19/05/2026
NEET पेपर लीक के मामले में मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूँ:
इस देश का युवा लाचार नहीं है, वह सिर्फ अपनी शक्ति को पहचान नहीं रहा है।
हमारे हाथों में वो ताकत है जो इस देश में किसी और के पास नहीं है। लेकिन दुर्भाग्य से हम भ्रष्ट और पुरानी सोच वाले नेताओं के बाहरी आवरण को देखकर खुद को कमजोर समझ बैठे हैं।
सच ये है कि आज संसद में युवाओं का सच्चा प्रतिनिधित्व करने वाला कोई नहीं है।
मैं गारंटी के साथ कहता हूँ — जिस दिन 25-30 साल का कोई युवा संसद या विधानसभा में पहुँचेगा, जो शिक्षा व्यवस्था की खामियों, पेपर लीक, भर्ती घोटालों और युवा बेरोजगारी की बात रखेगा, उस दिन सदन को सुनना पड़ेगा। क्योंकि सदन जनता की आवाज को नजरअंदाज नहीं कर सकता।
चेहरा कोई बड़ा नहीं होता, जनता उसे बड़ा बनाती है।
अब फैसला आपको करना है —
या तो आप धरनों पर बैठकर जिंदगी भर इंतजार करते रहेंगे, या फिर अपने जैसे युवाओं को विधानसभा और लोकसभा में भेजेंगे।
जब तक हम अपना प्रतिनिधित्व खुद नहीं करेंगे, तब तक हमारी बात कोई नहीं सुनेगा।
युवा शक्ति को अब जागना होगा।
अपने लोगों को सदन में भेजो — धरने पर नहीं।