Pãļ Põęţřý - Just for you & all L o V e R ' s - vikaspalviky.

  • Home
  • Pãļ Põęţřý - Just for you & all L o V e R ' s - vikaspalviky.

Pãļ Põęţřý - Just for you & all L o V e R ' s - vikaspalviky. Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Pãļ Põęţřý - Just for you & all L o V e R ' s - vikaspalviky., Library, DOIWALA, .

हाँ मैं राही हूँ, इक भीड़ भरी राह का....पर इस राह पे शायद मेरी मंजिल नहीं है...न जीने की वजह, न चलना ही सजा....शायद मेरे ...
16/02/2020

हाँ मैं राही हूँ, इक भीड़ भरी राह का....
पर इस राह पे शायद मेरी मंजिल नहीं है...
न जीने की वजह, न चलना ही सजा....
शायद मेरे सीने में, दिल नहीं है...
हाँ मैं राही हूँ, इक भीड़ भरी राह का....
पर इस राह पे शायद मेरी मंजिल नहीं है...!!

सपने टूटते रहे, अपने रूठते रहे...
हाँ आये थे कुछ दामन मेरे भी हिस्से में,
मगर कम्बख्त हाथ से छूटते रहे....!
अब सोचता हूँ बैठकर तो ध्यान में आता है...
वो भी अपने ही थे, जो मुझे लूटते रहे...!!

खैर अब मुझसे न कहो, कोई किस्सा मुफ्लिशी का...
की मैंने एक उम्र बितायी है फाके के स्वाद में....!
जब तक लुट सके, लुटते रहे ख़ुशी से....
और फिर रो दिए लुटकर, फाका ही याद में....!!

और गनीमत रही की, अकेला ही चला था सफर में....
खुद से ही निराश था, खुद पे ही गुरुर था....!
खुद से ही लड़ाई थी... खुद से हार जीत की...
खुद से ही जीतना, खुदमे एक सुरूर था...!!

आखिर मिटा रहा हूँ, खुद अपने ही निसान मैं...
थकी हारी सी हस्ती, अधूरी सी पहचान मैं...!
उजड़ा सा चमन... बिखरा गगन मिटा रहा हूँ...
और मिटा रहा हूँ, हर गम और मुस्कान मैं...!!

चलो वादा रहा... मरने से पहले इतल्ला कर दूंगा...
शायद ख़ुशी मिले तुम्हे, मेरी मौत की खबर से....!
आज़ाद हो जाओगे तुम, मेरी यादो के क़हर से....
और हम आज़ाद हो जायेंगे, जिंदगी के सफर से....!!

देखा आज़ाद होना इतना भी मुश्किल नहीं है....!
हाँ मैं राही हूँ, इक भीड़ भरी राह का....
पर इस राह पे शायद मेरी मंजिल नहीं है...!!
न जीने की वजह, न चलना ही सजा....
शायद मेरे सीने में, दिल नहीं है...!
हाँ मैं राही हूँ, इक भीड़ भरी राह का....
पर इस राह पे शायद मेरी मंजिल नहीं है...!!

विकास पाल विक्की...... 😊

मुझे देख कर तेरा पलके 😚 झुका लेना...तेरी इस अदा को मेरा ♡ दिल में बसा लेना...बसा लेना है तुझको बाहों 👫 में... कहता हर जज...
19/04/2018

मुझे देख कर तेरा पलके 😚 झुका लेना...
तेरी इस अदा को मेरा ♡ दिल में बसा लेना...
बसा लेना है तुझको बाहों 👫 में... कहता हर जज्बात है...!
अभी रोक मत देना मुझे कि ! ये तो बस शुरुआत है...!!

पहली बार फिर नज़रो 🤓 से, नज़रे 🙄 जब टकराई थी...
मैं मंद मंद मुस्कुराया 🙂 था, तू भी तो शरमाई 😊 थी...
शरमाई अब भी ऐसे ही जैसे, पहली ☝ मुलाकात है...
अभी रोक मत देना मुझे कि ! ये तो बस शुरुआत है...!!

फिर धीरे धीरे चाहतो 💕 का सिलसिला बढ़ता गया...
अब तू भी रूठने 😏 लगी, और मैं भी लड़ता 😣 गया...
लड़ता गया हर बात पे, ये भी भला कोई बात 😡 है...!
अभी रोक मत देना मुझे कि ! ये तो बस शुरुआत है...!!

मेरे छूने भर से न जाने 🤔 तू, क्यू सिमट सी जाती है...
फिर अपनी ओर करूँ तुझे तो, खींची खींची चली 👫 आती है...
आती है तू ऐसे जैसे, कोई हसीं बरसात 🌧 हो...!
अभी रोक मत देना मुझे कि ! ये तो बस शुरुआत है...!!

