अग्रवाल सभा

अग्रवाल सभा हमारी पहचान, हमारी एकता!
अग्रवाल समाज की सामाजिक, सांस्कृतिक, और धार्मिक उन्नति के लिए समर्पित।

20/08/2026

फर्राटेदार श्लोक वाचन से बनी चर्चा का विषय,...

अग्रवाल समाज में अब बदलाव की आवाज़ तेज होती दिखाई दे रही है। समाज के युवाओं और जागरूक लोगों द्वारा शिक्षा, पारदर्शिता, र...
14/05/2026

अग्रवाल समाज में अब बदलाव की आवाज़ तेज होती दिखाई दे रही है। समाज के युवाओं और जागरूक लोगों द्वारा शिक्षा, पारदर्शिता, रोजगार, सामाजिक एकता और समाजिक संस्थाओं के बेहतर संचालन जैसे मुद्दों को लेकर लगातार चर्चा हो रही है।

हाल ही में सामने आई खबरों और जनचर्चाओं में विवाहों में बढ़ते फिजूलखर्च, दिखावे और कर्ज की समस्या को गंभीर बताया गया। समाज के लोगों ने महाराजा अग्रसेन जी के “एक ईंट, एक रुपया” और सहयोग के सिद्धांत को अपनाने की अपील की है। सादगीपूर्ण विवाह, सामूहिक विवाह और आपसी सहयोग को समय की आवश्यकता बताया जा रहा है।

इसके साथ ही कई जगह यह मुद्दा भी उठ रहा है कि समाज की संस्थाओं में पारदर्शिता बढ़े और सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो। युवाओं का मानना है कि समाज की संस्थाएं किसी एक परिवार या सीमित लोगों तक सीमित न रहकर पूरे समाज के हित में कार्य करें।

युवा वर्ग अब “भीख नहीं, हुनर दो” जैसे संदेशों के साथ स्किल डेवलपमेंट, अकाउंटिंग, GST, कंप्यूटर शिक्षा और रोजगार प्रशिक्षण की मांग कर रहा है। समाज भवनों को शिक्षा और हुनर के केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

वहीं समाज की पुरानी धरोहरों और अग्रवाल भवनों की जर्जर हालत को लेकर भी चिंता जताई गई है। लोगों का कहना है कि यह भवन केवल इमारतें नहीं बल्कि समाज की विरासत हैं, जिन्हें बचाने और संवारने की जिम्मेदारी पूरे समाज की है।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि समाज में उठ रही ये आवाज़ें केवल चर्चा तक सीमित रहती हैं या वास्तव में कोई बड़ा सकारात्मक बदलाव लेकर आती हैं।

#अग्रवाल_समाज #महाराजा_अग्रसेन ंट_एक_रुपया #समाज_सुधार #युवा_शक्ति #शिक्षा #रोजगार #सामाजिक_एकता #अग्रवाल #समाज_की_आवाज़ #हुनर_दो #अग्रवाल_भवन #महिला_सशक्तिकरण #उत्तरप्रदेश #भारत

लेख - हिमांशु अग्रवाल ( Himanshu Agarwal )
उत्तर प्रदेश संगठन मन्त्री
अखिल भारतीय अग्रवाल महासभा, रजि०

उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का “साइलेंट पावर”: आखिर कितना ताकतवर है अग्रवाल समाज?मथुरा / अलीगढ़ / लखनऊ | 15 मई 2026उत्त...
14/05/2026

उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का “साइलेंट पावर”: आखिर कितना ताकतवर है अग्रवाल समाज?
मथुरा / अलीगढ़ / लखनऊ | 15 मई 2026

उत्तर प्रदेश की राजनीति में भले ही जातीय समीकरणों की चर्चा सबसे ज्यादा होती हो, लेकिन सत्ता के गलियारों से लेकर बाजारों की असली नब्ज जिस समाज के हाथ में मानी जाती है, वह है अग्रवाल समाज। संख्या में छोटा, लेकिन आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव में बेहद विशाल।

