09/01/2026
प्रेस रिलीज़
किसान मज़दूर मोर्चा (KMM)
तारीख: 8 जनवरी 2026
स्थान: किसान भवन, चंडीगढ़
किसान मज़दूर मोर्चा (KMM) द्वारा आज किसान भवन, चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पंजाब तथा देशभर में लागू किए जा रहे किसान-मज़दूर विरोधी क़ानूनों और सरकारी नीतियों के खिलाफ आने वाले आंदोलनों का ऐलान किया गया।
KMM चैप्टर पंजाब की पंजाब सरकार के साथ पंजाब भवन, चंडीगढ़ में हुई बैठक बेनतीजा रहने के बाद गुरुद्वारा अंब साहिब, मोहाली में मनजीत सिंह राय की अध्यक्षता में एक और बैठक हुई, जिसमें आगामी समय की संघर्षात्मक रणनीति तय की गई।
आने वाले आंदोलन
1. 13 जनवरी 2026 को बिजली संशोधन बिल 2025, बीज क़ानून 2025 और VB ग्राम योजना से जुड़े संशोधन क़ानूनों की प्रतियां पंजाब के गांव-स्तर पर लोहड़ी की अग्नि में जलाई जाएंगी।
2. 21 और 22 जनवरी 2026 को स्मार्ट मीटर उतारकर दूसरे चरण के तहत नज़दीकी बिजली दफ्तरों में जमा करवाए जाएंगे।
3. 18 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री भगवंत मान के मजीठा (अमृतसर) दौरे के दौरान शंभू-खनौरी मोर्चा उजाड़ने, ट्रॉलियों की चोरी और अन्य मांगों को लेकर सवाल उठाए जाएंगे।
4. 5 फ़रवरी 2026 को पंजाब के मंत्रियों और विधायकों के घरों के सामने धरने दिए जाएंगे।
5. 24–25 जनवरी 2026 को राजस्थान में KMM चैप्टर इंडिया की बैठक आयोजित की जाएगी।
सरकार की नाकामी की निंदा
प्रेस को संबोधित करते हुए KMM नेताओं ने कहा कि भगवंत मान सरकार बैठक का न्योता देकर भूल गई, जिसकी मोर्चा कड़े शब्दों में निंदा करता है। शंभू-खनौरी मोर्चों के दौरान हुए नुक़सान का मुआवज़ा देने से सरकार बच रही है, जबकि कई मांगों पर पहले ही सहमति बन चुकी थी।
मोर्चा ने निम्नलिखित मांगों को तुरंत लागू करने की मांग की:
1. आंदोलनों के दौरान शहीद हुए किसानों और मज़दूरों के परिवारों को मुआवज़ा और सरकारी नौकरियां।
2. दिल्ली आंदोलन-2 (शंभू-खनौरी) के दौरान घायल हुए किसानों-मज़दूरों को मुआवज़ा।
3. पराली जलाने, रेड एंट्रियों, जुर्मानों तथा आंदोलनों के दौरान दर्ज किए गए पुलिस और रेलवे पुलिस के सभी मामलों को वापस लिया जाए।
4. बाढ़ से प्रभावित किसानों को लंबित मुआवज़ा तुरंत जारी किया जाए।
बिजली संशोधन बिल और अन्य क़ानून
मुख्यमंत्री द्वारा बिजली संशोधन बिल का केवल मौखिक विरोध किया गया है, जबकि KMM की मांग है कि इस बिल के खिलाफ पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया जाए। बीज बिल, भारत-अमेरिका समझौते और VB ग्राम योजना पर पंजाब सरकार अपना स्पष्ट रुख सार्वजनिक करे तथा केंद्र सरकार को भेजी गई चिट्ठी को सामने लाया जाए।
बैठक में पारित प्रमुख प्रस्ताव
1. पंजाब में नशों की बेलगाम बिक्री पर गहरी चिंता जताई गई और इसके लिए केंद्र सरकार, पंजाब सरकार, नशा माफिया और पुलिस के गठजोड़ को जिम्मेदार ठहराया गया। नशों के खिलाफ संयुक्त जन आंदोलन का आह्वान किया गया।
2. पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के लिए केंद्र और पंजाब सरकार की नीतियों को जिम्मेदार बताया गया।
3. प्रेस की आवाज़ दबाने के प्रयासों की निंदा करते हुए पत्रकार समुदाय के आंदोलन को समर्थन दिया गया।
4. हवा और पानी को प्रदूषित करने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
अंत में
KMM ने कहा कि देश और पंजाब में कृषि संकट बेहद गहरा हो चुका है। कर्ज़ में डूबे किसान लगातार आत्महत्याएं कर रहे हैं। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने का वादा पूरी तरह विफल साबित हुआ है। केंद्र और पंजाब सरकार की कॉर्पोरेट-पक्षधर नीतियां किसानों, मज़दूरों, कर्मचारियों, दुकानदारों और छोटे व्यापारियों से रोज़गार छीनने की ओर बढ़ रही हैं।
किसान मज़दूर मोर्चा पंजाब के सभी लोगों से आने वाले आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी की अपील करता है, क्योंकि इस कॉर्पोरेट हमले का मुकाबला केवल संयुक्त और संगठित संघर्ष से ही किया जा सकता है।
बैठक में उपस्थित नेता और संगठन:
सरवण सिंह पंधेर (किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी पंजाब),
मनजीत सिंह राए (बीकेयू दोआबा),
जसविंदर सिंह लोंगोवाल (बीकेयू आज़ाद),
बलदेव सिंह जीरा (बीकेयू क्रांतिकारी),
जंग सिंह भनेड़ी (बीकेयू भनेड़ी),
बलकार सिंह बैंस (बीकेएमयू पंजाब),
बलवंत सिंह बहरामके (बीकेयू बहरामके),
अमरजीत मोहड़ी (बीकेयू शहीद भगत सिंह),
और किसान मज़दूर हितकारी सभा।