21/04/2026
किसी के विचारों को खत्म करना हो, तो आम लोगों में उसकी पूजा शुरू करवा दो। बुद्ध के साथ पंडे पुजारी ऐसा पहले कर चुके हैं। उन्हें अवतार घोषित करके। अब यही बात बाबासाहब के साथ न हो जाए। इसलिए बाबासाहब के अनुयायियों को इससे सतर्क रहने की जरूरत है। क्योंकि बाबा साहब कहते थे मैं मूर्तियों में नहीं मैं किताबों में बसता हूं मुझे पूजने की नहीं बल्कि मुझे पढ़ने की आवश्यकता है
मेरे विचारों पर लगाकर ताला लोग मेरी मूर्तियों पर चढ़ा रहे हैं माला
जयभीम!