29/04/2018
अभी अभी एक ताज़ा मामला प्रकाश में आया है। उत्तर रेलवे लखनऊ मण्डल के सुल्तानपुर सेक्शन के अधीनस्थ गेट न० 80C जो सुल्तानपुर-लखनऊ रुट के मध्य KM-924/29-31 में अवस्थित है।
दिनांक 27.04.18 को वहाँ कार्यरत हमारे एक ट्रैकमैन साथी श्री चक्रधारी कुमार, जो SSE/PWAY-1/SLN में गैंग न०18 बन्धुकालां में ट्रैकमैन के पद पर नियुक्त है। उक्त तिथि को चक्रधारी कुमार गेट न०80C पर रेस्ट रिलीवर की ड्यूटी कर रहा था, समय दोपहर 13:08 बजे स्टेशन अधीक्षक बन्धुकालां अप साइड से गाड़ी संख्या UP-MTSS तथा डाउन लाइन से गाड़ी संख्या DN-BOXN के लिये सुचना दी गयी। लगभग समय 13:10 बजे एक ट्रक जिसका न० UP44AT1563 था,गेट पर आकर खड़ी हो गयी। एवं गेट खोलने के लिए दवाब बनाने लगा, तब मैंने उनको बताया कि दोनों तरफ से गाड़िया है, गाड़ी गुजरने के बाद ही मैं गेट खोल सकता हूँ।इतना सुनते ट्रक ड्राइवर ने गेटमैन के साथ गाली-गलौज़ करने लगा, जिसका गेटमैन ने विरोध किया इससे वह और भड़क गया और ट्रक से उतरकर गेटमैन के साथ मारपीट करने लगा इतने में ट्रक में सवार अन्य दो आदमी भी उत्तर आये एवम गेटमैन के को लात घुशो से मारने लगे जिससे उसके मुंह के अंदर तालु में चोट लगने से मुंह के अंदर से खून निकलने लगा। एवम चेहरा भी सूज गया, गेटमैन को मारने के पश्च्यात वे लोग उसे जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए।
इसके बाद गेटमैन ने इसकी सूचना स्टेशन मास्टर श्री विपिन कुमार को एवम अपने सेक्शनल SSE श्री ए० के० पांडेय को दी।
गेटमैन ने जब अपनी शिकायत पत्र नजदीकी पुलिस चौकी बन्धुकाला को देनी चाही तो चौकी इंचार्ज ने शिकायत पत्र लेने से इंकार कर दिया और बोला की चुप चाप सुलह कर लो इसी में भलाई है, ऐसा वह इस लिए बोला गावँ के प्रधान ने पैसो से उसका पेट भर दिया था। बाद में पुनः पुलिस चौकी प्रभारी ने कॉल कर गेटमैन को बुलाया, और उलटे गेटमैन पर ही आरोप लगाने लगा की तुम एक महिला से अश्लील हरकत किये हो जिसकी शिकायत महिला के पति ने की है। चौकी प्रभारी ने गेट मैंन को जेल में बंद करने लगा इसकी जानकारी मिलते ही SSE/PWAY-1 SECTIONAL/SLN श्री A.K PANDEY ने उनको बोला की अगर आप हमारे गेटमैन को बन्द किया तो मैं सभी ट्रेने खडी कर दूंगा, कोई गाड़ियों की संचालन नही होगी ये सुनकर चौकी प्रभारी डर गया, जिसके बाद गेटमैन वहाँ से चला आया।
अगले दिन जब अपनी FIR दर्ज करने गेटमैन कुड़वार थाने गया तो तो उसने भी गेट मैंन को बंद करने लगा एवम कहने लगा की चुप चाप सुलह कर लो।
इसके बाद SSE/SEC/SLN औरRPF एवम गांव के प्रधान के बीच सभी ने समझौता कर लिया। एवम प्रधान ने इस घटना के लिये गेटमैन के पैर पकड़ने लगा और वादा किया कि अगली बार से ऐसी गलती नही होगी।
तो दोस्तों ये है एक रेलवे कर्मचारी की दास्तां अगर हम रेल संरक्षा को ताक पे रखकर गेट खोलते है तो रेल दुर्घटना हो सकती है। अगर गेट नहीं खोला तो पब्लिक से मार खाओ और शिकायत दर्ज करने थाने जाओ तो उलटे अपने ऊपर ही इलज़ाम भुगतने को तैयार रो।
क्या ऐसे होगी ड्यूटी......
आप सभी साथी इस संदेश को viral करो ताकि इसकी जानकारी ऊपर तक बैठे आला अधिकारियों तक जाएँ।