25/09/2022
यात्राओं की दशा और दिशा
यात्रा एक सरल शब्द है लेकिन इसकी दशा और दिशा तय होनी चाहिए। देश भर में यात्राओं की बयार चल रही है।वैसे धार्मिक यात्राएं समाज के एकीकरण और समरसता की एक महत्वपूर्ण कड़ी होती है। शायद इसी वजह से हमारी विधानसभा मऊगंज में वृहद देव दर्शन यात्रा निकाली गई होगी। आयोजक थे आम आदमी पार्टी के उमेश त्रिपाठी। बीएसपी और कांग्रेस का लंबा अनुभव। अब आम आदमी पार्टी के मात्र एक सिपाही। महीने भर भी नही हुए "आप’ को "आप’ में आए, फिर भी अन्य राजनीतिक पार्टियों में ”झाड़ू’ फेर दी। उलझने बढ़ा दी। वे लोग घर से निकलने के लिए मजबूर हो गए। रैली का नाम देव दर्शन यात्रा रखा था किंतु उसमे परिवर्तन यात्रा की झलक देखी गई। यात्रा का रूट भी गजब था। देव दर्शन यात्रा को हाटा मंदिर पहुंचना था जिसके लिए सीधे रोड है लेकिन देव दर्शन यात्रा घुरेह्टा, बराव, गौरी शाहपुर होते हुए हनुमाना पहुंची जहां आमसभा में बदल गई। वहां जन शैलाब देखा गया। हाटा मंदिर पहुंचने पर देव दर्शन यात्रा का न केवल स्वागत किया गया बल्कि। ग्यारह पंडितों ने उमेश त्रिपाठी को विजय श्री का आशीर्वाद भी दिया। यानि देव दर्शन यात्रा की दशा और दिशा तय थी। मेरी भी शुभकामनाएं। वैसे देश और प्रदेशों में भी परिवर्तन यात्राएं निकाली जा रही है। कन्याकुमारी से कश्मीर तक राहुल गांधी की पदयात्रा जारी है। कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने 425 किलोमीटर की पदयात्रा करने का प्लान तैयार किया है। ग्वालियर चंबल में जयवर्धन की पदयात्रा होगी। सिंधिया के गढ़ में कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए जयवर्धन ग्वालियर चंबल में पदयात्रा करेंगे। इसी तरह कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद भी 350 किलोमीटर की पदयात्रा की तैयारी में हैं। आरिफ मसूद की पदयात्रा भोपाल से बुरहानपुर तक होगी। कांग्रेस विधायक पाची लाल मेड़ा पहले से ही धार के कारम डैम लीकेज और उसके कारण विस्थापित हुए लोगों के लिए पद यात्रा निकाल रहे हैं। मेड़ा ने ऐलान किया है कि उनकी पदयात्रा भोपाल तक जाएगी।
सभी यात्रियों को मेरी शुभकामनाएं