18/01/2026
उच्च विद्यालय सीमलबारी जिसकी स्थापना सन 1982 ई. में मेरे वालिद मरहूम मुन्ना मुस्ताक (पूर्व मंत्री,बिहार ) जो किशनगंज से लगातार 15 वर्षों तक विधायक रहे उन्होंने किया था। वर्ष 1995 तक यहां लगातार पठन-पाठन का कार्य होता रहा और विद्यालय के सरकारीकरण के लिए अथक प्रयास के बावजूद नहीं हो पाया। नतीजा यह हुआ 1995 में मेरे पिता के चुनाव हारने के बाद धीरे-धीरे इस विद्यालय के शिक्षक अपने रोजगार के लिए दूसरे दूसरे कार्य में लग गए और विद्यालय बंद हो गया।
विद्यालय की पांच एकड़ भूमि जो राज्यपाल बिहार के नाम से निबंधित है एवं विधायक मत की राशि से भवन निर्मित है उसमें से कुछ भूमि माफियाओं द्वारा वर्ष 2010 में बेच दिया गया था जिसके बाद तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी किशनगंज श्री खुर्शीद आलम ने मुझे बुला कर कहा की जब मैं किशनगंज का प्रखंड विकास पदाधिकारी था आपके पिता ने स्कूल की स्थापना की थी मगर आज वह बीमार है और स्कूल की जमीन को बेचा जा रहा है ऐसे में मैंने रजिस्ट्री पर तो रोक लगा दी है मगर जितनी जल्दी हो इसको खड़ा कीजिए।
उसी वर्ष अपने वालिद की बीमारी की वजह से मैं नौकरी छोड़कर किशनगंज आ गया था तब से लगातार विद्यालय को संबद्धता दिलाने के लिए प्रयासरत हूं मगर भूमाफियाओं और अंचल पदाधिकारी की मिली भारत के कारण आज तक विद्यालय अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। जबकि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से संबद्धता के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी किशनगंज द्वारा निरीक्षण कर रिपोर्ट पटना भेजा जा चुका है। स्थानीय नेताओं एवं ग्रामीण की उदासीनता के कारण विद्यालय की स्थिति ऐसी हो गई है कि यहां पर लगातार भूमि का अतिक्रमण किया जा रहा है जिला पदाधिकारी को बार-बार लिखने के बावजूद भी कभी कोई संज्ञान नहीं लिया जाता है।
आज 18/01/26 (रविवार )को विद्यालय प्रांगण में प्रबंधन समिति की बैठक रखी गई जिसमें आगामी गणतंत्र दिवस को मनाने के साथ-साथ विद्यालय की वर्तमान स्थिति पर भी विचार विमर्श किया गया।
आज की बैठक में मुख्य रूप से अध्यक्ष फैयाज आलम,मास्टर मजीद आलम, जावेद प्रधान, मुजीबुर रहमान, इंजीनियर नावेद सहित अन्य गण मन व्यक्ति मौजूद रहे।
एम.के.रिज़वी उर्फ नन्हा मुस्ताक
सचिव,विद्यालय प्रबंधन समिति