13/05/2021
एसएफआई ने सभी इच्छुक नागरिकों के लिए वैक्सीन उपलब्ध हो इसके लिए किया ऑनलाइन प्रदर्शन
जींद, 13 मई।
आज स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया जिला कमेटी द्वारा कोरोना वायरस की दूसरी लहर से प्रभावित जनता के साथ व स्वास्थ्य सेवाओं में हो रही कालाबजारी पर रोक लगवाने हेतु और भी मांगों को लेकर ऑनलाइन पोस्टर प्रदर्शन किया जिसमें सैकड़ों नौजवानों ने इसमें हिस्सा लिया और मनोहर लाल खट्टर को ईमेल के माध्यम से भी सैकड़ों ज्ञापन भेजे गए। जिला प्रधान पूनम जांगड़ा ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर पहले की लहर से कहीं अधिक भयंकर साबित हो रही है। संक्रमितों की संख्या व इससे होने वाली मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव ने संकट को ज्यादा गंभीर बनाया है। लोग इलाज के अभाव में भारी परेशानियां झेल रहे हैं। ऐसे हालात में गरीब जनता व किसान, मजदूर , छात्र , नौजवानों को यह संकट दोतरफा ढंग से प्रभावित कर रहा है। एक तरफ बीमारी से लड़ना व बचना है और दूसरी तरफ भूखे मरने से बचना है क्योंकि जीवनयापन के लिए आर्थिक गतिविधियां काफी कम हो गई है। इसका सबसे बुरा असर उन पर दिखा है जो हर दिन काम करके गुजारा करते हैं । इसलिए आपदा के समय स्टूडैंट्स फैडरेशन आॅफ इंडिया के माध्यम से पत्र लिखकर कुछ फौरी सुझाव दे रहे हैं। हम कहना चाहते हैं कि कोरोना वायरस के संक्रमण के समय काम कर रहे चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ , आशा वर्कर्स, सफाई कर्मी, मजदूर, छात्रों और कर्मचारियों की निजी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। इस बारे कोई भी ढील अथवा लापरवाही घातक सिद्ध हो सकती है ।
राज्य सह-सचि दीपक बेैरीवाल ने कहा बताया कि इसके अतिरिक्त कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए यह आवश्यक है कि राज्य में जितने भी संदिग्ध लोग हस्पतालों में आते हैं उनका टेस्ट किया जाना सुनिश्चित किया जाए। क्योंकि अभी भी हस्पतालों के अंदर मरीजों की सही तरीके से जांच नहीं हो पा रही है । सभी जरुरतमंद मरीजों के लिए ऑक्सीजन व जरूरी दवाइयों और रेमडेसिविर इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित हो तथा इसकी कालाबाजारी पर रोक लगाई जाए। इसलिए हम आपके समक्ष निम्नलिखित बिन्दु रखना चाहते है तथा उम्मीद करते हैं कि राज्य सरकार इस दिशा में त्वरित कार्यवाही हेतू कदम उठाएगी:-
1. सभी जरूरतमंद मरीजों के लिए ऑक्सीजन व जरूरी दवाइयों और रीमेडेसिवर इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित हो तथा इनकी कालाबाजारी पर रोक लगाई जाए। होम आइसोलेशन के मरीजों के लिए भी ऑक्सीजन उपलब्ध करवाई जाए। सिविल हस्पताल में आक्सीजन प्लांट तुरंत शुरू किया जाए।
2. सभी गंभीर मरीजों के लिए वेंटिलेटर उपलब्ध हो, सिविल अस्पताल के सभी वेंटीलेटर शुरू किए जाएं और जल्द ही नए वेंटिलेटर मंगवाए जाएं। जो भी मरीज नागरिक हस्पताल में इलाज के लिए आता है उसका ईलाज करना सरकार की जिम्मेदारी है इसके लिए बेड कम है तो सरकार बेड़ों की संख्या बढाये या प्राइवेट हस्पताल से बेड अधिग्रहण करें ।
3. डॉक्टर्स, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती जल्द से जल्द की जाए।
4. निजी अस्पतालों की लूट , खसोट पर रोक लगे और ऑक्सीजन व आईसीयू बेड के चार्जेस कम किए जाएं। प्राइवेट हस्पताल में ईलाज ले रहे सभी मरीजों का पूरा खर्च सरकार वहन करे।
5. कोविड मरीजों की जानकारी, ऑक्सीजन बेड की उपलब्धता, वेंटीलेटर व अन्य जानकारियां सिंगल विंडो पर उपलब्ध हो ताकि मरीजों और उनके सम्बन्धियों को भटकना न पड़े।
6. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र , उप स्वास्थ्य केंद्रों को पूरी सुविधाएं प्रदान करते हुए मजबूत बनाया जाए ताकि करोना काल में प्रोटोकॉल मेंटेन किया जा सके। विकेंद्रीकरण के माध्यम से कोरोनावायरस की चेन ब्रेक की जा सके।
7. लॉकडाउन की वजह से और कोविड के चलते बड़ी संख्या में मजदूर और छोटे किसानों की आमदनी बंद हो गई है। इसलिए उन्हें 7500₹ प्रति महीना प्रति परिवार 6 महीने तक दिए जाएं और सभी को 10 किलो अनाज प्रति व्यक्ति प्रति महीना व अन्य जरूरत की वस्तुएं दी जाए।
8. प्रवासी मजदूर जो लॉकडाउन के समय अपने घर जाना चाहते हैं उनके घर जाने का प्रबंध किया जाए।
9. सभी इच्छुक नागरिकों के लिए वैक्सीन उपलब्ध हो।
10. PHC स्तर पर हर रोज कोविड सैंपलिंग की व्यवस्था हो।
-जिला सचिव मनीष ने बताया है की स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया ( SFI) छात्र संगठन के कार्यकर्ता अलग-अलग जिलों में प्रशासन से सम्पर्क कर रहे हैं और हर प्रकार से अपनी सेवाएं देने को तैयार हैं। हम आपको भी एक बार फिर आश्वस्त कर रहे हैं कि हमारा संगठन इस आपदा के समय में हर प्रकार से सरकार की मदद के लिए तत्पर रहेगा।