Qureshi Welfare Society Losal

Qureshi Welfare Society Losal खिदमत-ए-ख़ल्क़ का अर्थ है पूरी मानवता की सेवा

Good night
02/10/2025

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29/07/2025

मोबाइल के दुष्प्रभाव
आजकल मोबाइल फोन हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है। जहाँ एक ओर इसने हमारे जीवन को आसान बनाया है, वहीं दूसरी ओर इसके कई दुष्प्रभाव भी हैं जिनके बारे में जानना बहुत ज़रूरी है।
शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रभाव
* आँखों पर तनाव (आई-स्ट्रेन): मोबाइल फोन की स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी और लगातार छोटी स्क्रीन पर देखने से आँखों में सूखापन, जलन, धुंधलापन और सिरदर्द जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। लंबे समय तक इसके उपयोग से मोतियाबिंद और मैक्यूलर डीजेनरेशन (दृष्टि हानि) का खतरा बढ़ जाता है।
* गर्दन और पीठ का दर्द: मोबाइल का उपयोग करते समय लोग अक्सर गर्दन झुकाकर बैठते या खड़े होते हैं, जिसे "टेक्स्ट नेक" कहा जाता है। इससे गर्दन, कंधे और पीठ में दर्द, अकड़न और स्पाइनल समस्याएँ हो सकती हैं।
* नींद में कमी: रात में मोबाइल फोन का उपयोग करने से स्क्रीन की नीली रोशनी मेलाटोनिन हार्मोन (जो नींद को नियंत्रित करता है) के उत्पादन को बाधित करती है। इससे नींद आने में कठिनाई (अनिद्रा) होती है और नींद की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है, जिससे थकान और चिड़चिड़ापन हो सकता है।
* अंगूठे और कलाई में दर्द: लगातार टाइपिंग और स्क्रॉलिंग करने से अंगूठे और कलाई में दर्द, सूजन और रिपीटिटिव स्ट्रेस इंजरी (आरएसआई) जैसी समस्याएँ हो सकती हैं, जिसे "टेक्स्टर्स थंब" भी कहते हैं।
* मोटापा और गतिहीन जीवनशैली: मोबाइल फोन पर अधिक समय बिताने से शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है, जिससे मोटापा और अन्य जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर प्रभाव
* व्यसन (एडिक्शन): मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग एक प्रकार का व्यसन बन सकता है। लोग इसके बिना बेचैनी, चिंता और अकेलापन महसूस करते हैं। यह स्थिति नोमोफोबिया (नो-मोबाइल-फोबिया) कहलाती है।
* सामाजिक अलगाव: वर्चुअल दुनिया में अधिक समय बिताने से लोग वास्तविक सामाजिक संबंधों से दूर हो जाते हैं। इससे अकेलापन, अवसाद और सामाजिक कौशल में कमी आ सकती है।
* तनाव और चिंता: सोशल मीडिया पर दूसरों की "परफेक्ट" जिंदगी देखकर लोग अक्सर अपनी तुलना करने लगते हैं, जिससे तनाव, हीन भावना और चिंता बढ़ सकती है। "फोमो (फियर ऑफ मिसिंग आउट)" भी एक समस्या है जहाँ लोग यह चिंता करते हैं कि वे कुछ महत्वपूर्ण मिस कर रहे हैं।
* ध्यान केंद्रित करने में कमी: मोबाइल फोन पर लगातार आने वाले नोटिफिकेशन और जानकारी की अति से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता कम हो जाती है और उत्पादकता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
* आत्म-सम्मान में कमी: सोशल मीडिया पर मिलने वाले लाइक्स और कमेंट्स पर निर्भरता व्यक्ति के आत्म-सम्मान को प्रभावित कर सकती है।
* साइबरबुलिंग: मोबाइल के माध्यम से होने वाली साइबरबुलिंग बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
शैक्षिक और व्यावसायिक जीवन पर प्रभाव
* पढाई में बाधा: छात्रों के लिए मोबाइल फोन ध्यान भटकाने का एक बड़ा कारण बन सकता है, जिससे उनकी पढाई प्रभावित होती है और शैक्षणिक प्रदर्शन खराब हो सकता है।
* कार्यक्षमता में कमी: काम के दौरान मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग कार्यक्षमता और एकाग्रता को कम करता है, जिससे उत्पादकता में गिरावट आती है।
अन्य दुष्प्रभाव
* दुर्घटनाओं का खतरा: ड्राइविंग करते समय या सड़क पर चलते समय मोबाइल फोन का उपयोग दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण बन सकता है।
* वित्तीय बोझ: नए फोन खरीदने, डेटा प्लान और इन-ऐप खरीदारी पर लगातार खर्च वित्तीय बोझ बढ़ा सकता है।
* गोपनीयता और सुरक्षा संबंधी चिंताएँ: मोबाइल फोन पर हमारी बहुत सी व्यक्तिगत जानकारी होती है, जिसके दुरुपयोग या चोरी होने का खतरा बना रहता है।
मोबाइल फोन के दुष्प्रभावों से बचने के लिए संतुलित उपयोग बहुत महत्वपूर्ण है। हमें इसके उपयोग को सीमित करने और वास्तविक जीवन में अधिक समय बिताने की कोशिश करनी चाहिए। क्या आप इन दुष्प्रभावों को कम करने के लिए कुछ तरीकों के बारे में जानना चाहेंगे?

