04/01/2026
बाबूजी द्वारा दी गई निष्ठा, धैर्य और परिश्रम की पराकाष्ठा की सीख ही मेरे जीवन का मूलमंत्र है।
आइए, उझानी में 5 जनवरी को उनकी जयंती पर हम सब एकसाथ बैठकर उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प दोहराएँ।