11/01/2022
छात्रों/विद्यार्थियों के लिए प्रेरक सुविचार
लेख में सबसे पहले छात्रों के लिए स्वामी विवेकानंद के प्रेरक विचारों के बारे में बताने जा रहे है :
उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो।
खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है।
तुम्हें कोई पढ़ा नहीं सकता, कोई आध्यात्मिक नहीं बना सकता। तुमको सब कुछ खुद अंदर से सीखना हैं। आत्मा से अच्छा कोई शिक्षक नहीं हैं।
सत्य को हजार तरीकों से बताया जा सकता है, फिर भी हर एक सत्य ही होगा।
बाहरी स्वभाव केवल अंदरूनी स्वभाव का बड़ा रूप है।
ब्रह्माण्ड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं। वो हम ही हैं, जो अपनी आंखों पर हाथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अंधकार है।
विश्व एक विशाल व्यायामशाला है, जहां हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं।
दिल और दिमाग के टकराव में दिल की सुनो।
किसी दिन, जब आपके सामने कोई समस्या न आए – आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं।
एक समय में एक काम करो और ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमें डाल दो और बाकी सब कुछ भूल जाओ।
जब तक जीना, तब तक सीखना – अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है।
जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते, तब तक आप भगवान पर विश्वास नहीं कर सकते।
जो अग्नि हमें गर्मी देती है, हमें नष्ट भी कर सकती है, यह अग्नि का दोष नहीं हैं।
चिंतन करो, चिंता नहीं, नए विचारों को जन्म दो।
हम वो हैं, जो हमें हमारी सोच ने बनाया है। इसलिए, इस बात का ध्यान रखिए कि आप क्या सोचते हैं। शब्द गौण हैं, विचार रहते हैं, वे दूर तक यात्रा करते हैं। निराला जी