महेन्द्र प्रताप सिंह

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महेन्द्र प्रताप सिंह सर्व समाज व गौ सेवा के संपूर्ण विकास क?

20/07/2023

अरे कही तुम्हारे इंडिया का ये मतलब तो नही है 🤔
I-Indira,N-Nehru,
D-Dmad I-Inclusive, A-Antonia

 #प्ररेणादायक  #व्यक्तित्व श्री आलोक सागर....IIT दिल्ली से इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में डिग्री , ह्यूस्टन से पी एच डी , ...
08/11/2022

#प्ररेणादायक #व्यक्तित्व
श्री आलोक सागर....IIT दिल्ली से इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में डिग्री , ह्यूस्टन से पी एच डी , टैक्सास से पोस्ट डाक्टरेट ,पूर्व आर बी आई गवर्नर श्री रघुराम राजन के प्रोफेसर.... विगत 32 वर्षों से किसी भी तरह के लालच को दरकिनार कर ....मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में आदिवासियों के बीच रहते हुए उनके सामाजिक, आर्थिक , शैक्षणिक उत्थान और उनके अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं.
निजी जीवन में दिल्ली में करोड़ों की सम्पत्ति के मालिक श्री आलोक सागर की मां दिल्ली के मिरांडा हाउस में फिजिक्स की प्रोफेसर , पिता भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी थे,छोटा भाई आज भी आई आई टी में प्रोफेसर है.
सब कुछ त्याग कर आदिवासियों के उत्थान के लिये समर्पित ,आदिवासियों के साथ सादगी भरा जीवन जी रहे है...रहने को घासफूस की एक झोपड़ी ,पहनने को तीन कुर्ते, आवागमन के लिए एक साइकिल-ताकि प्रकृति को नुकसान न हो.
कई भाषाओं के जानकार श्री सागर आदिवासियों से उन्हीं की भाषा में संवाद करते हैं ... उनको पढ़ना लिखना सिखाने के साथ-साथ आसपास के जंगलों में उनसे लाखों फलदार पौधौं का रोपण करवा चुके हैं ...फलदार पौधौं का रोपण करवाकर आदिवासियों में गरीबी से लड़ने की उम्मीद जगा रहे हैं...साइकिल से आते जाते बीज इकट्ठा कर आदिवासियों को बोने के लिए देते हैं.
पद्मम पुरस्कार को ठुकरा चुके श्री आलोक सागर को शत-शत नमन...🙏🙏

 #प्ररेणादायकजापान में युद्ध के दौरान इस लड़के ने अपने मृत भाई को दफनाने के लिए अपनी पीठ पर लाद लिया। एक सिपाही ने यह दे...
02/11/2022

#प्ररेणादायक
जापान में युद्ध के दौरान इस लड़के ने अपने मृत भाई को दफनाने के लिए अपनी पीठ पर लाद लिया। एक सिपाही ने यह देखा और उससे कहा कि तू इस मृत बच्चे को छोड़ दे क्योंकि तू बहुत थका हुआ होगा और आगे बढ़ने में असमर्थ होगा।
तो उस लडके ने उत्तर दिया: वह भारी नहीं है, वह मेरा भाई है!
सिपाही समझ गया और बहुत रोया। तब से यह तस्वीर जापान में एकता का प्रतीक बन गई है।
आज जरूरी है कि हम जीवन में इस वाक्य को आदर्श वाक्य बनाएं: "ये भारी नहीं है। ये मेरा भाई है ...

