31/01/2023
जुलानी का गौरव - 1
नमस्कार आइए आज आपको अपने गांव जुलानी के होनहार खिलाड़ी भोला पहलवान जुलानी से रूबरू करवाते हैं वैसे आप सभी इन्हें बखूबी जानते भी होंगे लेकिन आज हम इनके बारे में थोड़ा विस्तार से बताते हैं
जीवन परिचय :- जयदीप उर्फ भोला जुलानी सुपुत्र श्री भगत सिंह सुपुत्र श्री भलेराम सहारण के घर इनका जन्म 15 दिसंबर 1997 को हुआ, बड़ी बहन कविता के जन्म के 12 साल बाद भोला पहलवान का जन्म श्री भगत सिंह के घर एक साधारण किसान परिवार में हुआ, जिस प्रकार सभी किसान पुत्रो का बचपन गरीबी में बीतता है इनका बचपन अत्यंत गरीबी में बिता है।।
शिक्षा :- इन्होंने छोटू राम कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है ।।
खेलों के प्रति रुझान :- ये अपने बचपन के लगभग 14-15 सालों तक के खेलों से दूर रहे, बचपन में दूध तक नहीं पीते थे, खानपान भी सामान्य रूप से कम था, इन्हें एक संकुचित स्वभाव के बच्चे के रूप में देखा जाता था लेकिन जब खेलना शुरू किया तो कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा । ओपन सर्कल कबड्डी खेल से शुरुआत करके आज खेल की दुनिया में एक अच्छा नाम कमा रहा है पिछले लगभग 10 -12 वर्षों से लगातार कबड्डी को समर्पित खेल भावना से खेलते हुए एक नरम स्वभाव के खिलाड़ी के रूप में भोला जुलानी की एक अलग ही पहचान है ।।
पुरस्कार :- इन्होने खेलों में नाम कमाने के साथ-साथ इनाम भी बहुत जीते हैं जिनमें से कुछ याद है वह इस प्रकार हैं:
1. मलेशिया टूर 2018 ( सेकंड पोजीशन)
2. लगभग 50 बार बेस्ट रेडर का खिताब विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्राप्त किया है
3. इन्होंने पांच बार एलईडी टीवी, एक वाशिंग मशीन , दो सोने की अंगूठियां, एक मुर्रा झोट्टी , 25000, 11000 और 5100 के नगद पुरस्कार, कानों की मुर्क्की और फ्रिज आदि ढेरों इनाम जीते हैं ।।
विशेष :- हमें बहुत गर्व होता है जब टीवी पर मैच चल रहा होता हो और वहां पर भोला जुलानी के नाम की घोषणा बार-बार होती है और आखिर क्यों ना हो हम भी इसी गांव की मिट्टी में पैदा हुए हैं, हम सब को इस मिट्टी से एक आत्मीय लगाव है लेकिन भोला जुलानी ने खेलों में अच्छा नाम कमाया है अपनी मेहनत के दम पर, एक गरीब परिवार में पहलवान का पालन पोषण करना भी बड़ा मुश्किल काम है लेकिन इनके माता-पिता ने इन्हें अपने हिस्से का भी दूध घी खिला पिलाकर बड़े चाव से उम्मीदों से पाला जो आज इस काबिल बना के सारे गांव जुलानी का नाम रोशन कर रहा है जिस पर हमें बार-बार गर्व महसूस होता है
नोट :- इनसे पहले हमारे गांव में जो पहलवान हुए हैं जिनके बारे में हमने सिर्फ किस्से सुने हैं तो नई पीढ़ी के लिए उनको जानना भी जरूरी है जो इस प्रकार है : पूर्व सरपंच स्वर्गीय श्री राम कला जी, स्वर्गीय श्री चतर सिंह जी उर्फ चतरू पहलवान और स्वर्गीय श्री इंद्र पहलवान जी उर्फ (इंद्र माहाल) के नाम से भी जाना जाता है उपरोक्त तीनों ऐसे नाम है जो अपने समय में अपने अपने खेल के जुलानी के महान खिलाड़ी थे और उन्होंने अपने गांव का नाम रोशन किया।।
धन्यवाद।।. .. देवीलाल जुलानी व विरेंद्र फोजी🙏🙏