प्रदेश की लगभग 31 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था में व्यापारिक वैश्य समाज की भूमिका लगातार बढ़ रही है, और इसमें अग्रवाल समाज को सबसे संगठित और प्रभावशाली वर्ग माना जाता है। अनुमान है कि उत्तर प्रदेश की कुल आबादी में अग्रवाल समाज की हिस्सेदारी लगभग 0.8% से 1% के बीच है, लेकिन व्यापारिक टैक्स, थोक बाजार, शिक्षा, रियल एस्टेट, ई-कॉमर्स और उद्योगों में इसका प्रभाव कई गुना ज्यादा दिखाई देता है।

मेरठ, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर और लखनऊ जैसे शहरों में थोक बाजारों, हार्डवेयर, टेक्सटाइल, ऑटो पार्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि उपकरण, शुगर सप्लाई और FMCG ट्रेडिंग सेक्टर में अग्रवाल परिवार दशकों से मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई व्यापार मंडलों और उद्योग संगठनों में भी इस समाज की निर्णायक भूमिका मानी जाती है।

राज्य सरकार के आर्थिक आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में लगभग 96 लाख MSME इकाइयाँ सक्रिय हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं। इन MSME इकाइयों से करोड़ों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलता है। व्यापारिक विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी यूपी के संगठित ट्रेड और छोटे-मध्यम उद्योगों में अग्रवाल समाज की हिस्सेदारी 20% से 35% तक प्रभावशाली रूप में मौजूद है।

यही कारण है कि जब भी “1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी” की बात होती है, तब व्यापारिक समुदायों का महत्व स्वतः बढ़ जाता है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath द्वारा लगातार “Ease of Doing Business” और निवेश को बढ़ावा देने वाली नीतियों का सबसे अधिक लाभ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के व्यापारी वर्ग को मिला है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भले ही अग्रवाल समाज सीटें कम प्रभावित करता हो, लेकिन चुनावी फंडिंग, संगठन क्षमता, व्यापारिक नेटवर्क और शहरी वोटिंग पैटर्न में इसका असर कई विधानसभा क्षेत्रों में निर्णायक बन जाता है। अलीगढ़, मथुरा, गाजियाबाद, मेरठ और नोएडा जैसे शहरों में यह समाज “साइलेंट किंगमेकर” की भूमिका निभाता है।

शिक्षा क्षेत्र में भी अग्रवाल समाज ने अपनी अलग पहचान बनाई है। GLA University और GL Bajaj Group of Institutions जैसे संस्थानों ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और टेक्निकल शिक्षा के अवसर दिए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार GLA University में 26 हजार से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं तथा पिछले कुछ वर्षों में 14 हजार से अधिक छात्रों को प्लेसमेंट मिल चुका है। कई छात्रों को 50 लाख रुपये से अधिक के पैकेज भी मिले हैं।

डिजिटल व्यापार में भी समाज तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रहा है। अब नई पीढ़ी केवल पारंपरिक दुकान या गद्दी तक सीमित नहीं रहना चाहती। AI, ई-कॉमर्स, ब्रांडिंग और ऑनलाइन सप्लाई चेन की ओर तेजी से रुझान बढ़ रहा है।

मथुरा आधारित PATOYS जैसे डिजिटल मॉडल यह संकेत दे रहे हैं कि छोटे शहरों के युवा अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी जगह बनाने लगे हैं। पारंपरिक व्यापारिक अनुभव को टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ने का यह नया दौर समाज की आर्थिक ताकत को और बड़ा बना सकता है।

लेकिन इस चमक के पीछे समाज के भीतर कुछ गंभीर सामाजिक चुनौतियाँ भी तेजी से उभर रही हैं।