"अगर वह गिर जाए तो उसे उठा लेना, थक जाने पर उसकी मदद करना, और अगर वह कमजोर है तो उसे सहारा देना, अगर वह गलती करता है तो उसे माफ कर देना, और अगर दुनिया उसे छोड़ देती है, तो उसे अपने कंधों पर ले लो,
क्योंकि वो भारी नहीं है।" .वो तुम्हारा भाई.. ️है।।

क्या गजब का मैच रहा, और विराट कोहली की गजब की बल्लेबाजी 😊🤟❤
23/10/2022

क्या गजब का मैच रहा, और विराट कोहली की गजब की बल्लेबाजी 😊🤟❤

दिवाली दिल की है... ये ख़ुशियों का त्योहार है... इसमें अपनों का प्यार है. क्यों न इस दिवाली के पावन अवसर पर भारतीय संस्क...
20/10/2022

दिवाली दिल की है... ये ख़ुशियों का त्योहार है... इसमें अपनों का प्यार है. क्यों न इस दिवाली के पावन अवसर पर भारतीय संस्कृति से जुड़ी चीज़ों को ही खरीदा जाए. मिट्टी के दिये हों, चेहरे पर मुस्कान हो. हमें अपनी दिवाली ऐसी मनानी होगी, जिससे दूसरों का भी कल्याण हो.

आइए मिलकर इस देश को फिर से महान बनाते हैं.

ये कोई कहानी नहीं है मित्रों सत्य घटना है और बहुत ही ह्रदय स्पर्शी घटना है इंसान पढ़ लिख कर कितना भी बड़ा क्यों ना हो जा...
20/10/2022

ये कोई कहानी नहीं है मित्रों सत्य घटना है और बहुत ही ह्रदय स्पर्शी घटना है इंसान पढ़ लिख कर कितना भी बड़ा क्यों ना हो जाये उसको समाज, जीवन की सत्यता और परिवार को हमेशा ले कर ही चलना चाहिए!

लखनऊ के एक उच्चवर्गीय बूढ़े पिता ने अपने पुत्रों के नाम एक चिट्ठी लिखकर खुद को गोली मार ली।
चिट्टी क्यों लिखी और क्या लिखा। यह जानने से पहले संक्षेप में चिट्टी लिखने की पृष्ठभूमि जान लेना जरूरी है।

पिता सेना में कर्नल के पद से रिटार्यड हुए । वे लखनऊ के एक पॉश कॉलोनी में अपनी पत्नी के साथ रहते थे। उनके दो बेटे थे। जो सुदूर अमेरिका में रहते थे। यहां यह बताने की जरूरत नहीं है कि माता-पिता ने अपने लाड़लों को पालने में कोई कोर कसर नहीं रखी। बच्चे सफलता की सीढ़िंया चढते गए। पढ़-लिखकर इतने योग्य हो गए कि दुनिया की सबसे नामी-गिरामी कार्पोरेट कंपनी में उनको नौकरी मिल गई। संयोग से दोनों भाई एक ही देश में,लेकिन अलग-अलग अपने परिवार के साथ रहते थे।

एक दिन अचानक पिता ने रूंआसे गले से बेटों को खबर दी। बेटे! तुम्हारी मां अब इस दुनिया में नहीं रही । पिता अपनी पत्नी की मिट्टी के साथ बेटों के आने का इंतजार करते रहे। एक दिन बाद छोटा बेटा आया, जिसका घर का नाम चिंटू था।

पिता ने पूछा चिंटू! मुन्ना क्यों नहीं आया। मुन्ना यानी बड़ा बेटा।पिता ने कहा कि उसे फोन मिला, पहली उडान से आये।

धर्मानुसार बडे बेटे का आना सोच वृद्व फौजी ने जिद सी पकड़ ली।

छोटे बेटे के मुंह से एक सच निकल पड़ा। उसने पिता से कहा कि मुन्ना भईया ने कहा कि, "मां की मौत में तुम चले जाओ। पिता जी मरेंगे, तो मैं चला जाऊंगा।"

कर्नल साहब (पिता) कमरे के अंदर गए। खुद को कई बार संभाला फिर उन्होंने चंद पंक्तियो का एक पत्र लिखा। जो इस प्रकार था-

