मित्रो !
अगर अब कोई आपको पूछे की कोंग्रेस ने देश में क्या किया,
देश में कोंग्रेस का प्रदान क्या है तो बताइए,
1. भारत देश का बंधारण
2. IITs, IIMs, ISI, 250 से भी ज्यादा युनिवर्सिटी,
भारतीय कृषि विद्यालय, UGC 1956, AICTE
1987
3. दूरदर्शन
4. रेडियो-आकाशवाणी
5. IGNOU दुनिया की सबसे बड़ी युनिवर्सिटी 1985 में
निर्माणाधीन
6. नई IITs और IIMs UPA1 के शासनकालमें
7. B.A.R.C - भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर
9. पहले
भारतीय अवकाशयात्री - राकेश शर्मा
10. पाकिस्तान का इंडिया से समर्पण 1971 में
11. परमाणु करार
12. कम्प्यूटराइजेशन श्री. राजीव गाँधी के द्वारा
13. विश्वशांति की निति जवाहरलाल नेहरु के द्वारा
14. देश के बहार जमा सोना वापस लाया गया..
15. इंदिराजी के शासन के दौरान पहला अणु परिक्षण
16 DRDO- Defence Research and Development
Organisation
17. 1991 में आर्थिक सुधारे डॉ. मनमोहनसिंह के द्वारा
18. भारत दुनिया की 4थी बड़ी GDP
19. दुनिया का दूसरा बड़ा आगे बढ़ रहा अर्थतंत्र
20. मनरेगा - Mahatma Gandhi National Rural
Employment Gurantee Act
21. आर.टी.आई..
22. केन्द्रीय विद्यालयों
23. HZL – हिंदुस्तान जिंक
26. लोकोमोटिव कारखानों. आदि रेलवे को सम्बन्धित
27. जय जवान जय किसान
29. सिक्किम का इंडिया में समावेश
30. चन्द्रयान
31. भाकरा-नांगल डेम
32. भारत का आयोजन पंच- पहली पंच वर्षीय योजना –
जवाहरलाल नेहरु के द्वारा 1951 में
33. AIIMS- एम्स (All India Institute of Medical
Sciences)
34. -गाव के बच्चो के लिए मुफ्त और कंपल्सरी शिक्षा
35. बेंको का नेशनलाइजेशन
36. हरित क्रांति
37. इकोनोमिक सर्वे के मुताबिक इंदिराजी के शासनकाल के
दौरान देश की 65% जनता गरीबी रेखा से निचे थेऔर जब
उनका शासनकाल खत्म हुआ तब वो अंक 45% हो गया था.,
उनके शासनकाल के दौरान खेत उत्पादन 250% बढ़ा था,
साक्षरता भी 30 बढ़ी थी.
38. टेलिकॉम्युनिकेशन क्षेत्र का आधुनिकीकरण
39. - नवोदय विद्यालय सिस्टम 1986 से.
40. पहला राष्ट्रिय शिक्षा कार्यक्रम 1968 में
श्रीमती इंदिराजी की सरकार में और दूसरी बार 1986 में
राजीवजी की सरकार में किया गया था
41. श्री राजीव गांधी सरकार में विज्ञान और सम्बन्धित
प्रौद्योगिकी (टेक्नोलोजी) के लिए सरकारी सपोर्ट
बढाया और उन पर आयात कोटा, टैक्स और
टेक्नोलोजी आधारित उद्योगों पर शुल्क घटाएं, विशेष रूप से
कंप्यूटर, एयरलाइनों, रक्षा और दूरसंचार वह
काफी उपायों की शुरुआत की , लाइसेंस राज को कम करने
व्यवसायों की अनुमति और पूंजी, उपभोक्ता वस्तुओं
की व्यक्तिगत खरीद और आयात करने
की अनुमति सरकारी अंकुशो के बगर:
42. MTNL(Mahanagar Telephone Nigam)
की रचना की 1986 में
43. पब्लिक कोल ऑफिसीस, की जो PCO से जाना गया हुआ,
ग्रामीण इलाको में टेलीफोन नेटवर्क फ़ैलाने के लिये मदद
रूप..
44. मुक्त बाजार सुधारों के द्वारा देश को आर्थिक पतन से
बचाया
45. 1992 के सेबी अधिनियम और सुरक्षा कानूनों (संशोधन)
के मुताबिक सेबी को
सभी सिक्यूरिटी मार्केट और विचौलियो को रजिस्टर और
विनियमित करने का कानूनी अधिकार दिया
46. विदेशी संस्थागत निवेशकों (F.I.I.) द्वारा निवेश करने के
लिए भारत के इक्विटी बाजार को 1992 में खोला गया और
भारतीय कंपनियोंको पूंजी बढ़ाने के लिए ग्लोबल
डिपॉजिटरी जारी करके अंतरराष्ट्रीय बाजार
प्राप्तियां की अनुमति दी गई.
47. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को 1994 में शुरू किया गया, एक
कंप्यूटर आधारित व्यापार प्रणाली के रूप में विनिमय करने
को, भारत के अन्य शेयर बाजारों में सुधारों, एनएसई
1996 तक भारत की सबसे बड़ी मुद्रा के रूप में उभरा है
48.आर्थिक सुधारों का प्रभाव लगाया जा सकता है, इस
तथ्य से है कि कुल विदेशी निवेश में
(सहित विदेशी प्रत्यक्ष निवेश, पोर्टफोलियो , निवेश और
निवेश पर उठाया भारत में अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजार)
वृद्धि हुई इस मुताबिक: 1991-92 में $ 5.3 से 1995-96 में
$ 132 मिलियन विदेशी निवेश हुआ था.
49. नरसिंहा राव के द्वारा औद्योगिक नीति सुधारों शुरू
किया उत्पादन क्षेत्र के साथ. उन्होंने सिर्फ 18 उद्योगों के
लिए ही लाइसेंसिंग प्रथा रखी. औद्योगिक विनियमन
युक्तिसंगत बनाया गया था
50. राजीव गाँधी ने मतदान करने के लिए की उम्र घटाकर
18 साल की
51. राजीव गाँधी ने स्वामी विवेकानन्द के जन्मदिन 12
जनवरी को राष्ट्रिय युवा दिवस के तौर पर जाहेर किया..
52. Look East foreign policy
53. एक शक्तिशाली भूकंप लातूर में, महाराष्ट्र में 1993 में
10,000 लोगों और हजारों की विस्थापित सैकड़ों मर गए.
लोगों की तकलीफे दूर करने के लिए प्रमुख राहत
कार्यों को व्यवस्थित करने के लिए आधुनिक तकनीक और
संसाधनों का उपयोग करने के लिए राव की सराहना की गई
थी. प्रधानमंत्री नरसिंह राव के वित्त मंत्री के रूप में, एक
ऑक्सफोर्ड शिक्षित मनमोहन सिंह को नियुक्त किया, सिंह
ने देश के सभी प्रमुख आर्थिक स्थिति में सेवा की , भारत के
केंद्रीय बैंक भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप के साथ
और South Commission मेंमहासचिव के रूप में. तथा वे
IMF के मैनेजिंग डायरेक्टर Michel Camdessus के साथ
निकट सम्पर्क के थे.पिछले प्रधानमन्त्री के आर्थिक
सलाहकार होने के नाते डॉ.मनमोहनसिंह के लिए आसन्न संकट
पर कारवाई का काम नया नही था. उन्होंने विनिमय दर
का समायोजन किया, राजकोषीय सुधार को लागू किया और
व्यापार अपेक्षाऐ बधाई थी सबसे तत्काल
निति को प्राथमिकता देने के लिए..