27/03/2022
त्रिंगलवाड़ी किला 3238 फीट ऊंचाई पर स्थित है। यह किला गिरिदुर्ग प्रकार का है और कालसुबाई पर्वत श्रृंखला में स्थित है।
किले की तलहटी में जैन गुफाओं से अनुमान लगाया जाता है कि किले का निर्माण 10वीं शताब्दी के आसपास किया गया होगा।
इस किले का निर्माण प्राचीन व्यापार मार्ग को देखने के लिए किया गया था जो कोंकण से नासिक क्षेत्र को जोड़ता था।
त्रिगलवाडी किला, इगतपुरी, नासिक, महाराष्ट्र, भारत
1636 में शाहजी राजा को महुली फोर्ट में हार के बाद इसे मुगलों को सौंपना पड़ा था।
इस क्षेत्र पर मुगलों से लेकर मराठा तक शासन कर चुके हैं।
वर्तमान में यह का किला मात्र खंडहर रूप में ही यहां मौजूद है। चूंकि यह पहाड़ी पर स्थित है इसलिए यहां ट्रेकर्स का आगमन लगा रहता है।
त्रिंगलवाड़ी गांव से किले के रास्ते में पांडवलेनी नामक गुफा है। ये गुफाएं 3 भागों में हैं। ओसारी, विहार के अंदर और विहार में नक्काशीदार कोनों, प्रवेश द्वार पर सुंदर नक्काशी पाई जाती है।
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