20/02/2025
कल को किसने देखा है, न मैंने देखा है, न तुमने देखा है। शायद आशाएं पंख लगाकर कल रूपी आसमान में उड़ती हैं लेकिन समय की आँधियों में उलझकर वास्तविकता की जमीन पर गिरती हैं आजकल सुनने में आता है कल ये होगा परन्तु --------
आज श्री अतुल सक्सेना जी के पुत्र अयान सक्सेना ने अपना जन्म दिन बुजुर्गो के साथ बुजुर्ग आश्रम में बड़ी हे सादगी एव प्रेम भाव से मनाया। सभी बुजुर्गो के लिए कुरता पायजामा , माताओ के लिए साड़ी, मिस्ठान आदि के द्वारा प्रेम भाव समर्पित किया । सभी बुजुगो का आशीर्वाद आप तथा आप के माता पिता पे बना रहे। खूब उन्नति करे तथा जरुरत मांडो की सेवा करते रहे। हरे कृष्णा।।