23/08/2026
8.7 करोड़ NEET युवा सरकार की नाकामी का प्रमाण, शिक्षा से रोजगार तक मजबूत व्यवस्था बनाए केंद्र : AISF
रांची, 22 अगस्त: NITI Aayog की “Reimagining Skilling for Viksit Bharat@2047” रिपोर्ट में सामने आया है कि वर्ष 2021 में 15 से 29 वर्ष की उम्र के लगभग 8.7 करोड़ युवा शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण—किसी से भी नहीं जुड़े थे। यह आंकड़ा देश के युवाओं के सामने खड़े गंभीर रोजगार और शिक्षा संकट को उजागर करता है।
AISF जिला अध्यक्ष एहतेशाम परवीन ने कहा कि सरकार युवाओं की संख्या को “स्किल” करने के आंकड़ों से अपनी उपलब्धि बता रही है, लेकिन असली सवाल यह है कि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को स्थायी और सम्मानजनक रोजगार कितना मिला। यदि करोड़ों युवा शिक्षा, रोजगार और प्रशिक्षण से बाहर हैं, तो केवल प्रशिक्षण कार्यक्रमों और बजट की घोषणा से समस्या का समाधान नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि NITI Aayog की रिपोर्ट में यह तथ्य बेहद चिंताजनक है कि सिर्फ 8.25 प्रतिशत graduates ही अपनी qualification के अनुरूप रोजगार में हैं। इससे स्पष्ट है कि देश की शिक्षा व्यवस्था और रोजगार बाजार के बीच गंभीर disconnect है। डिग्री हासिल करने के बाद भी युवाओं को कम वेतन वाली नौकरियां स्वीकार करने या बेरोजगारी का सामना करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
एहतेशाम परवीन ने कहा कि Class 6 से skill और entrepreneurship education शुरू करने का प्रस्ताव स्वागत योग्य है, लेकिन इसे केवल पाठ्यक्रम में जोड़ देना पर्याप्त नहीं है। सरकारी स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षक, आधुनिक laboratories, practical training, industry exposure और पर्याप्त infrastructure उपलब्ध कराना भी जरूरी है। गरीब छात्रों को vocational education के नाम पर सस्ती या कम गुणवत्ता वाली शिक्षा तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि apprenticeship और “earn-while-you-learn” programmes को बढ़ावा देने की जरूरत है, लेकिन इन योजनाओं में छात्रों के अधिकार, उचित stipend, job security और exploitation से सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए। MSMEs को incentives देने के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि apprenticeship को सस्ते श्रम के विकल्प के रूप में इस्तेमाल न किया जाए।
AISF ने सरकार से मांग की कि:
- युवाओं के लिए स्थायी और सम्मानजनक रोजगार पैदा करने की ठोस नीति बनाई जाए।
- सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में मुफ्त vocational और skill education की व्यवस्था हो।
- Higher education को केवल degree देने वाली व्यवस्था के बजाय quality education, practical exposure और रोजगार से जोड़ने वाली व्यवस्था बनाया जाए।
- सरकार हर साल training के आंकड़े जारी करने के साथ यह भी बताए कि training प्राप्त करने वाले कितने युवाओं को स्थायी रोजगार या स्वरोजगार मिला।
एहतेशाम परवीन ने कहा, “देश के करोड़ों युवाओं को केवल ‘skill’ नहीं, बल्कि शिक्षा का अधिकार, रोजगार का अवसर और सम्मानजनक भविष्य चाहिए। सरकार को आंकड़ों की राजनीति छोड़कर शिक्षा और रोजगार के बीच वास्तविक पुल बनाना होगा। अन्यथा ‘Viksit Bharat’ का सपना युवाओं की बेरोजगारी और असुरक्षित रोजगार की हकीकत के सामने खोखला साबित होगा।”
— एहतेशाम परवीन
जिला अध्यक्ष, AISF