29/11/2025
असम में दूसरी शादी करने वाले तो नपेंगे ही, 'दावत' खाने वाले भी जाएंगे जेल! क्या हैं प्रावधान?
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार (27 नवंबर) को असम विधानसभा में बहुप्रतीक्षित बहुविवाह बिल 2025 पारित कर दिया है. सीएम हिमंता ने कहा कि असम विधानसभा ने गुरुवार को एक से ज़्यादा शादी पर रोक लगाने वाला एक बिल पास कर दिया है. इससे यह एक सज़ा वाला अपराध बन गया है और इसके लिए सात साल तक की जेल हो सकती है. साथ ही, पीड़ित महिला को मुआवज़ा देने का भी प्रावधान है. सीएम ने आगे कहा, 'असम प्रोहिबिशन ऑफ़ पॉलीगैमी बिल, 2025' उत्तराखंड विधानसभा द्वारा पास किए गए यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल की तरह ही राज्य में नया कानून लाने की दिशा में पहला कदम है.' उन्होंने कहा कि अगर अगले साल होने वाले राज्य चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सत्ता में आती है, तो UCC बिल पहले विधानसभा सत्र में पूरी तरह से पास हो जाएगा.
असम विधानसभा में पारित हुए बहुविवाह बिल के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति पहले से शादीशुदा है और पहली शादी कानूनी रूप से खत्म हुए बिना दूसरी शादी भी कर लेता है तो इसे अपराध माना जाएगा. असम विधानसभा में पारित बिल 'प्रोहिबिशन ऑफ पॉलिगैमी बिल 2025' में अगर कोई दोषी पाया जाता है तो इस कानून के मुताबिक उसे जाने पर अधिकतम 7 साल और अगर कोई शख्स पहली शादी छिपाकर दूसरी शादी करता है तो उसे 10 साल की जेल हो सकती है. इसके साथ ही उस अपराधी को पीड़ित महिला को मुआवजा भी देना पड़ेगा ताकि पीड़ित महिला की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. इस बिल के मुताबिक सिर्फ बहुविवाह करने वाले शख्स पर जुर्माना और सजा नहीं होगी बल्कि इस विवाह में दावत खाने वालों पर भी इसकी गाज गिरेगी. दरअसल कानून के मुताबिक उन लोगों पर भी कार्रवाई होगी जिन्हें इस बहुविवाह के बारे में जानकारी होगी और वो पुलिस को इसके बारे में नहीं बताएंगे. इसके अलावा उस काजी या पुजारी को भी जुर्माना देना होगा. इतना ही नहीं जो भी बहुविवाह को बढ़ावा देगा उन सब को इसका दोषी माना जाएगा. चाहे वो गांव का मुखिया हो, माता-पिता हों या फिर काजी या पुजारी हों. अगर कोई शख्स बहुविवाह की जानकारी जानबूझकर पुलिस को नहीं देता तो उसे भी मुख्य आरोपी का सहयोगी मानते हुए 2 साल और एक लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है.