07/08/2026
कोई था जिसने अपने सार्वजनिक जीवन में कभी मंचों से चीख कर नहीं कहा मैं क्षत्रिय हूँ । लेकिन उन्होने सभी क्षत्रिय परम्पराओं का अनुसरण और दृढ़ता से पालन किया!!
कोई था जिसने कभी खुद को शेरे ए पूर्वांचल नहीं कहा लेकिन उनके पीछे चल रहा अपार जनसमर्थन चीख चीखकर कह रहा है कि सच मायने में यही शेरे ए पूर्वांचल यही था । असली बाहुबली वही है जिसके आगे पीछे दशों दिशाओं में मीलो दूर तक सिर और भुजाएँ ही दिख रही है ..
उनके निधन के 36 घंटे हो चुके हैं , रसड़ा नगर से गाँव के चट्टी चौराहे अजीब खामोश है , सारी की सारी भीड़ उनके पीछे चल रही है , पैतृक गाँव से अंतिम यात्रा निकली और 30 किमी दूरी तय करने में कम से कम 6 घंटे लगा, इतनी भीड़ है।
बहुत लम्बी रेखा खींच गए विधायक जी
ओम शान्ति
विनम्र श्रद्धांजलि
🙏🙏🙏🙏