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मेरा गुरु... 🙏🙏
27/07/2026

मेरा गुरु... 🙏🙏

विश्वास विकास पर, विश्वास एनडीए सरकार पर..बांकीपुर का बाकरगंज नाला रोड जो कभी कचरे और गंदगी की पहचान थी, वही आज बदलते बा...
27/07/2026

विश्वास विकास पर, विश्वास एनडीए सरकार पर..

बांकीपुर का बाकरगंज नाला रोड जो कभी कचरे और गंदगी की पहचान थी, वही आज बदलते बांकीपुर की पहचान है। यह विकास मार्ग सिर्फ एक परियोजना नहीं, बल्कि बांकीपुर के उज्ज्वल भविष्य की नींव है।

इसलिए 30 जुलाई को फिर से कमल का बटन दबाइए और बांकीपुर में विकास की रफ्तार बढ़ाइए।



बिहार की बेटी ने बढ़ाया देश का अभिमान!बिहार की बेटी सबिता महतो जी ने 19,400 फीट ऊंचे मिग ला पास तक 265 किलोमीटर की चुनौत...
27/07/2026

बिहार की बेटी ने बढ़ाया देश का अभिमान!

बिहार की बेटी सबिता महतो जी ने 19,400 फीट ऊंचे मिग ला पास तक 265 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण अल्ट्रा रन सिर्फ 6 दिनों पूरी कर साहस और संकल्प की नई मिसाल कायम की है।

आपकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूरे बिहार एवं देश के हर बेटी के लिए प्रेरणादायी है।

पूरे बिहार की ओर से आपको हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं।

बिहार के गौरव, बांकीपुर की शान, विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री Nitin Nabin जी का हार्दि...
27/07/2026

बिहार के गौरव, बांकीपुर की शान, विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री Nitin Nabin जी का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन!

कल के कार्यक्रम में आपका आगमन सभी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा, उत्साह और गौरव का विषय है। आपके मार्गदर्शन से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और बांकीपुर में विजय का संकल्प और भी सशक्त होगा।

आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सशक्त हो रहा बिहार!400 बेड के अत्याधुनिक अस्पताल के लोकार्पण से स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई...
26/07/2026

आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सशक्त हो रहा बिहार!

400 बेड के अत्याधुनिक अस्पताल के लोकार्पण से स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई मजबूती। अब हड्डी रोग, बोन कैंसर और स्पोर्ट्स इंजरी के बेहतर इलाज के लिए राज्य से बाहर जाने की जरूरत नहीं।

NDA सरकार बिहार को देश का अग्रणी हेल्थ हब बनाने के संकल्प को साकार कर रही है।


सेवा के 100 दिन...  हर रास्ता विकास की ओर!माननीय मुख्यमंत्री श्री Samrat Choudhary जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार के 100 ...
26/07/2026

सेवा के 100 दिन... हर रास्ता विकास की ओर!

माननीय मुख्यमंत्री श्री Samrat Choudhary जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार के 100 दिनों में बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिली है।

33,464 करोड़ की लागत से 52 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की मंजूरी, 380 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग को 2 लेन से 4 लेन की मंजूरी, नए पुलों का निर्माण, बाईपास निर्माण, ये केवल परियोजनाएं नहीं, बल्कि करोड़ों बिहारवासियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी की मजबूत नींव है।



कर्म ही परम सत्य है अनुष्ठान नहीं, आचरण काटता है पाप"भ्रम में हैं, गंगा में डुबकी लगाने वाले। गंगापुत्र भीष्म भी नहीं बच...
25/07/2026

कर्म ही परम सत्य है अनुष्ठान नहीं, आचरण काटता है पाप
"भ्रम में हैं, गंगा में डुबकी लगाने वाले।
गंगापुत्र भीष्म भी नहीं बचे, जब कर्म गिनाए बांसुरी वाले ने ॥"