कुरैशी समाज की छात्रा को काली बाई भील योजना के तहत मिली स्कूटी, समाज में हर्ष का माहौलशिक्षा के माध्यम से समाज व देश का ...
22/07/2025

कुरैशी समाज की छात्रा को काली बाई भील योजना के तहत मिली स्कूटी, समाज में हर्ष का माहौल

शिक्षा के माध्यम से समाज व देश का विकास संभव - कैप्टन कुरैशी

लोसल, राजस्थान: कुरैशी समाज के लिए यह अत्यंत गर्व का क्षण है! हाल ही में, काली बाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी वितरण योजना के तहत कुरैशी समाज की होनहार छात्रा मुस्कान बानो पुत्री महबूब नागौरी को स्कूटी प्रदान की गई, जिससे समाज में खुशी की लहर दौड़ गई है।
मुस्कान बानो की इस उपलब्धि पर कुरैशी वेलफेयर सोसाइटी लोसल द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य इस छात्रा के हौसले को बढ़ाना और उसे आगे भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना था।
इस अवसर पर, कुरैशी वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष कैप्टन मोहम्मद जमील कुरैशी ने छात्रा का उत्साहवर्धन किया और उसे भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और बताया कि कैसे शिक्षा के माध्यम से समाज और देश का विकास संभव है। कुरैशी वेलफेयर सोसाइटी लोसल ने इस पहल के माध्यम से छात्रा को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया है। यह घटना समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस उपलब्धि से लोसल के कुरैशी समाज में हर्ष का माहौल है।
कार्यक्रम में, चैयरमेन प्रतिनिधि इस्माइल नागौरी ने भी शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, "शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पियेगा वही दहाड़ेगा!" उन्होंने सभी को शिक्षा के प्रति गंभीर होने और बेटियों को भी शिक्षित करने के लिए प्रेरित किया। सोसायटी के शिक्षा सचिव शौकत सर (निदेशक SBN स्कूल) ने कहा कि शिक्षा ही सफलता की कुंजी है और शिक्षा से ही हम एक मजबूत समाज का निर्माण कर सकते हैं।
कार्यक्रम में छात्रा के परिवार के सदस्य और समाज के गणमान्य व्यक्ति भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। सभी ने छात्रा को उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और उसके इस कदम को सराहा। कुरैशी वेलफेयर सोसाइटी के उपाध्यक्ष नईम अख्तर अली कुरैशी ने आए हुए सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। यह उपस्थिति समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और बेटियों को सशक्त बनाने की सामूहिक इच्छा को दर्शाती है।
स्कूटी प्राप्त करने वाली छात्रा मुस्कान ने भी सभी का धन्यवाद दिया। उसने बताया कि यह सम्मान उसे और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगा। छात्रा ने इस बात पर जोर दिया कि कठिन परिश्रम से ही सफलता मिलती है और सभी छात्रों को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए।

Transformation
03/07/2025

Transformation

कुरैशी वेलफेयर सोसायटी लोसल के अध्यक्ष कैप्टन मोहम्मद जमील कुरैशी ने समाज के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश ...
30/06/2025

