रोहित कुमार जिलाध्यक्ष दिव्यांग जन कल्याण समिति मेरठ

  • Home
  • India
  • Meerut City
  • रोहित कुमार जिलाध्यक्ष दिव्यांग जन कल्याण समिति मेरठ

रोहित कुमार जिलाध्यक्ष दिव्यांग जन कल्याण समिति मेरठ बहुजन समाज पार्टी

जिला अध्यक्ष
दिव्यांग कल्याण समिति मेरठ उत्तर प्रदेश
सत्य प्रेम करुणा दिव्यांग समाज की सेवा
संघर्ष से जीवन सुन्दर है दिव्यांग ठाली बैठकर नहीं खाता बल्कि सामान्य लोगों से कई गुना अधिक मेहनत करके कमाने की कोशिश करता है जय भीम जय संविधान

आज मैं दिव्यांग कल्याण समिति मेरठ के जिलाध्यक्ष पद पर नहीं हूं, लेकिन समाज सेवा का मेरा संकल्प पहले से कहीं अधिक मजबूत ह...
13/05/2026

आज मैं दिव्यांग कल्याण समिति मेरठ के जिलाध्यक्ष पद पर नहीं हूं, लेकिन समाज सेवा का मेरा संकल्प पहले से कहीं अधिक मजबूत है।पद आते-जाते रहते हैं, लेकिन समाज के अधिकार, सम्मान और संघर्ष के लिए लड़ने का जज्बा कभी समाप्त नहीं होता।

मैं दिव्यांग कल्याण समिति उत्तर प्रदेश के सम्मानित प्रदेश अध्यक्ष अमित शर्मा जी एवं पूरी प्रदेश कमेटी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने मुझे समाज के बीच कार्य करने, संघर्ष करने और दिव्यांग समाज की आवाज़ को बुलंद करने का अवसर दिया।यह सफर केवल एक पद का नहीं था, बल्कि हजारों दिव्यांग भाइयों-बहनों के विश्वास, संघर्ष और सम्मान की लड़ाई का सफर था।

मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि हमने हर उस आवाज़ को उठाने का प्रयास किया, जिसे अक्सर समाज और व्यवस्था अनसुना कर देती है।शिक्षा, रोजगार, पेंशन, अधिकार और सम्मान की लड़ाई आगे भी रुकने वाली नहीं है।

कुछ लोग पद छिन जाने को अंत समझते हैं, लेकिन संघर्ष करने वाले लोग जानते हैं कि असली ताकत कुर्सी में नहीं, जनता के विश्वास में होती है।आज भी मेरा हर सांस दिव्यांग समाज के सम्मान और अधिकारों के लिए समर्पित है और आगे भी रहेगा।

मैं प्रदेश नेतृत्व के निर्णय का सम्मान करता हूं और विश्वास रखता हूं कि संगठन नई ऊर्जा और नई दिशा के साथ आगे बढ़ेगा।मेरी शुभकामनाएं हमेशा संगठन और दिव्यांग समाज के साथ हैं।

संघर्ष जारी था, संघर्ष जारी है, और संघर्ष जारी रहेगा।

रोहित कुमार पूर्व जिलाध्यक्ष दिव्यांग कल्याण समिति मेरठ, उत्तर प्रदेश

मेरठ कचहरी में दिव्यांगजन परेशान!मेरठ कोर्ट की लिफ्ट खराब होने के कारण दिव्यांगजनों को ऊपर-नीचे आने-जाने में भारी कठिनाइ...
02/05/2026

मेरठ कचहरी में दिव्यांगजन परेशान!
मेरठ कोर्ट की लिफ्ट खराब होने के कारण दिव्यांगजनों को ऊपर-नीचे आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
यह सिर्फ एक तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि सुगम्यता और अधिकारों का मुद्दा है।
न्यायालय जैसी जगह पर ऐसी स्थिति बेहद चिंताजनक है।
संबंधित अधिकारियों से अनुरोध है कि तत्काल संज्ञान लेकर लिफ्ट को शीघ्र ठीक कराया जाए, ताकि दिव्यांगजनों को सम्मानपूर्वक आवागमन की सुविधा मिल सके।
DM Meerut Ssp Meerut MYogiAdityanath
#दिव्यांग_अधिकार ✊

08/04/2026

🔥 “रुकावटें नहीं रोक सकती दिव्यांग समाज की ताकत झुक नहीं सकती!”

