पंकज चौधरी IPS का संक्षिप्त परिचय -
*NO CASTE, NO RELIGION, NO REGION,ONLY@ONE NATION*
उत्तर प्रदेश के बलिया ज़िले में जन्म व वाराणसी में हाईस्कूल व इंटरमीडीएट किया और इसके पूर्व कोटद्वार ,लैंसडाउन उत्तराखंड से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त किया,गोरखपुर,भदोही,प्रतापगढ़ बचपन बिताया और वाराणसी से इंटरमीडीएट कर सिविल अभियांत्रिक में डिग्री प्राप्त किया IPS बनने के पहले 4 नौकरियों का अनुभव रहा।दिल्ली व
ाणिज्य मंत्रालय,भारत सरकार में 8 वर्षों की उत्तम सेवा दी।उत्तर प्रदेश पीसीएस लोअर सबॉर्डिनट में चयनित हुए,नई दिल्ली 2 प्राईवेट संस्था में जॉब किया IPS की ट्रेनिंग पूरी कर वर्ष 2011 राजस्थान कैडर में अपनी सेवाएँ देनी शुरू की और राजस्थान में कई महत्वपूर्ण ज़िलों में पदस्थापन-पोस्टिंग के प्रारंभिक प्रशिक्षण के तौर पर कोटा,बांसवाडा व राजस्थान के सरहदी ज़िले जैसलमेर,ऐतिहासिक ब्रिटिश क़ालीन बूंदी,अजमेर,जयपुर पोस्टिंग रही।जैसलमेर एसपी रहते लपकों के ख़िलाफ़ “ऑपरेशन वेल्कम” प्रारंभ किया जो काफ़ी सफल रहा।बूंदी एसपी रहने के दौरान “ऑपरेशन ढाबा”और “ऑपरेशन यूथ” प्रारंभ किया।इंटर्नल डेप्युटेशन पर एक वर्ष 2015 में दिल्ली रहे।आईपीएस पंकज चौधरी की छवि एक जांबाज व निष्पक्ष पुलिस ऑफ़िसर की रही है,जिन्होंने सरहदी जिलों की राजनीति के दाता कहे जाने वाले धर्मगुरु व अंतरराष्ट्रीय तस्कर के रूप में कुख्यात गाजी फकीर की हिस्ट्रीशीट जैसलमेर एसपी रहते खोलकर पूरे राजस्थान व देश की राजनीति में भूचाल ला दिया था।बूंदी ज़िले के एसपी रहते हुए प्रायोजित और सुनियोजित साम्प्रदायिक दंगे को बेनक़ाब कर दिया और षड्यंत्रकारियों को क़ानून के शासन के तहत दंडित किया।पीटीएस किशनगढ़ अजमेर प्राचार्य रहते हुए अनेक नवाचार किया जो आगे की ट्रेनिंग के लिए मील का पत्थर साबित हुआ।दिल्ली आरएसी के कामंडैंट के तौर पर जवानों के लिए तमाम मूलभूत सुविधाएँ दिलाने के लिए संघर्ष किया और अनेक नवाचार किया।एसपी एससीआरबी के रूप में विभिन्न नवाचार के अलावा कम्यूनिटी पुलिसिंग के लिए 3 वर्षों (2016-2018) पूरे राजस्थान राज्य के 34 ज़िलों व सातों रेंज के अलावा देश के कई राज्यों जिसमें प्रमुखता से आंध्र प्रदेश,गोवा ,तेलंगाना,उत्तरप्रदेश,हिमांचल,झारखंड ,उत्तराखंड,बिहार ,एम॰पी,दिल्ली,गुजरात ,पंजाब ,हरियाणा आदि का कई बार दौरा किया और यूथ व आमजनता में अवेर्नेस व पब्लिक- पुलिस संवाद बढ़ाने का हर संभव प्रयास किया हैं।वर्ष 2019 लोकसभा का बाड़मेर-जैसलमेर से सांसद का चुनाव लड़ा ।राज्य पुलिस व प्रशासनिक महकमें में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ खुली जंग छेड़कर कई @आईपीएस व @आईएएस अधिकारियों को काग़ज़ों पर बेनकाब किया है।हालांकि इसकी कीमत उन्हें वसुंधरा राजे सिंधिया Ex CM व ग़ुलाम तन्मय कुमार IAS समेत दो दर्जन नौकरशाहों के द्वारा तीन वर्षों में सुनियोजित रचित साज़िश के तहत करवायीं गयी बर्खास्तगी के रूप में चुकानी पड़ी वावजूद अपने उसूलों से उन्होंने कभी भी किसी क़ीमत पर कही भी समझौता नहीं किया।वे एक फाइटर की तरह लगातार लड़ते रहे।वर्ष 2019 का लोकसभा सांसद चुनाव बाड़मेर-जैसलमेर से लड़ा ।इस बीच अंततः नतीजन केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण की प्रधान पीठ नईदिल्ली ने वर्ष 2020 दिसंबर में उनकी IPS से बर्खास्तगी का आदेश रद्द कर पुनः भारतीय पुलिस सेवा में बहाली की है।एक बार फिर पूर्ण निष्ठा, पूर्ण समर्पण और ईमानदारी के साथ अपने दायित्व को निभाने लौट रहे है।हाल सेनानायक एसडीआरएफ़ राजस्थान के तौर पर पूरे प्रदेश में बचाव व राहत कार्यों का नेतृत्व कर रहे है ।स्लोगन “ न जाति,न धर्म,न क्षेत्र,देश सर्वोपरि ,जयहिंद” पंकज चौधरी आईपीएस का स्वरचित स्लोगन है।जब भी किसी सरकारी,ग़ैर सरकारी इमारत पर लगा मिलता है देश/प्रदेश के निष्पक्ष लोगों व लोकसेवकों की आत्मा प्रसन्न हो जाती है।निडर पंकज चौधरी IPS राइटर,मोटिवेटर और फ़ाइटर के रूप में पूरे देश में एक अलग पहचान रखते है हाल वकालत भी कर रहे है।पंकज चौधरी IPS को माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट,माननीय दिल्ली हाईकोर्ट,जयपुर हाईकोर्ट,जोधपुर हाईकोर्ट,इंदौर हाईकोर्ट,पंजाब हाईकोर्ट समेत देश के दर्जनों कोर्ट में विभिन्न केस की पैरवी करने का व्यापक अनुभव है।पंकज चौधरी *IPS* मामले में अंततः घटनाक्रम का हुआ अंततः 10 दिसंबर 2020 प्रधानपीठ कैट नईदिल्ली से राजस्थान कैडर के 2009 बैच IPS के पक्ष में निर्णय आया।पंकज चौधरी IPS की फ़ेसबुक आईडी व फ़ेसबुक पेज के अलावा सोशल मीडिया के कई प्लैट्फ़ोर्म को रेस्ट्रिक्ट अथवा बाधित करने का पिछले काफ़ी समय से विभिन्न संस्थाए प्रयासरत है पर शायद ये पंक्तियाँ हाल परिदृश्य में दबंग व चर्चित IPS पंकज चौधरी पर फ़िट बैठती है,तुम गिराने में लगे थे,तुमने सोचा भी नहीं,यदि गिरा तो मसअला बनकर खड़ा हो जाऊँगा,चलने दो,अकेला है अभी मेरा सफ़र,रास्ता रोका गया तो क़ाफ़िला हो जाऊँगा । जयहिंद ।