समाज के कई वरिष्ठ लोगों का कहना है कि आज सबसे बड़ी चिंता नवयुवक और नवयुवतियों के विवाह में बढ़ती देरी है। उच्च शिक्षा, करियर, बिजनेस विस्तार और “परफेक्ट लाइफ पार्टनर” की मानसिकता के कारण विवाह की औसत आयु लगातार बढ़ रही है।

सोशल मीडिया आधारित दिखावा, अत्यधिक आर्थिक अपेक्षाएँ, लग्जरी लाइफस्टाइल और पारिवारिक संवाद की कमी भी रिश्तों को प्रभावित कर रही है। कई परिवारों का मानना है कि आज योग्य युवक-युवतियों की कमी नहीं है, लेकिन व्यवहारिक सोच और सामाजिक संतुलन कमजोर होता जा रहा है।

ब्रज और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई सामाजिक संगठनों में अब यह चर्चा खुलकर होने लगी है कि अगर समाज ने समय रहते इस विषय पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले वर्षों में पारिवारिक संरचना और सामाजिक एकता प्रभावित हो सकती है।

आर्थिक रूप से मजबूत होना गर्व की बात है, लेकिन समाज को अब अगली लड़ाई “संतुलित आधुनिकता” की लड़नी होगी — जहां व्यापार भी बढ़े, टेक्नोलॉजी भी आए, लेकिन संस्कार और पारिवारिक आधार कमजोर न हों।

आज उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अग्रवाल समाज केवल एक व्यापारिक समुदाय नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, उद्योग, टैक्स, टेक्नोलॉजी और सामाजिक संरचना का मजबूत स्तंभ बन चुका है।

अब सवाल केवल इतना है — क्या यह समाज आने वाले समय में केवल आर्थिक ताकत बना रहेगा, या फिर नीति निर्धारण और सामाजिक नेतृत्व में भी अपनी संख्या से कहीं बड़ा प्रभाव स्थापित करेगा?

लेख -- हिमांशु अग्रवाल

सेवा और संगठन ही हमारी पहचान है! 🚩अग्रवाल समाज ने सदैव महाराजा अग्रसेन जी के 'एक रुपया और एक ईंट' के सिद्धांत को अपनाया ...
24/04/2026

सेवा और संगठन ही हमारी पहचान है! 🚩

अग्रवाल समाज ने सदैव महाराजा अग्रसेन जी के 'एक रुपया और एक ईंट' के सिद्धांत को अपनाया है। यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचने और हर जीव के प्रति करुणा रखने का संकल्प है।

जैसा कि इस चित्र में अखिल भारतीय अग्रवाल महासभा, कोटा द्वारा मूक पशुओं के लिए की गई जल-सेवा को देखा जा सकता है, हमारा समाज सदैव परोपकार के कार्यों में अग्रणी रहा है।
आइए, आज हम समाज और सदस्यों को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लें:

🔹 सामाजिक उत्तरदायित्व: केवल व्यापार ही नहीं, बल्कि जीव-दया और पर्यावरण संरक्षण में भी अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।

🔹 युवा जागरूकता: अपने बच्चों को आधुनिक शिक्षा, स्टार्टअप और प्रशासनिक सेवाओं (UPSC/IAS) की ओर प्रोत्साहित करें।

🔹 संगठित शक्ति: महासभा से जुड़कर अपने समाज के डिजिटल डेटाबेस को मजबूत बनाएं, ताकि विपत्ति के समय हम एक-दूसरे की ढाल बन सकें।

🔹 संस्कारों का संरक्षण: अपनी नई पीढ़ी को महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों और समाज के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराएं।

जब हम जागरूक होंगे, तभी हमारा समाज सशक्त बनेगा।
📞सदस्यता के लिए संपर्क करें: 8005320007
📍 अखिल भारतीय अग्रवाल महासभा

कौम की एकता—हमारी सबसे बड़ी शक्ति! 🚩अग्रवाल समाज ने हमेशा अपनी मेहनत और दानशीलता से देश को सींचा है। लेकिन बदलते समय के स...
12/04/2026

