Bharat Mata Nav-Nirmaan Sena (B.M.N.S)

Bharat Mata Nav-Nirmaan Sena (B.M.N.S) Bharat Mata Nav-Nirmaan Sena (B.M.N.S)

Permanently closed.

Bharat Mata Nav-Nirmaan Sena

आन्दोलन की सबसे बड़ी उपलब्धि ये बताई जा रही है कि देश का युवा जागरूक हो कर भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे पर शांतिपूर्ण आन्दोलन की दिशा में अग्रसर हुआ है. ऐसा नहीं है कि देश में यह पहली बार हुआ हो. 1971 के बांग्ला मुक्ति युद्ध के समय इंदिरा गाँधी के पीछे यही शक्ति काम कर रही थी. इसी तरह जयप्रकाश नारायण के व्यवस्था परिवर्तन के आव्हान पर देश के युवा एक जुट हो गए थे. समय की बहत

ी हवा के साथ हमारे देश का युवा हर किसी के आन्दोलन में सक्रिय हो जाता है. यही युवा है जो एक तरफ आरक्षण के विरोध में आत्मदाह तक करने को तैयार होता है और सड़कों पर देश की सम्पति को नुकसान पहुँचाने में भी पीछे नहीं रहता।
ये वही युवा है जो कल्याण सिंह कालवी जैसे राजपूत नेता के पीछे दिबराला सती के मुद्दे को लेकर सड़कों पर तलवारें लहराता है या राजपूत आरक्षण को लेकर तोड़ फोड़ करता है। कभी किरोड़ी लाल मीना या बैंसला के पीछे मीणा बनाम गुर्जर मुद्दे को लेकर रेल की पटरियों पर बैठ जाता है और पूरे देश में अराजकता का माहौल पैदा कर देता है। ये वही युवा है जो दिन में इंजीनियरिंग कॉलेज में पढता है और रात में सूने घरों में नकबजनी भी करता है। ये वही युवा है जो सड़क चलती युवतियों को छेड़ता है और मौका पाने पर बलात्कार तक कर लेता है। ये वही युवावर्ग है जो याहू और फेसबुक पर नकली लड़की बन कर दूसरों को बेवकूफ बनाने का प्रयत्न करता है और खुश होता है। ये वही युवा है जो राजनैतिक रैलियों कि भीड़ बढाता है और लौटते में ठेले – खोमचे लूट लेता है.

दरअसल बीबीसी की महिला पत्रकार के बयान के आधार पर इस अभियान में शामिल युवाओं की छवि काफी हद तक असामाजिक तत्वों जैसी बनी है। रही सही कसर अभियान के अंतिम दिनों असामाजिक तत्वों के साथ हुई पुलिस की मारपीट ने पूरी कर दी। ऐसे में ये सवाल जोरदार तरीके से उठ रहा है कि अन्ना हजारे के अभियान में किस प्रजाति के युवा थे। किरण बेदी का पर्स चोरी होना, महिलाओं के साथ बदतमीजी होना, बाइकर्स का निडर होकर स्टंट करना और पुलिस द्वारा मना करने पर अन्ना हजारे के समर्थन में आक्रामक तरीके से नारेबाजी करना, इंडिया गेट पर फिल्म अभिनेता जावेद जाफरी को दौड़ा -दौड़ा कर भगाना , राहुल गांधी के घर पर विरोध करने गए युवाओं द्वारा समोसा और पेय पदार्थ पर टूट पड़ना आदि ने इस अभियान में युवाओं की भूमिका पर संदेह पैदा कर दिया है।