कुरैशी वेलफेयर सोसायटी लोसल के अध्यक्ष कैप्टन मोहम्मद जमील कुरैशी ने समाज के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला है, जिसमें शिक्षा, नशामुक्ति और सामाजिक सद्भाव प्रमुख हैं। आइए इन पर विस्तार से चर्चा करें:
शिक्षा: धार्मिक और दुनियावी ज्ञान का संतुलन
कैप्टन कुरैशी का यह कहना बिल्कुल सही है कि समाज में हर बच्चे, खासकर लड़कियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। शिक्षा ही किसी भी समाज की नींव होती है और यह व्यक्तियों को सशक्त बनाती है।
* लड़कियों की शिक्षा: लड़कियों की शिक्षा पर विशेष जोर देना इसलिए भी आवश्यक है क्योंकि एक शिक्षित महिला पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ी को शिक्षित करती है। यह न केवल उनके व्यक्तिगत विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज में लैंगिक समानता और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए भी अनिवार्य है।
* दुनियावी तालीम का महत्व: सिर्फ दीनी (धार्मिक) तालीम ही नहीं, बल्कि दुनियावी (आधुनिक) तालीम जैसे विज्ञान, प्रौद्योगिकी, वाणिज्य आदि पर भी जोर देना समय की मांग है। आज के प्रतिस्पर्धी युग में, ये विषय युवाओं को रोजगार के नए अवसर तलाशने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद करते हैं। तकनीकी शिक्षा उन्हें नवाचार करने और देश के विकास में योगदान करने में सक्षम बनाती है, जबकि वाणिज्यिक ज्ञान उन्हें उद्यमिता और व्यापारिक दुनिया में सफल होने के लिए तैयार करता है। एक संतुलित शिक्षा प्रणाली जो धार्मिक मूल्यों और आधुनिक ज्ञान दोनों को समाहित करती है, युवाओं को एक बेहतर भविष्य की ओर ले जा सकती है।
नशामुक्ति: एक गंभीर सामाजिक बुराई से मुक्ति
नशा समाज के लिए एक विकराल समस्या है, जो युवाओं के भविष्य और पारिवारिक शांति को नष्ट कर देती है। कैप्टन कुरैशी ने नशे के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कहकर एक महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाया है।
* कठोर रुख और प्रभावी उपाय: नशे के खिलाफ सिर्फ बातें करना ही काफी नहीं है, बल्कि इस पर सख्त रुख अपनाना और प्रभावी कदम उठाना जरूरी है। इसमें कानूनी कार्यवाही को मजबूत करना, नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाना और नशे के शिकार लोगों के लिए उचित सहायता प्रदान करना शामिल है।
* नशामुक्ति कैंप्स: नशामुक्ति कैंप्स की स्थापना और उनका प्रभावी संचालन नशे की लत से जूझ रहे लोगों को इस दलदल से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इन कैंपों में चिकित्सा सहायता, परामर्श और पुनर्वास कार्यक्रम शामिल होने चाहिए।
* धार्मिक उपदेशों की भूमिका: धार्मिक उपदेश और नैतिक शिक्षा भी युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और उन्हें सही रास्ते पर लाने में सहायक हो सकती है। धर्म अक्सर नैतिक मूल्यों और संयम का पाठ पढ़ाता है, जो युवाओं को गलत आदतों से दूर रहने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
सामाजिक एकता: इत्तेहाद और भाईचारे को बढ़ावा
समाज के अंदरूनी मतभेदों (इख़्तिलाफ़ात) को खत्म करके एकता (इत्तेहाद) और भाईचारे को बढ़ावा देना एक स्वस्थ और प्रगतिशील समाज के लिए अनिवार्य है।
* भेदभाव का अंत: जाति, धर्म, वर्ग या किसी अन्य आधार पर होने वाले भेदभाव को समाप्त करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। सामाजिक एकता के लिए यह आवश्यक है कि सभी व्यक्ति एक-दूसरे का सम्मान करें और सद्भाव के साथ रहें।
* सामुदायिक कार्यक्रम: ऐसे कार्यक्रमों और पहलों को बढ़ावा देना चाहिए जो विभिन्न समुदायों के लोगों को एक साथ लाएं, जिससे उनके बीच समझ और विश्वास बढ़े। संवाद और मेल-जोल से गलतफहमियों को दूर किया जा सकता है और सौहार्दपूर्ण संबंध स्थापित किए जा सकते हैं।
* सहयोग और साझा लक्ष्य: जब समाज के लोग एकजुट होकर काम करते हैं और साझा लक्ष्यों की ओर बढ़ते हैं, तो वे अधिक शक्तिशाली और लचीले बनते हैं। यह एकता उन्हें सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक चुनौतियों का सामना करने में मदद करती है।
कैप्टन मोहम्मद जमील कुरैशी द्वारा उठाए गए ये सभी बिंदु एक सशक्त, शिक्षित और सामंजस्यपूर्ण समाज के निर्माण के लिए आधारशिला का काम करते हैं। इन विचारों को जमीनी स्तर पर लागू करने से ही वास्तविक परिवर्तन लाया जा सकता है।

29/06/2025


✊ क़ुरैशी समाज की नशे के ख़िलाफ़ जंग
“सेहत, सभ्यता और समाज की रक्षा के लिए!”

