झारखण्ड राज्य के मूलनिवासी डॉ. कुमार राजा वर्तमान में रांची महानगर कांग्रेस के अध्यक्ष है। इनके राजनैतिक सफर की शुरुआत वर्ष 2006 में नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ़ इंडिया के रांची महानगर के अध्यक्ष रूप में शुरू हुई थी, साथ ही अपने कॉलेज के समय से ही यह कई तरह के छात्र आंदोलन और जन समस्याओं के मुद्दों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते आये है। आत्मविश्वासी और अडिग व्यक्तित्व होने के कारण ही ना सिर्फ इन्होने झार
खण्ड जैसे पिछड़े राज्य में शिक्षा के अधिकार का अधिनियम लागू करवाने के प्रयास में अहम भूमिका निभाई, बल्कि यहाँ के गरीब आदिवासी और पिछड़े वर्गो से सामंजस्य स्थापित कर उन्हें इस अधिनियम के बारे में अवगत कराकर जागरूक किया, और उनके बच्चों को इस अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में दाखिला भी करवाया। जिसके बाद यह लगातार कई जन समस्याओं और विवादित मुद्दों में हस्तक्षेप करना शुरू कर दिए जिसे सरकार दरकिनार कर दिया करती थी।
कुमार राजा का जन्म झारखण्ड राज्य के रांची जिले में दिनांक 1 मई 1984 को एक मध्यम वर्गीय घर में हुआ था। इनके पिता बिजय कुमार बर्मन पेशे से व्यव्यसायी हैं। उसके साथ ही कई तरह के सामाजिक कार्यक्रमों का संचालन भी करते आये हैं। इनकी माता का नाम श्रीमती गीता बर्मन है। इनकी एक छोटी बहन है। इन्होने अपने मैट्रिक की डिग्री गुरुनानक स्कूल से ली थी और इंटरमीडिएट की शिक्षा ज़ेवियर कॉलेज से ली थी जिसके पश्चात बीकॉम की पढ़ाई के लिए इन्होने अपना दाखिला पुणे यूनिवर्सिटी में करवाया।लेकिन, झारखण्ड के लोगों की बदहाली देख कर और अपने बुनियादी सुविधाओं के लिये संघर्ष करते देखा, तब जल्द ही इन्होने अपनी पढ़ाई पूर्ण कर वापस अपने राज्य झारखण्ड लौट आये।
और अपने स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिये रांची विश्वविद्यालय में दाख़िला लिया, साथ ही साथ जनता और खास तौर से छात्रों के अधिकार से जुड़े आंदोलनों में अहम भूमिका निभाई। इन सब के दौरान ही यह अपने बचपन की दोस्त पूजा गौतम से परिणय सूत्र में बंध गये, इनकी एक संतान भी है। रोजमर्रा के ज़िन्दगी व्यस्त होने के बावजूद भी इनमे पढ़ने की ललक और जिज्ञासा हमेशा से रही है जिसके लिए इन्होंने अपने राज्य के किसानों के सहायता हेतु अपना दाखिला कोल्हान युनिवर्सिटी में करवाया और वहां, रांची जिले के किसान ग्रामीण बैंक के केस स्टडी पर पीएचडी की और डॉक्टरेट की मानक उपाधि प्राप्त की।