सूत्रों की मानें तो रामलीला मैदान के आसपास का इलाका असामाजिक तत्वों का गढ़ है ध्यान रहे कि जीबी रोड रामलीला मैदान से कुछ दूरी पर ही है जहां ऐसे लोगों का जमावड़ा लगा होता है जो औरतों को सौदेबाजी का सामान मानते हैं। अन्ना के अनशन के दौरान ज्यादातर -युवाओं ने अन्ना अभियान को तमाशे की तरह लिया। गुटों में बंट कर उन्होंने नारेवाजी की और खा पीकर खूब तमाशा भी किया। खाने का इंतजाम तो अन्ना हजारे के अभियान में निशुल्क था जो ऐसे युवाओं को वहां खींचता था। अन्ना टीम के प्रबंधन ने इन युवाओं का दोहरा उपयोग किया। जब तक ये अपने वास्तविक चरित्र में नहीं रहते मंच से कहा जाता रहा कि इस अभियान की सफलता की सबसे बड़ी कुंजी युवा हैं वहीं जब ये युवा अपने वास्तविक चरित्र पे आए तो खुद अरविंद केजरीवाल ने मंच से कहा कि ये साजिश अभियान को बदनाम करने की है।

12/01/2014

युवा किसी भी समाज और राष्ट्र के कर्णधार हैं, वे उसके भावी निर्माता हैं। चाहे वह नेता या शासक के रूप में हांे, चाहे डाॅक्टर, इन्जीनियर, वैज्ञानिक, साहित्यकार व कलाकार के रूप में हांे। इन सभी रूपों में उनके ऊपर अपनी सभ्यता, संस्कृति, कला एवम् ज्ञान की परम्पराओं को मानवीय संवेदनाओं के साथ आगे ले जाने का गहरा दायित्व होता है। पर इसके विपरीत अगर वही युवा वर्ग उन परम्परागत विरासतों का वाहक बनने से इन्कार कर दे तो निश्चिततः किसी भी राष्ट्र का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।

12/01/2014

जरूरत है कुछ ऐसे नौजवानों की जो....
झूठ से पटे बाजार, भ्रष्टाचारियों से भरी व्यवस्था और मुर्दा शांति से युक्त मीडिया से दो-दो हाथ करने वाले लड़ाकों की तलाश : 60 हजार करोड़ रुपये के घोटाले की जब वरिष्ठ पत्रकार एमजे अकबर चर्चा करते हैं तो कई लोग आंखें फाड़ कर इसे सुनते-पढ़ते हैं. कुछ लोग सवाल पूछते हैं कि आखिर इस घोटाले की चर्चा नेशनल मीडिया, कारपोरेट मीडिया, दिग्गज मीडिया हाउस क्यों नहीं कर रहे?

किसी भी पार्टी के नेता लोग इतने बड़े घोटाले को मुद्दा क्यों नहीं बना रहे? 64 करोड़ के बोफोर्स घोटाले पर तो तूफान मच गया था. सरकार हिल गई और बदल गई थी. जनांदोलन खड़ा हो गया था. राजनीतिक ध्रुवीकरण हो गया था. पर बोफोर्स से हजार गुने बड़े 2जी घोटाले या टेलीकाम घोटाले पर कहीं कुछ नहीं हो रहा है. नेताओं के मुंह सिले हैं. सत्ता पक्ष के नेता सब कुछ दबाने-मैनेज करने में लगे हैं तो विपक्षी नेता शिखंडी बने बैठे हैं. उनकी जुबान पर भी जाने क्यों ताला लगा है. जाहिर है, घोटाले के तार विपक्षी नेताओं से भी जुड़े हैं. मतलब पूरा राजनीति जगत, सो-काल्ड मेनस्ट्रीम पालिटिक्स पर मुर्दनी छायी है इस मुद्दे को लेकर.

60 हजार करोड़

12/01/2014

नमस्कार मित्र!
मेरा भारत यह मात्र शब्द नहीं है अपितु हर हिन्दुस्तानी के दिल की आवाज़ है। हर हिन्दुस्तानी का गौरव है। उसका सम्मान है और सबसे बड़ी बात उसकी पहचान है, यह भारतवर्ष। हम इस भूमि में पैदा हुए हैं। हमारे लिए यह इतना महत्त्वपूर्ण है जितना कि हमारे माता-पिता हमारे लिए। भारत सिर्फ एक भू-भाग का नाम नहीं है अपितु उस भू-भाग में बसे लोगों, उसकी संस्कृति, उसकी सभ्यता, उसके रीति-रिवाजों, उसके अमूल्य इतिहास का नाम है।

