06/05/2026
बिहार में 208 नए डिग्री कॉलेजों पर बड़ा फैसला: 2026 सत्र से 6 विषयों में एडमिशन, 5 दिन में होंगे प्रभारी प्राचार्य नियुक्त...
बिहार के 208 प्रखंडों में खुलने वाले नए डिग्री कॉलेजों को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया तेज कर दी है। गुरुवार को हुई ऑनलाइन बैठक में सभी संबंधित विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया गया कि पांच दिनों के भीतर हर कॉलेज के लिए प्रभारी प्राचार्य नियुक्त कर दिए जाएं, ताकि नए सत्र की तैयारियां समय पर पूरी हो सकें।
इन कॉलेजों में पढ़ाई की शुरुआत सीमित विषयों से होगी। पहले चरण में हिंदी, अंग्रेजी, इकोनॉमिक्स, पॉलिटिकल साइंस, इतिहास और समाजशास्त्र—इन छह विषयों की पढ़ाई शुरू की जाएगी। सत्र 2026 से प्रत्येक विषय में 50-50 सीटों पर नामांकन होगा, यानी हर कॉलेज में कुल 300 सीटों पर एडमिशन लिया जाएगा। यह प्रक्रिया संबंधित विश्वविद्यालयों के माध्यम से पूरी की जाएगी।
कॉलेजों के नाम भी एक तय पैटर्न पर होंगे। हर संस्थान का नाम ‘राजकीय डिग्री महाविद्यालय’ के साथ संबंधित प्रखंड के नाम पर रखा जाएगा, जैसे ‘राजकीय डिग्री महाविद्यालय मनेर’। इससे सभी कॉलेजों की पहचान एक समान तरीके से होगी।
प्रभारी प्राचार्य की जिम्मेदारी प्रोफेसर या एसोसिएट प्रोफेसर स्तर के शिक्षकों को दी जाएगी। जिन विश्वविद्यालयों में एसोसिएट प्रोफेसर की कमी है, वहां आगे अलग दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। साथ ही, हर कॉलेज में छह विषयों के अनुसार एक से दो शिक्षकों की तैनाती करने को कहा गया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि नए कॉलेजों में गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति नहीं होगी।
पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी के तहत पटना और नालंदा के 16 प्रखंडों में भी कॉलेज खुलेंगे। नालंदा के रहुई, नूरसराय, बिंद, नगरनौसा, कतरीसराय, थरथरी, कराय-परसुराय, परवलपुर और सरमेरा के साथ पटना के संपतचक, दनियावां, खुसरूपुर, अथमलगोला, बेलछी, घोसवरी और मनेर इसमें शामिल हैं।
हर कॉलेज को 50 लाख रुपये दिए जाएंगे और कुल 104 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। साथ ही 9,152 शिक्षकों और कर्मचारियों के पद सृजित होंगे। इन कॉलेजों के शुरू होने से ग्रामीण और दूरदराज के छात्रों को उच्च शिक्षा का बेहतर अवसर मिल सकेगा।