कौम की एकता—हमारी सबसे बड़ी शक्ति! 🚩
अग्रवाल समाज ने हमेशा अपनी मेहनत और दानशीलता से देश को सींचा है। लेकिन बदलते समय के साथ, अब समय है "अग्रवाल समाज की नई जागरूकता"का।
अखिल भारतीय अग्रवाल महासभा के माध्यम से हम समाज के हर वर्ग को एक सूत्र में पिरोने का कार्य कर रहे हैं। आज हमें अपनी परंपराओं का सम्मान करते हुए आधुनिक प्रगति की ओर बढ़ना है।
आइए, हम मिलकर इन 4 संकल्पों को पूरा करें:
1️⃣ शिक्षा का समर्थन: समाज के आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की पढ़ाई में मदद करें।
2️⃣ युवा शक्ति: युवाओं को केवल व्यापार ही नहीं, बल्कि UPSC, राजनीति और स्टार्टअप्स के लिए प्रोत्साहित करें।
3️⃣ कुरीतियों का त्याग: फिजूलखर्ची रोककर 'सादा जीवन, उच्च विचार' को अपनाएं।
4️⃣ संगठित समाज: महासभा के डिजिटल डेटाबेस से जुड़ें ताकि विपत्ति के समय हम एक-दूसरे के साथ खड़े हों।
महाराजा अग्रसेन जी का संदेश—एक रुपया, एक ईंट' ही हमारा मार्गदर्शक है। जब हम संगठित होंगे, तभी समाज सशक्त होगा।
📌 आज ही इस पोस्ट को शेयर करें और अपने अग्रवाल बंधुओं को महासभा से जुड़ने के लिए प्रेरित करें। जय अग्रसेन! जय महालक्ष्मी!** 🙏

बीहड़ की गोद में माता का अद्भुत दरबारइटावा शहर की हलचल से दूर, जब हम फूप की ओर बढ़े, तो रास्ते धीरे-धीरे सुनसान होते गए।...
21/03/2026

बीहड़ की गोद में माता का अद्भुत दरबार

इटावा शहर की हलचल से दूर, जब हम फूप की ओर बढ़े, तो रास्ते धीरे-धीरे सुनसान होते गए। पक्की सड़क खत्म हुई और कच्चे रास्तों ने हमारी परीक्षा लेना शुरू कर दिया। हवा में एक अजीब-सी खामोशी थी, जैसे हर पेड़ और हर झाड़ी कोई पुरानी कहानी छुपाए बैठी हो।

यात्रा के दौरान एक जरूरी जानकारी—
इस मार्ग पर आपको 2 टोल देने होते हैं:

इटावा से फूप रोड पर करीब ₹50 (कार)

फूप से भोट रोड पर करीब ₹35 (एक तरफ)

भोट गांव पार करने के बाद, असली सफर शुरू हुआ—करीब 5 किलोमीटर का बीहड़ का रास्ता। चारों तरफ गहरी खाइयाँ, ऊबड़-खाबड़ जमीन और घना जंगल। हर कदम पर ऐसा लगता था जैसे कोई हमें देख रहा हो। मन में डर भी था, लेकिन माता के दर्शन की चाह उस डर से कहीं ज्यादा बड़ी थी।

कुछ दूर चलने के बाद अचानक सामने एक अद्भुत दृश्य उभरा—चम्बल नदी के किनारे, घने जंगल के बीचों-बीच स्थित दिव्य स्थान… भोट वाली माता का मंदिर।

यहाँ मंदिर में पिण्ड रूप में भगवान शिव और मातृ शक्ति जगत जननी माता पार्वती विराजमान हैं। मंदिर का वातावरण इतना शांत और शक्तिशाली है कि वहाँ पहुंचते ही मन अपने आप झुक जाता है।