12/01/2014

जरूरत है कुछ ऐसे नौजवानों की जो....
झूठ से पटे बाजार, भ्रष्टाचारियों से भरी व्यवस्था और मुर्दा शांति से युक्त मीडिया से दो-दो हाथ करने वाले लड़ाकों की तलाश : 60 हजार करोड़ रुपये के घोटाले की जब वरिष्ठ पत्रकार एमजे अकबर चर्चा करते हैं तो कई लोग आंखें फाड़ कर इसे सुनते-पढ़ते हैं. कुछ लोग सवाल पूछते हैं कि आखिर इस घोटाले की चर्चा नेशनल मीडिया, कारपोरेट मीडिया, दिग्गज मीडिया हाउस क्यों नहीं कर रहे?

किसी भी पार्टी के नेता लोग इतने बड़े घोटाले को मुद्दा क्यों नहीं बना रहे? 64 करोड़ के बोफोर्स घोटाले पर तो तूफान मच गया था. सरकार हिल गई और बदल गई थी. जनांदोलन खड़ा हो गया था. राजनीतिक ध्रुवीकरण हो गया था. पर बोफोर्स से हजार गुने बड़े 2जी घोटाले या टेलीकाम घोटाले पर कहीं कुछ नहीं हो रहा है. नेताओं के मुंह सिले हैं. सत्ता पक्ष के नेता सब कुछ दबाने-मैनेज करने में लगे हैं तो विपक्षी नेता शिखंडी बने बैठे हैं. उनकी जुबान पर भी जाने क्यों ताला लगा है. जाहिर है, घोटाले के तार विपक्षी नेताओं से भी जुड़े हैं. मतलब पूरा राजनीति जगत, सो-काल्ड मेनस्ट्रीम पालिटिक्स पर मुर्दनी छायी है इस मुद्दे को लेकर.

12/01/2014

युवा शब्द अपने आप में ही उर्जा और आन्दोलन का प्रतीक है। युवा को किसी राष्ट्र की नींव तो नहीं कहा जा सकता पर यह वह दीवार अवश्य है जिस पर राष्ट्र की भावी छतों को सम्हालने का दायित्व है। भारत की कुल आबादी में युवाओं की हिस्सेदारी करीब 50 प्रतिशत है जो कि विश्व के अन्य देशों के मुकाबले काफी है। इस युवा शक्ति का सम्पूर्ण दोहन सुनिश्चित करने की चुनौती इस समय सबसे बड़ी है। जब तक यह ऊर्जा और आन्दोलन सकारात्मक रूप में है तब तक तो ठीक है, पर ज्यों ही इसका नकारात्मक रूप में इस्तेमाल होने लगता है वह विध्वंसात्मक बन जाती है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर किन कारणों से युवा उर्जा का सकारात्मक इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है? वस्तुतः इसके पीछे जहाँ एक ओर अपनी संस्कृति और जीवन मूल्यों से दूर हटना है, वहीं दूसरी तरफ हमारी शिक्षा व्यवस्था का भी दोष है। इन सब के बीच आज का युवा अपने को असुरक्षित महसूस करता है, फलस्वरूप वह शार्टकट तरीकों से लम्बी दूरी की दौड़ लगाना चाहता है। जीवन के सारे मूल्यों के उपर उसे ‘अर्थ‘ भारी नजर आता है। इसके अलावा समाज में नायकों के बदलते प्रतिमान ने भी युवाओं के भटकाव में कोई कसर नहीं छोड़ी है। फिल्मी परदे और अपराध की दुनिया के नायकों की भांति वह रातों-रात उस शोहरत और मंजिल को पा लेना चाहता है, जो सिर्फ एक मृगण्तृष्णा है। ऐसे में एक तो उम्र का दोष, उस पर व्यवस्था की विसंगतियाँ, सार्वजनिक जीवन में आदर्श नेतृत्व का अभाव एवम् नैतिक मूल्यों का अवमूल्यन ये सारी बातें मिलकर युवाओं को कुण्ठाग्रस्त एवम् भटकाव की ओर ले जाती हैं, नतीजन-अपराध, शोषण, आतंकवाद, अशिक्षा, बेरोजगारी एवम् भ्रष्टाचार जैसी समस्याएँ जन्म लेती हंै।