🛑 नशा – समाज को खोखला करने वाली आग
• युवाओं में नशा बढ़ता गया, हुनर और हिम्मत घटती गई।
• घरों में अशांति, रिश्तों में दूरी और रोज़गार से दूरी बढ़ी।
• बीमारी, अपराध, आत्महत्या और कर्ज़ का बोझ — ये सब उसी के परिणाम हैं।

📌 क़ुरैशी समाज का ऐलान:

“नशा नहीं, शिक्षा चाहिए”
“कला, क़ुरबानी और किरदार हमारी पहचान है – नशा नहीं!”

✅ प्रस्ताव:
1. 🔹 समाज के हर गाँव/शहर में “नशा मुक्ति शपथ”
2. 🔹 लड़कों की शादी में नशा करने वाले को बारात से दूर
3. 🔹 हर मदरसा और स्कूल में नशे के ख़िलाफ़ क्लास और पर्चे
4. 🔹 युवाओं के लिए स्पोर्ट्स क्लब, जिम और करियर मार्गदर्शन शिविर
5. 🔹 नशे के खिलाफ स्थानीय स्तर पर हेल्पलाइन और परामर्श केंद्र
6. 🔹 “क़ुरैशी समाज – नशा मुक्त समाज” अभियान को राज्यव्यापी आंदोलन बनाया जाए।

🧠 “हुनर हमारा विरासत है, नशा हमारी तबाही!”
🕌 “हम उस रसूल के उम्मती हैं जिनके दर पर शराब हराम कर दी गई थी।”

Congratulations
26/06/2025

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शुक्रिया प्रिंट मीडिया
25/06/2025

शुक्रिया प्रिंट मीडिया

कुरैशी वेलफेयर सोसाइटी ने नीट में चयनित मेधावी छात्रों को किया सम्मानित शिक्षा और समाज सेवा का अद्भुत संगमशिक्षा ही समाज...
24/06/2025

कुरैशी वेलफेयर सोसाइटी ने नीट में चयनित मेधावी छात्रों को किया सम्मानित

शिक्षा और समाज सेवा का अद्भुत संगम

शिक्षा ही समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है -- कैप्टन कुरैशी

लोसल। राजस्थान कुरैशी वेलफेयर सोसाइटी ने हाल ही में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में शानदार सफलता प्राप्त करने वाले तीन मेधावी छात्रों को सम्मानित कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। यह सम्मान समारोह लोसल में आयोजित किया गया, जो सोसाइटी की शिक्षा को बढ़ावा देने और समाज सेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मेधावी छात्रों का सम्मान
सोसाइटी द्वारा आयोजित एक भावपूर्ण समारोह में, नमन अग्रवाल, साहिल नागौरी और कैफ नागौरी को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए सराहा गया। इन छात्रों ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से नीट जैसी प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण परीक्षा में सफलता हासिल की है। सोसाइटी के सदस्यों, गणमान्य व्यक्तियों और छात्रों के परिजनों ने इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सोसाइटी के पदाधिकारियों ने उनके उज्जवल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर, कुरैशी वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष कैप्टन मोहम्मद जमील कुरैशी ने अपने संबोधन में कहा, "हमें अपने युवाओं की इस अद्भुत उपलब्धि पर गर्व है। नीट में सफलता प्राप्त करना उनकी अथक मेहनत और समर्पण का परिणाम है। हमारी सोसाइटी हमेशा से शिक्षा को बढ़ावा देने और मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ व्यापक समाज सेवा के लिए भी प्रतिबद्ध रही है।"
उन्होंने आगे कहा, "नमन, साहिल और कैफ ने न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे समाज का नाम रोशन किया है। वे अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं, जो उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। हमारा मानना है कि शिक्षा ही समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है और इन बच्चों की सफलता इस बात का प्रमाण है।

"छात्रों की प्रतिक्रिया और भविष्य की प्रेरणा

छात्रों ने भी इस सम्मान के लिए कुरैशी वेलफेयर सोसाइटी का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और दोस्तों के अमूल्य समर्थन को दिया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने तथा समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित करेगा।

कुरैशी वेलफेयर सोसाइटी समय-समय पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करती रहती है, जिसका दोहरा उद्देश्य समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रतिभाशाली छात्रों को मंच प्रदान करना है, साथ ही विभिन्न सामाजिक कार्यों में सक्रिय रूप से योगदान देना भी है। इस प्रकार के आयोजन न केवल छात्रों का मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने और एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित भी करते हैं। यह सोसाइटी समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्यरत है।

23/06/2025

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