मंदिर के मुख्य द्वार के बाईं ओर चम्बल नदी का किनारा है, जहाँ कछुए, घड़ियाल और मगरमच्छ बड़ी संख्या में दिखाई देते हैं। वहीं दाईं ओर घना बीहड़ जंगल है, जहाँ जंगली जानवरों के साथ-साथ तेंदुए भी रहते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कभी-कभी ये तेंदुए मंदिर के आसपास भी दिखाई दे जाते हैं। शायद यही कारण है कि रात के समय वहाँ कोई रुकने की हिम्मत नहीं करता।

वहाँ न कोई भीड़ थी, न शोर—सिर्फ हमारा परिवार और चारों ओर फैली प्रकृति की अद्भुत शांति। ऐसा लग रहा था जैसे समय वहीं ठहर गया हो।

कहा जाता है कि एक समय में इन बीहड़ों में राज करने वाले मशहूर डकैत भी इस माता के बड़े भक्त थे। नवरात्रों में वे यहाँ आकर झंडा चढ़ाते थे और अपनी सफलता के लिए आशीर्वाद मांगते थे। जिन रास्तों पर कभी खौफ का राज था, आज उन्हीं रास्तों पर आस्था का प्रकाश फैला हुआ है।

मंदिर के महंत, जिन्हें सभी गुरु जी (शैलेश यादव) के नाम से जानते हैं, हर शनिवार यहाँ उपस्थित रहते हैं और विशेष यज्ञ-अनुष्ठान करते हैं। इस दिन दूर-दूर से भक्त आते हैं और यज्ञ में भाग लेते हैं। यह यज्ञ गायत्री माता और 10 महादेवियों को समर्पित होता है, जो लगभग 2 घंटे तक चलता है।

गुरु जी के अनुसार, शाम का हवन विशेष रूप से मिर्ची का होता है, जिसकी अग्नि की लौ 3 से 5 फीट तक ऊँची उठती है—यह दृश्य बेहद अद्भुत और रहस्यमयी होता है।

सबसे खास बात यह है कि यहाँ किसी प्रकार का चढ़ावा नहीं लिया जाता। आपको सिर्फ हवन सामग्री लानी होती है। गुरु जी न तो कोई दान स्वीकार करते हैं और न ही फल, मिठाई या प्रसाद अपने पास रखते हैं। हवन सामग्री यदि बच जाती है, तो वह आपको वापस कर दी जाती है।

कहा जाता है कि गुरु जी आपको देखकर ही आपके जीवन के बारे में बहुत कुछ बता देते हैं और कुछ विशेष पूजा या क्रियाएं घर पर करने के लिए बताते हैं। साथ ही वे एक नारियल देते हैं, जिसे आपको अपने घर में कलश पर स्थापित करना होता है। यदि अगले वर्ष आपकी मनोकामना पूर्ण हो जाती है, तो वह नारियल वापस मंदिर में चढ़ाना होता है।

इस मंदिर का नाम “भोट वाली माता” इसलिए पड़ा क्योंकि यह भोट ग्राम के पास स्थित है, जबकि वास्तव में यह स्थान भगवान शिव और माता पार्वती का पवित्र धाम है। चम्बल नदी के पार बरेच ग्राम (पिन कोड 206125) स्थित है, जो इस क्षेत्र की पहचान को और भी खास बनाता है।

जब हमने माता के चरणों में सिर झुकाया, तो मन का हर भय जैसे खुद-ब-खुद समाप्त हो गया। जंगल की वही खामोशी अब डरावनी नहीं, बल्कि सुकून देने वाली लग रही थी।

वापसी के समय एहसास हुआ कि यह सिर्फ एक यात्रा नहीं थी—यह विश्वास की जीत थी, डर पर श्रद्धा की विजय थी।

बीहड़ों की उस वीरानी में, जहां कभी डर का साम्राज्य था, आज भी यह दिव्य धाम उतनी ही शक्ति, रहस्य और शांति के साथ विराजमान है… और शायद यही इस स्थान का सबसे बड़ा चमत्कार है।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में 04/05/ अप्रैल को चित्रकूट धाम में अग्रवाल समाज के हितों के लिए ठोस निर्णय लिए जायेंगे।🌹🌹🌹...
10/03/2026

राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में 04/05/ अप्रैल को चित्रकूट धाम में अग्रवाल समाज के हितों के लिए ठोस निर्णय लिए जायेंगे।🌹🌹🌹🌹🌹। अखिल भारतीय अग्रवाल महासभा द्वारा 04/05/ अप्रैल को चित्रकूट धाम में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन किया जा रहा है 04/ अप्रैल को शाम 07 बजे बैठक प्रारंभ होगी उसमें पदाधिकारियों से सुझाव लिए जायेंगे पदाधिकारी अपने अपने राज्यों जानकारी उपलब्ध करायेंगे कुछ पदाधिकारी जब से बने हैं संगठन के लिए समाज के लिए कुछ नहीं किया है ना ही एक भी सदस्य जोड़ा है ऐसे पदाधिकारियों को पदमुक्त किया जायेगा कुछ सक्रिय पदाधिकारियों को संगठन में अहम जिम्मेदारी सौंपी जायेंगी 05/ अप्रैल को सुबह 11 बजे से बैठक प्रारंभ होगी उसमें सुझावों पर अमल किया जायेगा और जो सक्रिय पदाधिकारी है उनका सम्मान किया जायेगा चित्रकूट धाम के अग्रवाल समाज के भाई बहनों का भी सम्मान किया जायेगा सदस्यता कराने वाले पदाधिकारियों का भी सम्मान किया जायेगा अखिल भारतीय अग्रवाल महासभा के पदाधिकारियों से निवेदन है समाज को एकजुट करने के लिए अग्रवाल समाज के भाई बहनों की सदस्यता ग्रहण करायें 15 मार्च तक आने की सूचना अवश्य दें जिससे कि रहने खाने की उचित व्यवस्था हो सकें।🚩🚩🚩🚩🚩। सतीश अग्रवाल राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय अग्रवाल महासभा मोबाइल नंबर 7974748725

सूर्य बंशीय भगवान श्रीराम जी के बंशज सूर्य बंशीय अग्रवाल समाज पर चित्रकूट धाम में 04/05/ अप्रैल को कृपा बरसेगी ऐसी मान्य...
08/03/2026

सूर्य बंशीय भगवान श्रीराम जी के बंशज सूर्य बंशीय अग्रवाल समाज पर चित्रकूट धाम में 04/05/ अप्रैल को कृपा बरसेगी ऐसी मान्यता है जो भी भाई बहन एक रात चित्रकूट धाम में निवास करते हैं त्रिकूट पर्वत पर जहां भगवान राम माता सीता और लक्ष्मण जी के साथ 11 वर्ष व्यतीत किए उसकी 05 किलोमीटर की परिक्रमा करते हैं उनकी हर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं वैसे तो यहां बहुत रमणीक स्थान है उनके दर्शन मात्र से सभी इच्छाएं पूरी हो जाती है माता बहनों के लिए चित्रकूट धाम बहुत शुभ है यहां माता अनुसुइया जी ने मां सीता जी को सांसारिक माता बहनों को मर्यादा में रहने का उपदेश दिया था । भगवान श्रीराम जी ने अयोध्या के बाद सबसे ज्यादा चित्रकूट में निवास किया है आज भी चित्रकूट के निवासियों को भगवान किसी ना किसी रूप में दर्शन देते हैं धन्य है यहां के निवासी धन्य है यहां की जमीन जहां श्रीराम जी कण कण में निवास करते हैं अखिल भारतीय अग्रवाल महासभा के पदाधिकारियों का सौभाग्य होगा कि हम सबको दर्शन पूजा पाठ करने का लाभ प्राप्त होगा।💐💐💐💐💐 सतीश अग्रवाल राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय अग्रवाल महासभा मोबाइल नंबर 7974748725

Address

Mathura
281001

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when अग्रवाल सभा posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share

Category