प्रिय बेटो

मैंने और तुम्हारी मां ने बहुत सारे अरमानों के साथ तुम लोगों को पाला-पोसा। दुनिया के सारे सुख दिए। देश-दुनिया के बेहतरीन जगहों पर शिक्षा दी। जब तुम्हारी मां अंतिम सांस ले रही थी, तो मैं उसके पास था।वह मरते समय तुम दोनों का चेहरा एक बार देखना चाहती थी और तुम दोनों को बाहों में भर कर चूमना चाहती थी। तुम लोग उसके लिए वही मासूम मुन्ना और चिंटू थे। उसकी मौत के बात उसकी लाश के पास तुम लोगों का इंतजार करने लिए मैं था। मेरा मन कर रहा था कि काश तुम लोग मुझे ढांढस बधाने के लिए मेरे पास होते। मेरी मौत के बाद मेरी लाश के पास तुम लोगों का इंतजार करने के लिए कोई नहीं होगा। सबसे बड़ी बात यह कि मैं नहीं चाहता कि मेरी लाश निपटाने के लिए तुम्हारे बड़े भाई को आना पड़े। इसलिए सबसे अच्छा यह है कि अपनी मां के साथ मुझे भी निपटाकर ही जाओ। मुझे जीने का कोई हक नहीं क्योंकि जिस समाज ने मुझे जीवन भर धन के साथ सम्मान भी दिया, मैंने समाज को असभ्य नागरिक दिये। हाँ अच्छा रहा कि हम अमरीका जाकर नहीं बसे, सच्चाई दब जाती।

मेरी अंतिम इच्छा है कि मेरे मैडल तथा फोटो बटालियन को लौटाए जाए तथा घर का पैसा नौकरों में बाटा जाऐ। जमापूँजी आधी वृद्ध सेवा केन्द्र में तथा आधी सैनिक कल्याण में दी जाऐ।


तुम्हारा पिता
कमरे से ठांय की आवाज आई। कर्नल साहब ने खुद को गोली मार ली।

यह क्यों हुआ, किस कारण हुआ? कोई दोषी है या नहीं। मुझे इसके बारे में कुछ नहीं कहना।
हाँ यह काल्पनिक कहानी नहीं। पूरी तरह सत्य घटना है..!!

19/10/2022

जरूरत के समय उधार दुकानदार ही देता है,
फ्लिपकार्ट या अमेजन नहीं,
इसलिए दीवाली की खरीदारी अपने मार्केट से ही करें...!!🙏

इंसान कर्म से महान बनता है। हमेशा अपना कर्म करते रहना चाहिए। सफलता एक दिन में नहीं मिलेगी। आईए मिलकर इस देश को फिर से मह...
13/10/2022

इंसान कर्म से महान बनता है। हमेशा अपना कर्म करते रहना चाहिए। सफलता एक दिन में नहीं मिलेगी। आईए मिलकर इस देश को फिर से महान बनाते हैं।

युवा तुर्क समाजवादी पुरोधा जननायक, पूर्व प्रधानमंत्री  हम सभी के श्रद्धेय चन्द्रशेखर जी को उनकी 94वीं जयंती पर कोटि कोटि...
17/04/2021

युवा तुर्क समाजवादी पुरोधा जननायक, पूर्व प्रधानमंत्री हम सभी के श्रद्धेय चन्द्रशेखर जी को उनकी 94वीं जयंती पर कोटि कोटि नमन..!!

सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।शुभदाऽस्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी।।माँ भगवती के पंचम स्वरुप माँ स्कंदमाता को प...
17/04/2021

सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।
शुभदाऽस्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी।।

माँ भगवती के पंचम स्वरुप माँ स्कंदमाता को प्रणाम l हे माँ ! सबको अपना वात्सल्य प्रदान कर हमारे प्रदेश, राष्ट्र एवं सम्पूर्ण विश्व का कल्याण करो l

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता।नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।lमाँ दुर्गा के चौथे स्वरुप माँ क...
16/04/2021

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।l

माँ दुर्गा के चौथे स्वरुप माँ कुष्मांडा को प्रणाम l सृष्टि की आदि स्वरूपा माँ सबका कल्याण करें l

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