22/07/2022
लोकतंत्र में जनता का आदेश सर्वोपरि होता है व जनता का आदेश स्वीकार है ।
आप सभी का असीम प्यार व आशिर्वाद मुझे मिला है,
किन्तु जीत के लिए कुमार्ग को अपनाऊ ऐसी मेरी विचारधारा नही...
एक चुनाव के लिए मैं अपनी नैतिकता नहीं खो सकती...
मेने मेरे जीवन में हमेशा से जनता की सेवा को महत्व दिया व यही उद्देशय लेकर चलती रहूंगी।
शायद मेरे काम में कोई कमी रह गई,
परंतु दोगुनी गति से कार्य करने का हौसला मिला ।
कर्म करना हमारे हाथ में,,,,,बाकी ईश्वर है ना
मैं और मेरा परिवार सदेव हमारे शहर की माटी के लिए कटिबद्ध है ।
आगे भी मन ने हार नही मानी है,
मुझसे जो सेवा होगी जनता जनार्दन के लिए करने के लिए तत्पर रहूंगी ।
आपकी बहु, बेटी, बहन
नीमा विनोद गौर
🙏🙏🙏