03/06/2026
सम्भल (देवभूमि कल्कि नगरी)- गौरवमयी क्षण:- तपोनिष्ठ संत शिरोमणि पूज्य पाद श्री श्री 1008 श्री कृष्णानन्द पुरी जी महाराज का मिला प्रियांशु पाठक जी को पावन आशीर्वाद।
कहते हैं जब कठिन परिश्रम, अटूट राष्ट्रभक्ति और बड़ों का आशीर्वाद एक साथ मिलते हैं, तो सफलता का इतिहास रचा जाता है। ऐसा ही एक गौरवान्वित और दिव्य क्षण आज पावन वन विहार आश्रम, देवभूमि कल्कि नगरी सम्भल में देखने को मिला।
ग्राम सिहोरी के गौरव, सुधाकर पाठक जी के सुपुत्र एवं संदीप पाठक जी के प्रिय भतीजे श्री प्रियांशु पाठक जी ने भारतीय नौसेना (Indian Navy) में लेफ्टिनेंट कर्नल (कमांडिंग रैंक) के प्रतिष्ठित पद पर सुशोभित होकर न केवल अपने परिवार, बल्कि संपूर्ण क्षेत्र का नाम पूरे देश में रोशन किया है।
आश्रम आगमन पर भव्य स्वागत और तपोनिष्ठ संत शिरोमणि पूज्य पाद श्री कृष्णानन्द पुरी महाराज श्री का आशीष
इस अभूतपूर्व सफलता के पश्चात, प्रियांशु पाठक जी प्रथम बार पावन वन विहार आश्रम पधारे।
इस अवसर पर तपोनिष्ठ संत शिरोमणि पूज्य पाद श्री श्री 1008 श्री कृष्णानन्द पुरी (त्यागी जी) महाराज श्री ने उन्हें सादगी और भव्यता के साथ अपना स्नेहिल आशीर्वाद प्रदान किया।
महाराज श्री ने प्रियांशु पाठक जी का आत्मीय स्वागत करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा:
"देश की सेवा सर्वोपरि धर्म है। सनातन संस्कारों से ओत-प्रोत होकर जब देश का युवा राष्ट्र रक्षा का संकल्प लेता है, तो मां भारती का मस्तक गर्व से ऊंचा हो जाता है।
प्रियांशु की यह सफलता आगामी पीढ़ी के लिए एक महान प्रेरणा है।"
प्रियांशु पाठक जी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि और महाराज श्री के पावन सानिध्य की तस्वीरें सामने आने के बाद से ही पूरे क्षेत्र और सिहोरी ग्राम में हर्षोल्लास का माहौल है। परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों द्वारा निरंतर बधाइयों का तांता लगा हुआ है।
यह क्षण इस बात का जीवंत प्रमाण है कि संस्कारों की छांव और गुरु के आशीर्वाद से जीवन के उच्चतम शिखरों को छुआ जा सकता है।
सभी ने प्रियांशु पाठक जी के इस गौरवमयी सफर और राष्ट्र सेवा के संकल्प को कोटि-कोटि नमन करते हुए और उनके यशस्वी जीवन की कामना की।
जय हिन्द, जय भारत!
#सम्भलदर्शन