02/01/2026
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन
जिला करनाल, हरियाणा
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सेवा में,
माननीय पुलिस अधीक्षक
जिला करनाल, हरियाणा
विषय: गांव उपलाना की साढ़े सोलह वर्षीय छात्रा निक्की कश्यप की आत्महत्या मामले में न्याय की मांग एवं दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी हेतु।
(2 जनवरी 2026 को आयोजित रोषपूर्ण धरने के संदर्भ में)
महोदय,
हम,भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन की जिला इकाई करनाल की ओर से, गांव उपलाना की निवासी साढ़े सोलह वर्षीय छात्रा निक्की कश्यप (बी.पी.आर. सीनियर सेकेंडरी स्कूल, उपलाना की छात्रा) की अगस्त 2024 में हुई आत्महत्या के मामले में गहन चिंता एवं रोष व्यक्त करते हुए यह ज्ञापन सौंप रहे हैं।
मामले के प्रमुख तथ्य:
निक्की कश्यप ने स्कूल में प्रधानाचार्य तरसेम सिंह एवं अन्य स्टाफ सदस्यों द्वारा लगातार मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना से त्रस्त होकर आत्महत्या की।
उनके स्कूल बैग से बरामद सुसाइड नोट में स्पष्ट रूप से प्रधानाचार्य तरसेम सिंह एवं स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट (मधुबन लैब) ने सुसाइड नोट को निक्की की मूल हस्तलिपि में लिखा सिद्ध किया है।
प्रधानाचार्य तरसेम सिंह का नार्को टेस्ट (दिल्ली) भी उनके विरुद्ध दोषसिद्ध करने वाले प्रमाण प्रस्तुत करता है।
असंध पुलिस थाने में इस संबंध में नामजद एफआईआर नंबर 573 दर्ज की गई है, किंतु डेढ़ वर्ष बीतने के बावजूद किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई, जो प्रशासनिक उदासीनता एवं संरक्षण का स्पष्ट प्रमाण है।
पीड़ित परिवार, जो मजदूर वर्ग से है, इस लंबी प्रतीक्षा एवं न्याय से वंचित रहने के कारण मानसिक रूप से पूर्णतः टूट चुका है।
आज 2 जनवरी 2026 को करनाल में आयोजित रोषपूर्ण धरने में सैकड़ों कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने भाग लिया, जो इस मामले में बढ़ते जनाक्रोश का प्रतीक है।
यह केवल निक्की का मामला नहीं, बल्कि स्कूलों में बच्चों पर हो रहे उत्पीड़न एवं शोषण के खिलाफ पूरे समाज का संघर्ष है।
हमारी मुख्य मांगें:
प्रधानाचार्य तरसेम सिंह एवं अन्य आरोपी स्टाफ सदस्यों की तत्काल गिरफ्तारी एवं मामले की निष्पक्ष जांच।
पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग तथा परिवार के अन्य बच्चों की शिक्षा एवं सुरक्षा हेतु पूर्ण सरकारी सहायता।
सभी स्कूलों में बच्चों के उत्पीड़न को रोकने के लिए सख्त दिशा निर्देश लागू करना, जिसमें अनिवार्य काउंसलर की नियुक्ति, शिकायत निवारण समिति का गठन एवं नियमित निरीक्षण शामिल हो (राइट टू एजुकेशन एक्ट एवं सुप्रीम कोर्ट दिशानिर्देशों के अनुरूप)।
ऐसे मामलों में पुलिस एवं प्रशासन की उदासीनता पर उच्च स्तरीय जांच।
हम आशा करते हैं कि आप इस गंभीर मामले में त्वरित एवं न्यायपूर्ण कार्रवाई करेंगे।
यदि न्याय में विलंब हुआ तो हमारा संघर्ष और तेज होगा, क्योंकि यह निक्की सहित सभी शोषित एवं प्रताड़ित बच्चों की आवाज है।
पूर्ण सहयोग एवं त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा।
धन्यवाद,
Nayab Saini
Communist Party of India -Marxist Leninist- Liberation CPIML
BJP Haryana
Indian National Congress