19/10/2026
🔥 निमंत्रण के मोहताज नहीं, समाज के स्वाभिमान के लिए खड़े होने वाले हैं हम! 🔥**
आजकल समाज के कुछ लोग निमंत्रण की बात करते हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूँ कि जिनके खून में समाज के प्रति जुनून और स्वाभिमान का उबाल होता है, वे निमंत्रण के इंतजार में नहीं बैठते, बल्कि समाज के सम्मान के लिए खुद आगे आते हैं।
**जब-जब समाज के लिए जरूरत पड़ी, हमने बिना निमंत्रण के अपना कर्तव्य निभाया है।**
🔹 जब हमने **महाराजा सूरजमल की #मूर्ति स्थापना** की घोषणा की, तब हमें कोई निमंत्रण देने नहीं आया।
🔹 जब सादाबाद नगर पंचायत में ** #वीर गोकुला जाट** का नाम हटा दिया ओर उसे पुनः लिखवाने की बात आई, तब भी हमें कोई निमंत्रण नहीं मिला।
🔹 जब महापुरुषों की मूर्ति (चौधरी चरन सिंह)बदहाल स्थिति में पड़ी थीं, तब हमने आगे आकर उनकी साफ-सफाई और रंग-पेंट कराने का काम किया। उस समय भी किसी ने निमंत्रण नहीं दिया।
🔹 जब किसान भवन की हालत खराब थी, तब हमारे युवा साथियों ने आगे आकर उसके नवीनीकरण में योगदान दिया। वहाँ भी किसी निमंत्रण का इंतजार नहीं किया।
🔹 जब हमने **महाराजा सूरजमल के इतिहास (शोभायात्रा)और उनके गौरव को समाज के सामने लाने** का प्रयास किया, तब भी कोई निमंत्रण देने नहीं आया। हमने अपने विवेक, अपनी सोच और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए यह कदम उठाया।
🫵 सादाबाद क्षेत्र के बिसाबर में वीर गोकुला जाट मूर्ति का अनावरण हुआ हमारे पास तब भी कोई निमंत्रण नहीं आया लेकिन हम गये ओर प्रचार किया साथ चौ. जयंत सिंह जी को गदा भी भेंट की
**अब निमंत्रण मांगने वालों से मेरा विनम्र निवेदन है कि वे पहले अपने समाज में, अपनी गलियों में और अपने आसपास झाँककर देखें।** समाज के लिए किसने क्या किया है, इसका आकलन निमंत्रण से नहीं, बल्कि कर्मों से होना चाहिए।
हमारा उद्देश्य किसी का विरोध करना नहीं, बल्कि समाज के स्वाभिमान, महापुरुषों के सम्मान और युवाओं में जागरूकता पैदा करना है।
**याद रखना—समाज के सच्चे सेवक निमंत्रण के इंतजार में नहीं बैठते, वे जरूरत पड़ने पर खुद मैदान में उतरते हैं।**
🇮🇳 जय हिंद!
🇮🇳 जय भारत!
🚩 जय जाट समाज!