भारतीय दर्शन में पवित्र नदियों में स्नान, तीर्थ यात्रा और धार्मिक अनुष्ठानों का एक विशेष महत्त्व रहा है। सदियों से यह मान्यता चली आ रही है कि पवित्र गंगा में डुबकी लगाने से मनुष्य के समस्त पाप धुल जाते हैं। लेकिन महाभारत के युद्धक्षेत्र में सरशय्या पर लेटे महामहिम भीष्म और श्री कृष्ण के संवाद से जो सत्य उभरकर सामने आता है, वह इस बाहरी अनुष्ठानिक विश्वास की जड़ें हिला देता है।
यह पंक्तियाँ केवल एक काव्यात्मक विचार नहीं हैं, बल्कि जीवन और कर्म के अटूट सिद्धांत की एक कठोर चेतावनी हैं।
गंगापुत्र का सामर्थ्य और कर्म का न्याय
पितामह भीष्म कोई साधारण मनुष्य नहीं थे। वे स्वयं गंगापुत्र थे—साक्षात पवित्रता और धर्म के प्रतीक। उनके पास इच्छामृत्यु का वरदान था, वे प्रकांड विद्वान थे, और उनका संपूर्ण जीवन त्याग और प्रतिज्ञा पालन की मिसाल माना जाता था।
इसके बावजूद, कुरुक्षेत्र के युद्ध मैदान में उन्हें बाणों की शय्या (सरशय्या) पर तड़पना पड़ा। जब उन्होंने श्री कृष्ण से इसका कारण पूछा, तो द्वारकाधीश ने उन्हें उनके कर्मों की याद दिलाई:
* मौन की सहभागिता: जब भरे दरबार में द्रौपदी का चीरहरण हो रहा था, तब धर्म और नीति के ज्ञाता होते हुए भी भीष्म का मौन रहना उनका सबसे बड़ा अधर्म बन गया।
* प्रतिज्ञा का अंधकार: राज्य और सिंहासन के प्रति बांधी गई प्रतिज्ञा को उन्होंने धर्म से ऊपर स्थान दिया, जिसके कारण अधर्म फलित होता रहा।
जिस गंगा जल से संसार अपने पाप धोने की आस लगाता है, उसी गंगा के पुत्र को भी अपने कर्म-फल से कोई मुक्ति नहीं मिली। जब 'बांसुरी वाले' (श्री कृष्ण) ने कर्मों का हिसाब किया, तो कुल, वंश और पवित्रता के सारे आवरण हट गए और केवल आचरण का सत्य शेष रह गया।
कर्म की अनिवार्यता बनाम अनुष्ठानों का भ्रम
प्रायः मनुष्य जीवन भर अनैतिक कार्य, छल, अन्याय या अधर्म में लिप्त रहता है और अंत में यह सोचकर आश्वस्त हो जाता है कि किसी तीर्थस्थल पर जाकर, दान देकर या नदी में डुबकी लगाकर वह निष्पाप हो जाएगा। यह पंक्तियाँ इसी आत्म-मुग्धता और भ्रम पर करारा प्रहार करती हैं।
* गंगा शरीर शुद्ध कर सकती है, नीयत नहीं: पवित्र नदियों में स्नान केवल कायिक (शारीरिक) शुद्धि का साधन हो सकता है, लेकिन मानसिक और आचरण संबंधी पापों का शमन केवल सत्कर्म और प्रायश्चित से ही संभव है।
* कर्म-चक्र निष्पक्ष है: प्रकृति का विधान किसी के साथ पक्षपात नहीं करता। चाहे कोई साधारण जन हो या भीष्म जैसा प्रतापी योद्धा, कर्म का फल हर किसी को भोगना ही पड़ता है।
* सक्रियता ही धर्म है: अन्याय के सामने मौन रहना या अधर्म का समर्थन करना भी एक दुष्कर्म है, जिसकी जवाबदेही से कोई बच नहीं सकता।
जीवन का सार: बांसुरी वाले की शिक्षा
भगवद्गीता के माध्यम से श्री कृष्ण ने स्पष्ट संदेश दिया है कि "कर्मण्येवाधिकारस्ते"। व्यक्ति का निर्माण उसके विचारों और कर्मों से होता है, न कि उसकी जाति, पद या धार्मिक आडंबरों से।
जीवन की सच्ची शुद्धि किसी नदी के तट पर नहीं, बल्कि हमारे विचारों की पवित्रता और हमारे कार्यों की नीयत में निहित है। यदि हम अपने दैनिक जीवन में न्याय, करुणा, सत्य और धर्म का मार्ग चुनते हैं, तो हमें किसी भ्रम में जीने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
निष्कर्ष:
गंगा में डुबकी लगाना श्रद्धा का विषय हो सकता है, लेकिन कर्म का न्याय ही इस ब्रह्मांड का अंतिम और परम सत्य है। इसलिए, कर्म सुधारिए; क्योंकि जब श्री कृष्ण के कटघरे में हिसाब होगा, तब केवल आपके आचरण का साक्ष्य ही मान्य होगा।
पंडित दीनानाथ उपाध्याय,,,,,,
अखण्ड भारत युवा दल,,,,,,,,,,,,,

