20/10/2023
ये महाशय दोगले प्रजाति से है गलती से ब्राह्मणों में घुस कर शंकराचार्य परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने बैठे हैं इनमें ना ब्राह्मणत्व है ना ही ज्ञान की कुंजी और खुद को हिंदू धर्म गुरु कहते हैं!!
सवाल ये हैं की ये जब धर्म गुरु हैं तो किसी दो पारिवारिक विवाद को जातिगत नजरिए से क्यों देखते हैं यदि देखते हैं तो पक्षपात क्यों क्या ये गुरु मर्यादा का उलंघन नहीं हैं ??
दूसरा सवाल क्या यादव V/S ब्रह्मण करवाने से धर्म की रक्षा होगी?? क्या ये तथाकथित धर्म गुरु को ये भी ज्ञान नहीं की यादव ब्राह्मण सनातन धर्म की कौन सी दीवार है ?
तीसरा सवाल आपके द्वारा समस्त यादवों को टारगेट करके उनको गुंडे बताना क्या ये इनकी वाहियात कार्य नहीं है क्या यही गुरुमर्यादा है??
नाम के आगे स्वामी लगा लेने से कोई पूजनीय नहीं हो जाता उसके लिए उस तरह के कर्म करने पड़ते है और सबसे बड़ा चीज त्याग जो इनमे नाम मात्र भी नहीं है गुरु का कार्य होता है जोड़ना, तोड़ना नहीं
जय माता दी 🚩🚩
जय द्वारिकाधीश🚩
जय श्री राम 🚩🚩
जय परशुराम 🚩🚩
#सनातन_ही_श्रेष्ठ_है 🚩🚩
#क्षत्रिय
#कृष्णवंशी_अनूप_सिंह_यदुवंशी