08/04/2026

सभी सम्मानित दिव्यांगजनों से आग्रह है कि वे अपना परिचय देते हुए अपने स्थान की जानकारी साझा करें। हम जनपद मेरठ उत्तर प्रदेश से हैं।

21/03/2026

🌙 ईद मुबारक!
देश एवं प्रदेश के सभी नागरिकों को दिल से ईद की हार्दिक शुभकामनाएं।
यह पावन पर्व आप सभी के जीवन में खुशियां, अमन-चैन और तरक्की लेकर आए।
आपसी भाईचारा और एकता ही हमारी असली ताकत है।
— रोहित कुमार
जिलाध्यक्ष, दिव्यांग कल्याण समिति, मेरठ

दिव्यांगों के आयुष्मान योजना से जुड़े मुख्य बिंदुमैं रोहित कुमार, जिलाध्यक्ष – दिव्यांग कल्याण समिति मेरठ, सरकार से यह स...
13/03/2026

दिव्यांगों के आयुष्मान योजना से जुड़े मुख्य बिंदु
मैं रोहित कुमार, जिलाध्यक्ष – दिव्यांग कल्याण समिति मेरठ, सरकार से यह सवाल पूछना चाहता हूँ कि जो दिव्यांग व्यक्ति पूरी तरह सरकार द्वारा दी जा रही दिव्यांग पेंशन पर निर्भर है, जिसके पास आय का कोई अन्य स्रोत नहीं है और जो गरीबी रेखा में जीवन यापन कर रहा है — उसे आयुष्मान योजना का लाभ क्यों नहीं मिल रहा?
हकीकत यह है कि जिन लोगों को इस योजना की सबसे ज्यादा जरूरत है, वही इससे वंचित हैं।
जबकि योजना का लाभ उन लोगों को मिल रहा है जिनकी सरकारी नौकरी है, जिनके राशन कार्ड में छह यूनिट हैं, आशा वर्कर हैं, 70 वर्ष से अधिक आयु के लोग हैं, और प्रदेश सरकार के रिटायर्ड पेंशनर भी इसमें शामिल हैं।
लेकिन सबसे गरीब और असहाय दिव्यांग वर्ग को इस योजना से बाहर रखा गया है।
अगर सरकार की मंशा होती तो देश के हर दिव्यांग को UDID (Unique Disability ID) के माध्यम से सीधे आयुष्मान योजना से जोड़ा जा सकता था।
लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि आज तक न कोई मंत्री, न कोई सांसद और न ही कोई बड़ा जनप्रतिनिधि दिव्यांगों के आयुष्मान अधिकार को लेकर खुलकर आवाज उठाता दिखाई देता है।
इसलिए अब समय आ गया है कि दिव्यांग समाज स्वयं अपनी आवाज बुलंद करे।
यदि हम अपने और अपने अधिकारों के लिए आवाज नहीं उठाएंगे, तो फिर सरकार या प्रशासन को दोष देने का भी कोई औचित्य नहीं रह जाएगा।
आइए, मिलकर आवाज उठाएं
दिव्यांगों को भी आयुष्मान योजना का अधिकार दिलाएं।
रोहित कुमार
जिलाध्यक्ष, दिव्यांग कल्याण समिति मेरठ

मेरठ आगमन पर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री Narendra Modi जी का हृदय से हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत है। क्रांतिकारी धरती मेरठ...
21/02/2026

मेरठ आगमन पर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री Narendra Modi जी का हृदय से हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत है। क्रांतिकारी धरती मेरठ आपका स्वागत करती है और आशा करती है कि आपके नेतृत्व में राष्ट्र निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा।
साथ ही, हम एक गंभीर विषय भी आपके समक्ष रखना चाहते हैं। जब हम आपके नाम शांतिपूर्ण ज्ञापन देकर मिलने का समय मांगते हैं और उसके बदले हमारे घर पुलिस भेज दी जाती है, तो यह केवल दिव्यांग समाज नहीं बल्कि लोकतंत्र के लिए भी चिंतन का विषय बन जाता है। क्या अब शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना भी विरोध माना जाएगा?
हम स्पष्ट करना चाहते हैं हमारा उद्देश्य टकराव नहीं, संवाद है। हम दया नहीं, अपना संवैधानिक अधिकार मांग रहे हैं। जल्द ही दिव्यांग समाज प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को औपचारिक ज्ञापन सौंपकर आपसे मुलाकात का समय मांगेगा, ताकि अपनी समस्याओं और मांगों को सीधे आपके समक्ष रख सके।
स्वागत भी हमारा सच्चा है और संघर्ष भी हमारा सच्चा है। हम शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और दृढ़ संकल्प के साथ अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे, क्योंकि दिव्यांग समाज की आवाज़ न दबेगी और न रुकेगी।
जिला अध्यक्ष दिव्यांग कल्याण समिति मेरठ उत्तर प्रदेश