संघ की शाखाओं का Placement देखकर Cambridge, Harvard, Oxford, IIM, IIT, BIT, NIT और पूरी दुनिया हैरान 🤔राष्ट्रपतिप्रधानमं...
25/02/2026

संघ की शाखाओं का Placement देखकर Cambridge, Harvard, Oxford, IIM, IIT, BIT, NIT और पूरी दुनिया हैरान 🤔

राष्ट्रपति
प्रधानमंत्री
गृहमंत्री
उपराष्ट्रपति
लोकसभा सभापती
18 मुख्यमंत्री
29 राज्यपाल

1 लाख शाखाएं
15 करोड़ स्वयंसेवक
2 लाख सरस्वती विद्यामंदिर
5 लाख आचार्य
एक करोड़ विद्यार्थी
2 करोड़ भारतीय मजदूर संघ के सदस्य
1 करोड़ ABVP के कार्यकर्ता
15 करोड़ बीजेपी सदस्य
1200 प्रकाशन समूह
9 हजार पूर्णकालिक एवं
7 लाख पूर्व सैनिक परिषद
1 करोड़ विश्व हिन्दू परिषद् सदस्य (पूरे विश्व में)
30 लाख बजरंग दल के हिन्दुत्व सेवक
1.5 लाख सेवाकार्य
18 राज्यों में सरकारें
215 लोकसभा सांसद
70 राज्यसभा सांसद
1560 विधायक

वनवासी कल्याण आश्रम,
वनबंधु परिषद,
संस्कार भारती,
विज्ञान भारती,
लघु उद्योग भारती,
सेवा सहयोग,
सेवा इंटरनॅशनल,
राष्ट्रीय सेविका समिती,
आरोग्य भारती,
दुर्गा वाहिनी,
सामाजिक समरसता मंच,
ऑर्गनाइजर,
पांच्यजन्य,
श्रीरामजन्म भूमी मंदिर निर्माण न्यास,
दीनदयाळ शोध संस्थान,
भारतीय विचार साधना,
संस्कृत भारती,
भारत विकास परिषद,
जम्मू-काश्मीर स्टडी सर्कल,
दृष्टी संस्थान,
हिंदू हेल्पलाईन,
हिंदू स्वयंवसेवक संघ,
हिंदू मुन्नानी,
अखिल भारतीय साहित्य परिषद,
भारतीय किसान संघ,
विवेकानंद केंद्र,
तरुण भारत,
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत,
हिंदुस्थान समाचार,
विश्व संवाद केंद्र,
जनकल्याण रक्तपेढी,
इतिहास संकलन समिती,
राष्ट्र सेविका समिति,
स्त्री शक्ती जागरण,
एकल विद्यालय,
धर्म जागरण,
भारत भारती,
सावरकर अध्यासन,
शिवाजी अध्यासन,
पतित पावन संघटना,
हिंदू एकता
और ऐसी कई अनेक

बस इतना सा है RSS...!!!

