11/04/2026
महाभियोग के डर से जस्टिस यशवंत वर्मा ने इस्तीफा दे दिया है. अब उनपर महाभियोग नही चलेगा.
इस्तीफे के बाद अब जस्टिस वर्मा को पेंशन और रिटायरमेंट के अन्य सरकारी लाभ मिलते रहेंगे. यानी जनता के टैक्स पर भ्रष्टाचार का आरोपी जज मजा करेगा.
केंद्रीय राजनीति के टॉप नेता, टॉप ब्यूरोक्रेट्स, टॉप जज, टॉप पत्रकार, टॉप आर्मी अफसर और टॉप उद्योगपति को सजा देना नामुमकिन है.
इन सबकी आबादी मुश्किल से 5000 के करीब होगी. यही 5000 इस देश के शासक हैं. इनमें 99.99% सवर्ण हैं.
इन सबका NEXUS है. सब एक दूसरे से मिलकर काम करते हैं. यह नही चाहते इनमें से किसी को सजा हो. ज्यादा हो हल्ला होने पर कार्यवाही का ड्रामा कर सकते हैं. क्या मेरी बात गलत है. क्या आज तक किसी केंद्रीय लेवल के नेता या टॉप जज या अफसर को सजा हुई है ?