04/07/2024
Asaduddin Owaisi के बाद अगर कोई दलितो और मुसलमानो का आवाज उठा रहा है तो वह हैं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष Chandra Shekhar Aazad,
नगीना लोकसभा से सांसद बने हैं जहां दलित समाज से ज्यादा वोट मुस्लिम समाज ने दिया है, नगीना लोकसभा में 6 लाख से ज्यादा मुस्लिम वोट है यही कारण है की चंद्रशेखर आजाद दलितो मुसलमानो के मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं लेकिन बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी के जितना नही, असदुद्दीन ओवैसी पिछले 15 सालो से पूरे भारत का खाक छान रहे हैं लेकिन लोग विश्वास करने को तैयार नही हैं खासकर मुस्लिम समाज भी AIMIM और असदुद्दीन ओवैसी पर यकीन नही कर रही है, वहीं आजाद समाज पार्टी चंद्रशेखर आजाद का ना कहीं संगठन ना कोई ढांचा जुमा जुमा आठ दिन सियासत में आकर नगीना से सांसद बन गए वह भी मुसलमानो के बादौलत.....
आने वाले 2027 उत्तर प्रदेश में चंद्रशेखर आजाद की पार्टी को 7 से 10 विधायक बन जाएगें और अगर इंडिया गठबंधन की सरकार बनी तो हिस्सेदारी भागीदारी भी मिलेगा....
पोस्ट लिखने का मतलब यह है मुस्लिम समाज सब पर भरोसा विश्वास कर लेता है मुस्लिम लीडरों पर क्यों नही...?
आज एक बात याद आ गई 1989/1990 के समय की बात है रामविलास पासवान को हाजीपुर से मुसलमानो ने ही नेता बनाया था 5 लाख वोटो से जिताया था लेकिन बाद में भाजपा से गठबंधन करके खुद मलाई खाते रहे आज उनका बेटा चिराग पासवान मलाई खा रहे हैं!!