बड़े बड़े सूरमा RSS मुक्त भारत के सपने देखते देखते दुनिया से ही चले गए...। 100 साल का आर.एस.एस. आने वाले हजारों साल तक भारतवर्ष की सेवा करेगा।

परम: वैभवम ने तुम्हे तत्व राष्ट्रम:।

🚩 भारत माता की जय!! 🚩

🤝 1. सामाजिक समरसता (Social Harmony): जाति-पाति और ऊंच-नीच के सभी भेदों को मिटाकर, संपूर्ण समाज को एक सूत्र में पिरोना। ...
24/02/2026

🤝 1. सामाजिक समरसता (Social Harmony): जाति-पाति और ऊंच-नीच के सभी भेदों को मिटाकर, संपूर्ण समाज को एक सूत्र में पिरोना। हर भारतीय के भीतर 'हम सब एक हैं' का गहरा भाव जगाना ही इसका मुख्य लक्ष्य है।
🌳 2. पर्यावरण संरक्षण (Environmental Protection): प्रकृति हमारी माता है। जल संरक्षण, वृक्षारोपण और प्लास्टिक-मुक्त जीवनशैली को अपनाकर अपनी धरती को आने वाली पीढ़ियों के लिए हरा-भरा और सुरक्षित बनाना।
👨‍👩‍👧‍👦 3. परिवार प्रबोधन (Family Awakening): आधुनिकता की दौड़ में टूटते पारिवारिक मूल्यों को सहेजना। भारतीय संस्कारों, परंपराओं और जीवन मूल्यों को हमारी नई पीढ़ी तक पहुंचाना और परिवारों के बीच संवाद बढ़ाना।
🇮🇳 4. स्वदेशी आचरण (Swadeshi Lifestyle): दैनिक जीवन में स्वदेशी वस्तुओं, वेशभूषा और विचारों को प्राथमिकता देना, ताकि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो और 'आत्मनिर्भर भारत' का सपना साकार हो सके।
⚖️ 5. नागरिक कर्तव्य (Civic Duties): केवल अपने अधिकारों की मांग नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों (स्वच्छता, कानून का पालन, मतदान, कर भुगतान) के प्रति पूरी तरह से जागरूक और जिम्मेदार बनना।
"सशक्त, अनुशासित और संस्कारित समाज से ही परम वैभवशाली राष्ट्र का निर्माण संभव है।"
आप भी इस महाभियान का हिस्सा बनें! आज ही संकल्प लें कि आप इन पांच परिवर्तनों को अपने जीवन और अपने आस-पड़ोस में लागू करेंगे।
आप इनमें से किस 'परिवर्तन' को सबसे पहले अपने जीवन का हिस्सा बना रहे हैं? हमें कमेंट्स में लिखकर जरूर बताएं! 👇
इस पोस्ट को अपने सभी दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ शेयर करें ताकि यह संदेश हर भारतीय तक पहुंचे।

"नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे। 🙏हृदय में भारत, हाथों में ध्वज और कर्म में सेवा।गर्व से कहो हम स्वयंसेवक हैं! 🚩🦁"दृढ़ संकल्...
05/02/2026

"नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे। 🙏
हृदय में भारत, हाथों में ध्वज और कर्म में सेवा।
गर्व से कहो हम स्वयंसेवक हैं! 🚩🦁"

दृढ़ संकल्प

"अखंड भारत का संकल्प, केसरिया हमारा स्वाभिमान।
डॉ. साहब और गुरुजी की तपस्या को नमन। 🙏✨
राष्ट्र सर्वोपरि! 🇮🇳"

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