31/03/2025
🌷 *नववर्ष शुभ हो*🌷
आज चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि - हमारे कैलेंडर का प्रथम दिवस।
चैत्र नवरात्रि की साधना आध्यात्मिक इच्छाओं की पूर्ति करने वाली है, वहीं शारदीय नवरात्रि सांसारिक इच्छाओं को पूरा करने वाली मानी जाती है।
*क्रम महत्वपूर्ण है - हमारे दर्शन में आध्यत्म से संसार है, संसार से अध्यात्म नही।* हम अक्सर उल्टा चलते हैं, न माया मिलती है, न राम।
नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती के पाठ का विशेष महत्व है। मान्यता के अनुसार हर अध्याय का विशिष्ट महत्व है। प्रथम अध्याय के पाठ से चिंताओं से मुक्ति मिलती है तो तेरहवें अध्याय के पाठ से देवी की भक्ति एवं कृपा दृष्टि प्राप्त होती है।
*यानी सद्गति की राह, चिंताओं से मुक्ति के साथ शुरुआत होती है और असीम अखंड आनंद पर समाप्त होती है। हम अक्सर यहां भी गलती कर जाते हैं। आनंद की तलाश में चिंताएं पाल लेते हैं। फिर तलाश पूरी हो तो कैसे हो।* अगर हम क्रम सही कर सकें, तो देवी कृपा स्वयं हो जाएगी।
ज्योतिषी बता रहें हैं कि इस वर्ष के राजा और मंत्री दोनों ही सूर्यदेव रहेंगे। नतीजा गर्मी ज्यादा रहेगी। *कोशिश करें कि चाहे गर्मी सूरज की हो, पद की या पैसे की, उसे सर पर न चढ़ने दें, विनम्रता का पूरी बांह का कुर्ता न भी हो तो शिष्टता का अंगोछा जरूर बांध के रखें। इतना कर सके तो यकीनन अच्छी गर्मी, अच्छी बारिश भी देगी .. बारिश प्रेम की, प्रतिष्ठा की,उपलब्धि की।*
ज्योतिषी यह भी बता रहें है कि अत्यंत शुभ संकेत यह भी है कि *इस चैत्र नवरात्रि में मां भगवती हाथी पर सवार होकर आएंगी और प्रस्थान भी हाथी पर बैठकर ही करेंगी।* हाथी को समृद्धि और शांति का प्रतीक माना जाता है। संकेत यह कि इस वर्ष नवरात्रि पर्व शुभ फल देने वाला होगा और घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। *हमें करना बस इतना है कि जरा दिल के दरवाजे को बड़ा करके रखें, सकरे रास्तों से सुख सम्रद्धि का हाथी नही गुजरता।*
आज देवी भगवती से यही प्रार्थना :-
_"ॐ, सर्वे भवन्तु सुखिनः,_
_सर्वे सन्तु निरामयाः |_
_सर्वे भद्रान्नि पश्यन्तुमाँ,_
_कश्चिद्-दुःख-भाग-भवेत् |_
_ॐ शांतिः शांतिः शांतिः ||"_
(1: हे ईश्वर, सभी सुखी रहें ,
2: सभी निरोगी रहें।
3: सभी मंगल के साक्षी हों,
4: किसी को दुख कष्ट न हो।
5: ॐ शांति , शांति , शांति ।)
अभिनव भागवत
जिला अध्यक्ष रायपुर
भारतीय शक्ति संघ भारत
🙏🌷🌷🙏