23/09/2023
जला अस्थियां बारी-बारी
चिटकाई जिनमें चिंगारी,
जो चढ़ गए पुण्यवेदी पर
लिए बिना गर्दन का मोल,
कलम, आज उनकी जय बोल।
कालजयी रचनाकार, राष्ट्र आराधना के ओजस्वी स्वर, 'पद्म भूषण', 'राष्ट्रकवि' रामधारी सिंह 'दिनकर' की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!