20/06/2024
निः स्वार्थ भाव से वोट देता हूं, तो सवाल भी पूछूंगा और कोसूंगा भी...
मा. जी 4 जून से लगातार मन में मंथन चल रहा था कि आखिर आप 240 पर कैसे अटक गये, फिर कई बातें विचार करने योग्य निकलीं।
1. वर्ष 2014 में देश में चुनाव आया, तो आपने कहा मैं प्रधानमंत्री नहीं हूँ, मैं तो प्रधान सेवक हूँ। देशवासियों ने जबरदस्त स्वागत किया, बदले में आपने देश हित में कई महत्वपूर्ण कार्य किए, मजा आ गया, मजा आ गया।
2. समय बदला और 2019 में आपने कहा कि मै तो देश का चौकीदार हूँ। आपने चौकीदार की अर्जी दी, देश की जनता ने पहले से भी ज्यादा भर भर के आशीर्वाद दिया।
और इस दूसरे टर्म में आपने पहले की अपेक्षा देशहित में और कई अभूतपूर्व काम किए, साथ ही संसार में यश और नाम खूब बढ़ा, हमें बहुत खुशी हो रही थी। मजा आ रहा था।
3. फिर भी बहुत तकलीफ थी। जिस Gहादी कौम का भरोसा पृथ्वीराज चौहान भी नही जीत पाए, उनका भरोसा आप जीतने में लगे रहे, दस सालों में आप मध्यम वर्ग को भूल गये।
4. अमीरों को मांगने की जरूरत नही होती, गरीबों को राशन, मकान, दे रहे हो, फिर मध्यम वर्ग को क्या मिला कभी सोचा नहीं सोचा ??
अल्पसंख्यकों को मिलाने के लिए आपके अनूठे प्रयोगों से कोर वोटर नाराज़ होते रहे।
ये आपने ही कहा था ना कि मुसल'मानों के एक हाथ में कु रा न और दूसरे हाथ मे कंप्यूटर होना चाहिए।
ठीक बिलकुल ठीक, फिर हिन्दुओं के हाथ में क्या होना चाहिए? कभी बताया नहीं आपने।
खैर बदले में मुसल'मानों ने आपके हाथ मे 0 पकड़ा दिया।
पूरे साठ सालों में जितना लाभ उनको कांग्रेस ने नहीं दिया, उससे कई गुना ज्यादा आपने इनको 10 सालो में, मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य, गैस, बिजली, पानी, सड़क, रेल, सब कुछ दिया।
5. आपके फ़ैसले से आपके लोग दुखी हुए, फ़िर भी आपके साथ दुखी भाव से खड़े रहे, लेकिन जब चुनाव का वक्त आया तो आपने सरकार बचाने या चुनाव जीतने का नारा ही नहीं दिया, जबकि साइकोलॉजिकल नैरेटिव अबकी बार चार सौ पार का कर दिया।
6. आप के वोटर बाहर ही नहीं निकले, क्योंकि सब यही सोचते रहे अरे 400 पार तो हो ही जायेगा, एक मेरे वोट से क्या होगा।
7. आपने कांग्रेस, राहुल गांधी, और विरोधियों को सड़क पर उतार दिया, आपसे दूसरी बड़ी गलती यही हो गई।
8. बंगाल मे कार्यकर्ता मरते रहे, प्रताड़ित होते रहे, रोते रहे, कलपते रहे, मगर पूर्ण बहुमत की सरकार होते हुए भी आपने कुछ नहीं किया। अजी कार्यकर्ता तो छोड़िए, CBI, ED को भी पीटते रहे, कुछ नहीं किया। ममता को हटाया क्यूँ नहीं? बर्खास्त करना चाहिए था।
9. आज उस राहुल का कद इतना बड़ा हो गया कि उसने अपने मामूली से कार्यकर्ता से अमेठी वाली प्रत्याशी, जिसने कभी स्वयं राहुल को हराया था, को भारी अंतर से पटकवा दिया
खैर, जूता महँगा हो अथवा सस्ता, उसे सर पर नहीं रखते, किंतु समझ में नहीं आया।
10. जो पुराने कार्यकर्ता थे वो मुँह ताकते रहे, आप गैरों को टिकट देते रहे। ये वही कार्यकर्ता थे जो 2014 और 2019 के चुनाव में जान और धन लुटाते रहे।
11. बीजेपी फैजाबाद से हार गई। जानते है क्यों हारे?
राम भक्तो पर गोsलियाँ चलवाने वाले को पदम् श्री आदि से सुशोभित किया गया
तो फिर वहाँ की पब्लिक ने राम द्रोही को जितवा दिया, तो क्या गलत किया?
इससे बड़ा और प्रमाण क्या चाहिए, कि देशद्रोहियों को सिर्फ आपका फ्री माल चाहिए, लेकिन वे आपको वोट नहीं देंगे।
शुक्र ये रहा कि अच्छे काम की वजह से व जागृत हिन्दू के कारण आपकी सरकार अंतिम समय में बन गई।
अपने इस टर्म में राजनीति से ऊपर उठकर विकास और हिन्दुत्व का ऐसा मापदंड तय कीजिए कि विश्व के मानचित्र पर विकसित, समृद्ध, और सशक्त भारत की मजबूत और सुदृढ़ स्थिति हो।
अपने कार्यकर्ताओं की बात पर ध्यान देना शुरू करिए।
थोड़ा हिन्दू मध्यम वर्ग की भी चिंता कीजिये।
आपका हिंदू वोटर , जय श्री राम 🙏🚩