यह घटना कोई सामान्य दुर्घटना नहीं है, बल्कि सरकार और संबंधित विभागों की घोर लापरवाही से हुई एक संस्थागत हत्या है।जिस ट्र...
31/01/2026

यह घटना कोई सामान्य दुर्घटना नहीं है, बल्कि सरकार और संबंधित विभागों की घोर लापरवाही से हुई एक संस्थागत हत्या है।
जिस ट्राई-साइकिल को सरकार ने दिव्यांगजन को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से दिया था, वही ट्राई-साइकिल बैटरी ब्लास्ट के कारण एक दिव्यांग को ज़िंदा जला देती है—तो सवाल साफ़ है, जिम्मेदार कौन?
जिम्मेदार है सरकार।
जिम्मेदार है दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग।
जिम्मेदार हैं वे अधिकारी, जिन्होंने बिना गुणवत्ता जांच, बिना सुरक्षा मानक और बिना जवाबदेही के खतरनाक उपकरण दिव्यांगजनों को थमा दिए।
क्या बैटरी की तकनीकी जांच हुई थी?
क्या सुरक्षा प्रमाणन लिया गया था?
क्या वितरण से पहले ट्रायल और मानक परीक्षण किए गए थे?
अगर नहीं, तो यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि आपराधिक उदासीनता है।
दिव्यांगजन को दी गई यह ट्राई-साइकिल कोई उपकार नहीं थी, बल्कि संवैधानिक अधिकार था। उस अधिकार के बदले अगर मौत दी जा रही है, तो यह संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) का खुला उल्लंघन है।
सरकार सिर्फ योजनाओं का ढोल पीटकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती।
अब केवल मुआवजा नहीं, दोषी अधिकारियों और ठेकेदार कंपनियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
पूरे प्रदेश में वितरित सभी बैटरी चालित ट्राई-साइकिलों की तत्काल जांच होनी चाहिए।
यह हादसा नहीं—सरकारी सिस्टम की असफलता है।
और इस असफलता की कीमत एक दिव्यांग ने अपनी ज़िंदगी देकर चुकाई है।
दिव्यांगजन को दया नहीं, सुरक्षित अधिकार चाहिए।
अब जवाबदेही तय हो—यही न्याय है।

यह सिर्फ़ पोस्ट नहीं, हक़ की लड़ाई है।न्याय और बराबरी के लिए चल रहे इस संघर्ष में मुझे फॉलो करें।
21/01/2026

यह सिर्फ़ पोस्ट नहीं, हक़ की लड़ाई है।
न्याय और बराबरी के लिए चल रहे इस संघर्ष में मुझे फॉलो करें।

नया साल 2026 दिव्यांग समाज के लिए सिर्फ तारीख का बदलाव नहीं, बल्कि हक, सम्मान और आत्मनिर्भरता की नई लड़ाई का संकल्प है।ह...
01/01/2026

नया साल 2026 दिव्यांग समाज के लिए सिर्फ तारीख का बदलाव नहीं, बल्कि हक, सम्मान और आत्मनिर्भरता की नई लड़ाई का संकल्प है।
हमारी कमजोरी नहीं, हमारा साहस हमारी पहचान है।
यह वर्ष अन्याय के खिलाफ आवाज़, अधिकारों की प्राप्ति और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ने का वर्ष बने।
नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ — संघर्ष जारी रहेगा, अधिकारों की जीत तय है।
रोहित कुमार
जिलाध्यक्ष दिव्यांग कल्याण समिति मेरठ उत्तर प्रदेश

Address

Shoprix Mall
Meerut City
शिक्षितबनो,संगठितरहो,संघर्षकरो,

Telephone

+917983582009

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when रोहित कुमार जिलाध्यक्ष दिव्यांग जन कल्याण समिति मेरठ posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to रोहित कुमार जिलाध्यक्ष दिव्यांग जन कल्याण समिति मेरठ:

Share