Vijay Baiyanpuria

Vijay Baiyanpuria ना तो इतने कडवे बनो कोई बर्दास्त ना कर सके
और नाही इतने मीठे बनो की कोई निगल जाए

पर्यावरण मित्र विजय आर्य
किसान प्राकृतिक खेती 🧑‍🌾🧑‍🌾
(Arya Natural farmer)
प्राकृतिक खेती करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित व
राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी मेरे गुरु जी से सम्मानित गौरव का पल

20/10/2025

News18 Punjab PTC News - Haryana

20/10/2025

इतना बड़ा त्यौहार झाड़ू से लेकर हीरे मोती तक, साइकिल से लेकर बीएमडब्ल्यू तक सब बिका,
किसान की फसल को छोड़कर
किसानों की काली दिवाली

19/10/2025

1. 🌿 पोषक तत्वों से भरपूर:
मोरिंगा की पत्तियों में विटामिन A, C, E, कैल्शियम, आयरन और प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है।

2. 💪 प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है:
यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity) बढ़ाता है और संक्रमणों से बचाव करता है।

3. ❤️ दिल के लिए फायदेमंद:
मोरिंगा ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करता है।

4. 💊 शुगर कंट्रोल में मददगार:
डायबिटीज़ वाले लोगों के लिए यह बहुत लाभदायक है क्योंकि यह ब्लड शुगर लेवल को संतुलित करता है।

5. 🌸 त्वचा और बालों के लिए उपयोगी:
मोरिंगा में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट त्वचा को ग्लोइंग बनाते हैं और बालों को मज़बूत करते हैं।

6. 🧠 मस्तिष्क के लिए अच्छा:
इसमें पाए जाने वाले तत्व याददाश्त और दिमागी शक्ति को बढ़ाते हैं।

7. ⚖️ वजन घटाने में सहायक:
यह शरीर की चर्बी कम करने और मेटाबॉलिज़्म बढ़ाने में मदद करता है।

8. 🌼 सूजन और दर्द में राहत:
मोरिंगा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो सूजन और जोड़ों के दर्द में राहत देते हैं।

9. 🦴 हड्डियों को मजबूत बनाता है:
इसमें मौजूद कैल्शियम और फॉस्फोरस हड्डियों को मज़बूत बनाते हैं।

10. 🌱 डिटॉक्सिफिकेशन में मददगार:
मोरिंगा शरीर से विषैले तत्व (toxins) बाहर निकालने में मदद करता है।

खेती में गुड़ को एक प्राकृतिक और प्रभावी जैविक सुधारक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। प्राचीन काल से ही कृषि में गु...
02/10/2025

खेती में गुड़ को एक प्राकृतिक और प्रभावी जैविक सुधारक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। प्राचीन काल से ही कृषि में गुड़ का उपयोग पौधों की वृद्धि और कीट नियंत्रण के लिए होता आया है। गुड़ मिट्टी में लाभदायक सूक्ष्मजीवों को बढ़ाता है
➡️ गुड़ के लाभ⬇️
गुड़ में कैल्शियम मैग्नीशियम आयरन और पोटैशियम जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व होते हैं।
➡️ मिट्टी में सूक्ष्मजीवों की संख्या और सक्रियता बढ़ाता है।
➡️ पौधों को पोषक तत्व बेहतर तरीके से सोखने में मदद करता है।
➡️पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता और वृद्धि दोनों में सुधार करता है।
➡️गुड़ खाद के रूप में क्यों काम करता है ⬇️
➡️ इसमें प्राकृतिक शर्करा होती है, जो लाभकारी बैक्टीरिया व फफूंद के लिए ऊर्जा स्रोत का काम करती है।
➡️यह जैविक खाद और कम्पोस्ट में मिलकर नाइट्रोजन को सक्रिय करता है।
➡️ मिट्टी का माइक्रोबियल बैलेंस सुधारता है और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है।
➡️गुड़ के उपयोग के तरीके ⬇️
➡️जैविक खाद के रूप में
➡️सामग्री: 200 ग्राम गुड़ + 10 लीटर पानी + 1 किलो गोबर खाद
➡️विधि ⬇️
➡️ गुड़ को पानी में घोलें और 24 घंटे छायादार स्थान पर रखें।
➡️ फिर गोबर मिलाकर पौधों की जड़ों में डालें।
• लाभ:
➡️ मिट्टी में जैविक गतिविधि बढ़ती है।
➡️ पौधों की जड़ों को अधिक पोषण मिलता है।
➡️ गुड़ + छाछ का उपयोग⬇️
➡️ सामग्री: 200 ग्राम गुड़ + 2 लीटर छाछ + 10 लीटर पानी
➡️विधि ⬇️
➡️ गुड़ और छाछ को पानी में मिलाएं।
➡️ 3 से 4 दिन छोड़ दें ताकि बैक्टीरिया सक्रिय हो जाएं। ➡️फिर पौधों की जड़ों में डालें।
➡️लाभ⬇️
➡️ हानिकारक फफूंद व कीटों को दूर करता है।
➡️लाभकारी बैक्टीरिया की संख्या बढ़ती है।
➡️फसल की वृद्धि तेज होती है।
➡️गुड़ + जैविक खाद का मिश्रण ⬇️
➡️सामग्री: 200 ग्राम गुड़ + 500 मिलीलीटर पानी + 10 किलो गोबर खाद
➡️विधि: घोल बनाकर खाद में मिलाएं और मिट्टी में डालें।
➡️लाभ: मिट्टी की उर्वरता और उत्पादन क्षमता बढ़ती है।

➡️ ग्रोथ बढ़ाना ⬇️

➡️विधि: 1 लीटर पानी में 100 ग्राम गुड़ मिलाकर पौधों की जड़ों में डालें।
➡️लाभ: पौधे तेजी से बढ़ते हैं।
➡️जैविक कीटनाशक⬇️
➡️विधि: 1 लीटर पानी + 50 ग्राम गुड़ + 10 मिलीलीटर नीम का तेल मिलाकर स्प्रे करें।
➡️लाभ: कीटों को दूर रखता है और पौधों को रोगों से बचाता है।गुड़ का फसलों को बहुत फायदा मिल रहा है ।
#किसान #जैविक #खेती #गुड़ #फसल
आपका अपना किसान मित्र Narpat Ram ✍️

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