज ऑफ डाइंग इन लाइन" (कतार में मरने की सुगमता) बन गया है।
​पूँजीपतियों ने देश को एक सूत्र में पिरो दिया है—और वह सूत्र है 'लाइन'।
​खेत का डेटा एंट्री? → लाइन में लगो।
​खाद चाहिए? → लाइन में लगो।
​उपज बेचनी है? → लाइन में लगो।
​शायद सिस्टम यही सोचता है: "जब तक किसान लाइन में लगा रहेगा, तब तक वह सवाल पूछने के लिए संसद या सड़क तक नहीं आ पाएगा।

#किसान
#मेड़तामंडी

अरावली पर्वतमाला को तोड़ने के नुकसान (जो बहुत गहरे और लंबे समय तक चलने वाले हैं)1. रेगिस्तान का फैलावअरावली थार रेगिस्तान...
23/12/2025

अरावली पर्वतमाला को तोड़ने के नुकसान (जो बहुत गहरे और लंबे समय तक चलने वाले हैं)

1. रेगिस्तान का फैलाव
अरावली थार रेगिस्तान के लिए प्राकृतिक दीवार है
इसे तोड़ने से राजस्थान का रेगिस्तान हरियाणा और दिल्ली तक फैल सकता है।

2. जल संकट
अरावली वर्षा जल को रोककर भूजल रिचार्ज करती है
पहाड़ टूटे → पानी बहकर चला गया →
कुएँ सूखेंगे
दिल्ली-NCR में जल संकट और गंभीर होगा

3. जलवायु पर प्रभाव
तापमान में वृद्धि (Heat Island Effect)
मानसून पैटर्न बिगड़ सकता है
धूल भरी आँधियाँ और प्रदूषण बढ़ेगा

4. जैव विविधता का नुकसान
तेंदुआ, सियार, नीलगाय, पक्षी और औषधीय पौधों का आवास नष्ट
कई प्रजातियाँ स्थायी रूप से खत्म हो सकती हैं।

5. प्रदूषण और स्वास्थ्य समस्याएँ
खनन से:
हवा में धूल
पानी में भारी धातुएँ
दमा, टीबी, त्वचा रोग, आँखों की बीमारियाँ बढ़ेंगी

6. प्राकृतिक आपदाओं का खतरा
बाढ़ और मृदा अपरदन (Soil Erosion)
भूस्खलन और ज़मीन धँसने की घटनाएँ

7. भविष्य की पीढ़ियों को नुकसान
कल की भारी कीमत
आने वाली पीढ़ियों को:
पानी नहीं, शुद्ध हवा नहीं
स्थिर जलवायु नहीं

17/12/2025

बाजार में जो मिले वो शुध्द खाद्यसामग्री बताओ ।
हर चीज में है मिलावट उस जहर से बच जाओ ।
जांच परख कर ले लेना अपनी जागरुकता बढाओ ।
जहरीला खाना खाने से बचो और अपनो को बचाओ।
इसिलिये कहते है भाईयो प्राकृतिक खेती अपनाओ ।
शुध्द खाओ शुध्द खिलाओ जीवन सफल बनाओ ।
मातृभूमि अपनी है इसको विषपान मत कराओ ।
प्रकृति के बनो प्रेमी मांभूमि का रसपान करते जाओ ।

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