20/10/2022
. डेंगू बुखार
डेंगू बुखार, जिसे आमतौर पर हड्डी तोड़ बुखार के रूप में भी जाना जाता है, एक फ्लू जैसी बीमारी है, जो डेंगू वायरस के कारण होती है। यह तब होता है, जब वायरस वाला एडीज मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है।
डेंगू चार वायरसों के कारण होता है, जो इस प्रकार हैं - डीईएनवी-1, डीईएनवी-2, डीईएनवी-3 और डीईएनवी-4। जब यह पहले से संक्रमित व्यक्ति को काटता है तो वायरस मच्छर के शरीर में प्रवेश कर जाता है। और बीमारी तब फैलती है जब वह मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, और वायरस व्यक्ति के रक्तप्रवाह के जरिये फैलता है।
इसके अलावा जब गर्भवती माँ से उसके बच्चे को संक्रमण फैल जाता है, तो बच्चे समय से पहले जन्म, जन्म के समय कम वजन और भ्रूण संकट से पीड़ित हो सकते हैं।
डेंगू को 2 प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है: डेंगू और गंभीर डेंगू।
डेंगू :-
डेंगू का संदेह तब होना चाहिए जब अत्यधिक बुखार के साथ
सरदर्द
आंख के पीछे दर्द
मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द
जी मिचलाना
उल्टी
सूजन ग्रंथियां
गंभीर डेंगू बीमारी शुरू होने के लगभग 3-7 दिनों के बाद सामान्य रूप से एक मरीज में होता है जिसे क्रिटिकल फेज कहा जाता है।
पेट में तेज दर्द
लगातार उल्टी
तेजी से साँस लेने
मसूड़ों से खून बहना
थकान
बेचैनी
उल्टी में खून
चकत्ते
यदि रोगी मे गंभीर चरण के दौरान ये लक्षण दिखते हैं, तो अगले 24-48 घंटों के लिए ओब्सेर्वेसन मे रखा जाता है ताकि जटिलताओं और मृत्यु के जोखिम से बचने के लिए उचित चिकित्सा देखभाल दिया जा सके।
डेंगू से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों की आबादी पे काबू करना है इस के लिए या तो लार्वा पे नियंत्रण करना होता है या वयस्क मच्छरों की आबादी पर।
एडिस मच्छर कृत्रिम जल संग्रह पात्रों मे जनन करते है जैसे टायर, बोतलें, कूलर, गुलदस्ते इन जलपात्रों को अक्सर खाली करना चाहिए यही सबसे बेहतर तरीका लार्वा नियंत्रण का माना जाता है।
वयस्क मच्छरों को काबू मे करने हेतु कीटनाशक धुंआ किसी सीमा तक प्रभावी हो सकते है, मच्छरों को काटने से रोक देना भी एक तरीका है किंतु इस प्रजाति के मच्छर दिन (सुवह -शाम) मे काटते है । अतः वचाव अतिआवश्यक है।।
डाॅ राकेश रौशन
चिकित्सा पदाधिकारी
जहानावाद