02/08/2026
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।
उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हमारी पार्टी का संवाद कार्यक्रम आयोजित है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रशासन कुछ जिलों में कार्यक्रम करने दे रहा है, जबकि कुछ जिलों में बिना किसी स्पष्ट कारण अनुमति नहीं दी जा रही है। लोकतांत्रिक देश में सरकार का ऐसा रवैया बिल्कुल भी उचित नहीं है।
हमें लगातार परेशान किया जा रहा है, लेकिन हम इससे घबराने वाले नहीं हैं। हम संविधान और कानून को मानने वाले लोग हैं। इसलिए हम प्रशासन से विधिवत अनुमति लेकर ही अपने कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
यदि अनुमति नहीं दी जाएगी, तो हम न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाएंगे और कोर्ट के आदेश के अनुसार अपना कार्यक्रम करेंगे। इसके बावजूद भी यदि हमें कार्यक्रम करने से रोका गया, तो संविधान द्वारा प्रदत्त अपने मौलिक अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन करेंगे।
हम लोकतंत्र, संविधान और कानून में अटूट विश्वास रखते हैं तथा अपने अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से लड़ते रहेंगे।
हम निषाद समाज के हक, अधिकार और संवैधानिक आरक्षण की लड़ाई आख़िरी दम तक लड़ते रहेंगे। निषाद समाज के सम्मान, अधिकार और संवैधानिक आरक्षण के लिए हमने मंत्री पद तक का त्याग कर दिया, क्योंकि हमारे लिए सत्ता और पद से बढ़कर समाज का स्वाभिमान और अधिकार है। आज निषाद समाज किसी परिचय का मोहताज नहीं है, बल्कि देश-दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। आज पूरा देश "सन ऑफ़ मल्लाह" के नाम से जानता और पहचानता है।
हमारा संकल्प स्पष्ट है—सत्ता नहीं, बल्कि निषाद समाज का सम्मान, अधिकार और न्याय। जब तक समाज को उसका संवैधानिक अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक हमारा संघर्ष लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से निरंतर जारी रहेगा।