20/09/2013

हम करें राष्ट आराधना
तन से मन से धन से
तन मन धन जीवनसे
हम करें राष्ट आराधना………………।।…धृ

अन्तर से मुख से कृती से
निश्र्चल हो निर्मल मति से
श्रध्धा से मस्तक नत से
हम करें राष्ट अभिवादन…………………। १

अपने हंसते शैशव से
अपने खिलते यौवन से
प्रौढता पूर्ण जीवन से
हम करें राष्ट का अर्चन……………………।२

अपने अतीत को पढकर
अपना ईतिहास उलटकर
अपना भवितव्य समझकर
हम करें राष्ट का चिंतन…।………………।३

है याद हमें युग युग की जलती अनेक घटनायें
जो मां के सेवा पथ पर आई बनकर विपदायें
हमने अभिषेक किया था जननी का अरिशोणित से
हमने शृंगार किया था माता का अरिमुंडो से

हमने ही ऊसे दिया था सांस्कृतिक उच्च सिंहासन
मां जिस पर बैठी सुख से करती थी जग का शासन
अब काल चक्र की गति से वह टूट गया सिंहासन
अपना तन मन धन देकर हम करें पुन: संस्थापन…………

20/09/2013

कोई लक्ष्य मनुष्य के साहस से बड़ा नहीं, हारा वही है जो लड़ा नहीं.

20/09/2013

मस्कार मित्र!
मेरा भारत यह मात्र शब्द नहीं है अपितु हर हिन्दुस्तानी के दिल की आवाज़ है। हर हिन्दुस्तानी का गौरव है। उसका सम्मान है और सबसे बड़ी बात उसकी पहचान है, यह भारतवर्ष। हम इस भूमि में पैदा हुए हैं। हमारे लिए यह इतना महत्त्वपूर्ण है जितना कि हमारे माता-पिता हमारे लिए। भारत सिर्फ एक भू-भाग का नाम नहीं है अपितु उस भू-भाग में बसे लोगों, उसकी संस्कृति, उसकी सभ्यता, उसके रीति-रिवाजों, उसके अमूल्य इतिहास का नाम है।

13/09/2013

हम करें राष्ट आराधना
तन से मन से धन से
तन मन धन जीवनसे
हम करें राष्ट आराधना………………।।…धृ

अन्तर से मुख से कृती से
निश्र्चल हो निर्मल मति से
श्रध्धा से मस्तक नत से
हम करें राष्ट अभिवादन…………………। १

अपने हंसते शैशव से
अपने खिलते यौवन से
प्रौढता पूर्ण जीवन से
हम करें राष्ट का अर्चन……………………।२

अपने अतीत को पढकर
अपना ईतिहास उलटकर
अपना भवितव्य समझकर
हम करें राष्ट का चिंतन…।………………।३

है याद हमें युग युग की जलती अनेक घटनायें
जो मां के सेवा पथ पर आई बनकर विपदायें
हमने अभिषेक किया था जननी का अरिशोणित से
हमने शृंगार किया था माता का अरिमुंडो से

हमने ही ऊसे दिया था सांस्कृतिक उच्च सिंहासन
मां जिस पर बैठी सुख से करती थी जग का शासन
अब काल चक्र की गति से वह टूट गया सिंहासन
अपना तन मन धन देकर हम करें पुन: संस्थापन………………।

04/09/2013

Bharat ka ek hi sang "bharat mata nav nirmaan sena" is sang se jude..... aur yuvao ka ek alag sangathan banaye. kyu ki yuvao ki vajah se hi y desh pragati kr rha h. aur yuva agar chah to sarkar utha bi skte h aur gira bi. agar corruption mitana h aur desh ki pragati chahte h to plz join this group.................... jai hind jai bharat....

Address

Pratap Nagar, Sanganer
Jaipur
302033

Telephone

+919785909066

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Bharat Mata Nav-Nirmaan Sena (B.M.N.S) posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to Bharat Mata Nav-Nirmaan Sena (B.M.N.S):

Share