23/06/2026
🔱📜*महादेव की सीख*📜🔱
> 📖 *शिव पुराण (विद्वेश्वर संहिता):*
*“सत्यं शौचं दया क्षान्तिस्त्यागः सन्तोष एव च।*
*एते धर्माः शुभाः प्रोक्ताः शिवप्रीतिकराः सदा॥”* 🌿
🌿 *सरल अर्थ:* _सत्य, पवित्रता, दया, क्षमा, त्याग और संतोष—इन सद्गुणों को ही परम शुभ धर्म कहा गया है, जो सदा भगवान शिव को अत्यंत प्रिय हैं और उनकी कृपा प्राप्त कराते हैं। ✨_
✨ *जीवन की सीख:*
महादेव हमें सिखाते हैं कि आज का मनुष्य जो कुछ उसके पास है, उसका आनंद लेने के बजाय हमेशा दूसरों की देखा-देखी और अधिक पाने की अंधी दौड़ में दौड़ रहा है। यही आपकी अशांति का मुख्य कारण है।
यदि जीवन में सच्चा मानसिक सुकून चाहिए, तो अपनी मेहनत पर विश्वास रखें, लोभ और ईर्ष्या का त्याग करें, तथा जो प्राप्त है उसी में तृप्त रहकर 'संतोष' का धन अपनाएं। जिसके भीतर संतोष है, महादेव का वास भी उसी के मन में है। 🏔️✨
*🌺 ।। हर हर महादेव ।। 🌺*