02/08/2026
क्या आज सोशल मीडिया पर फेमस होने का सबसे आसान तरीका विवाद रह गया है?
पिछले कुछ वर्षों से एक बात बार-बार देखने को मिल रही है। पहले लोग अपनी मेहनत, टैलेंट और काम से पहचान बनाते थे। आज कई लोग ऐसा कंटेंट बनाने लगे हैं जिससे बस विवाद हो, लोग गुस्सा हों, बहस करें और उनका वीडियो वायरल हो जाए।
राखी सावंत जैसे कई उदाहरण हमारे सामने रहे हैं, जिनकी चर्चा उनके काम से ज़्यादा विवादों की वजह से होती रही। यह सिर्फ मनोरंजन की दुनिया तक सीमित नहीं रहा। अब इंस्टाग्राम पर भी कुछ लोग यही फ़ॉर्मूला अपनाते दिख रहे हैं—जितना बड़ा विवाद, उतनी ज़्यादा रीच और उतने ज़्यादा फॉलोअर्स।
हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध-प्रदर्शन से जुड़े कुछ वायरल वीडियो देखकर भी यही सवाल मन में आया। सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में कुछ महिला इन्फ्लुएंसर्स अभद्र भाषा और गाली-गलौज करती दिखाई दीं। अगर यह सब सिर्फ वायरल होने और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए किया गया, तो यह एक बेहद खतरनाक प्रवृत्ति है।
आज एक नया ट्रेंड भी देखने को मिल रहा है—
"पहले अभद्रता करो, लोगों की भावनाएँ आहत करो, वायरल हो जाओ... फिर एक माफ़ीनामा जारी कर दो।"
क्या सिर्फ "सॉरी" बोल देने से सब ठीक हो जाता है?
अगर प्रसिद्धि पाने का रास्ता यही बन गया, तो आने वाली पीढ़ी यह सीखेगी कि सम्मान कमाने से आसान है विवाद पैदा करना। यह किसी भी सभ्य समाज के लिए अच्छा संकेत नहीं है।
लेकिन एक बात साफ़ होनी चाहिए—कुछ लोगों के व्यवहार के आधार पर पूरे आंदोलन, पूरे समूह या सभी महिलाओं और इन्फ्लुएंसर्स को एक ही नज़र से देखना बिल्कुल गलत होगा।
आख़िर गलती सिर्फ कंटेंट बनाने वालों की नहीं, हमारी भी है। क्योंकि हर लाइक, शेयर और कमेंट तय करता है कि कल किस तरह का कंटेंट हमारे बच्चों के सामने होगा।
वायरल होना उपलब्धि नहीं है।
चरित्र, मर्यादा और समाज के प्रति जिम्मेदारी ही असली पहचान है।
सोचिए... अगला लाइक आप किसे देने वाले हैं?