06/10/2025
झारखंड की मिट्टी में हर जाति, हर वर्ग का पसीना, आँसू और खून शामिल है।
हमने साथ मिलकर इस राज्य को बनाया - आदिवासी, दलित, ओबीसी, सवर्ण - हर समुदाय ने अपने हिस्से का संघर्ष झेला, बलिदान दिया।
तो फिर सवाल उठता है - जब OBC समाज, जो झारखंड की सबसे बड़ी आबादी है, तो उसका हक़ सबसे पीछे क्यों है? क्यों आज भी OBC समुदाय को 27% आरक्षण जो उसका संवैधानिक अधिकार है उसे नहीं दिया जा रहा? क्यों हमारी नई पीढ़ी बिना अवसरों के पीछे छूटती जा रही है?
हमने भी इस राज्य के लिए लाठियाँ खाईं, जेल गए, जान दी - फिर विकास की मेज़ पर हमें कुर्सी क्यों नहीं मिलती? क्या हमारे पूरखों के मेहनत, हमारी संख्या, हमारी कुर्बानियाँ गिनती में नहीं आती?
अब वक़्त है एकजुट होने का। अब वक़्त है शांतिपूर्वक लेकिन मज़बूती से आवाज़ उठाने का। OBC समाज अब जाग चुका है! अब हम चुप नहीं बैठेंगे,
अब हमारी गिनती भी होगी, और हमारी हिस्सेदारी भी। हम लड़ेंगे - कानूनी लड़ाई, लोकतांत्रिक लड़ाई - जब तक हक़ नहीं मिलेगा, तब तक रुकेंगे नहीं।
्षण_झारखंड
#झारखंड_में_27प्रतिशत
#सबका_खून_बहा_है_तो_हक़_भी_बराबर_चाहिए
#झारखंड_मांगे_इंसाफ
ा_सम्मान_झारखंड_की_शान