जब होती नही हो सामने 😯 तो, तुझे ढूंढती है नज़र...
होती जब हो सामने 🤗 तो, होता नही मुझसे सबर...
सबर नहीं फिर देखता, दिन 🌞 है या फिर रात 🌛 है...
अभी रोक मत देना मुझे कि ! ये तो बस शुरुआत है...!!

देखती 👁 हो जब मुझे, आँखों 👀 में आँखे डालकर...
हाथ पकड़ कर चलती 💏 हो पर, अपना दिल ♥ संभाल कर...
संभाल कर रखना मुझे 💝 भी, चाहे जो हालात है...!
अभी रोक मत देना मुझे कि ! ये तो बस शुरुआत है...!!

जब होती हो मुझसे जुदा 🏃, जान सी चली जाती है...
फिर जो आओ लौट कर, मुस्कान 😃 लौट सी आती है...
मुस्कुराती 👩 ही रहना अब, ये तो बस आगाज़ है...!
अभी रोक मत देना मुझे कि ! ये तो बस शुरुआत है...!!
बसा लेना है तुझको बाहों में, कहता हर जज्बात है...!
अभी रोक मत देना मुझे कि ! ये तो बस शुरुआत है...!!
अभी रोक मत देना मुझे कि ! ये तो बस शुरुआत है...!!
🙈🙊

"विकासपाल"

तुम आओ न आओ अब फ़र्क़ नहीं पड़ता....औरो पर छाते हो तुम सावन की घटा बनकर....मुझपे छाओ न छाओ अब फ़र्क़ नहीं पड़ता....कि तुम आओ न...
06/07/2017

तुम आओ न आओ अब फ़र्क़ नहीं पड़ता....
औरो पर छाते हो तुम सावन की घटा बनकर....
मुझपे छाओ न छाओ अब फ़र्क़ नहीं पड़ता....
कि तुम आओ न आओ अब फ़र्क़ नहीं पड़ता.....

इश्क़ मुक़म्मल था मेरा, भले उम्र से नादां था....
चाहतो की रस्मो से अनजान था हैरान था....
मेरी खामियां ही थी जो ले डूबी मुझे तन्हाई के समंदर में....
मुझे बचाओ न बचाओ अब फ़र्क़ नहीं पड़ता....
कि तुम आओ न आओ अब फ़र्क़ नहीं पड़ता.....

इस कस्मकश के साथ कि करोगी कभी इजहार तुम....
हर मोड़-मकाँ हम खड़े रहे कि करो न कहीं इन्तजार तुम....
हाथ पकड़ कर चलते तेरा धुप में बरसात में....
पर हाथ बढ़ाओ न बढ़ाओ अब फ़र्क़ नहीं पड़ता....
कि तुम आओ न आओ अब फ़र्क़ नहीं पड़ता....

एक रोज लौट के आओगे यकीं है इस बात का....
मर के भी रहेगा मुझे इन्तजार उस मुलाक़ात का....
कैसे रोकेगी अपने दिल में मुझे धड़कने से....
कि दिल लगाओ न लगाओ अब फ़र्क़ नहीं पड़ता....
कि तुम आओ न आओ अब फ़र्क़ नहीं पड़ता....

जब जुदा हुए थे मैं रोया था तेरे चेहरे पे मुस्कान थी....
उससे पहले तेरी उदासी मुझे कर देती परेशान थी....
पर दिल तोड़ के हसना तेरा जीते जी मुझे मार गया...
मुस्कुराओ न मुस्कुराओ अब फ़र्क़ नहीं पड़ता....
कि तुम आओ न आओ अब फ़र्क़ नहीं पड़ता....
औरो पर छाते हो सावन की घटा बनकर.....
मुझपर छाओ न छाओ अब फ़र्क़ नहीं पड़ता.....
कि तुम आओ न आओ अब फ़र्क़ नहीं पड़ता.....

विकासपालविक्की

प्रभु आपको सुबह की पहली किरन से शुरु होने वाले नये साल मे सुख , शांति, शक्ति, सम्पति, स्वरुप, संयम, सादगी, सफलता, समृध्द...
01/01/2017

प्रभु आपको सुबह की पहली किरन से शुरु होने वाले नये साल मे सुख , शांति, शक्ति, सम्पति, स्वरुप, संयम, सादगी, सफलता, समृध्दि, साधना, संस्कार, और स्वास्थ्य दे.

नये साल की ढेरो शुभकामनाओ के साथ
आपको और आपके परिवार को मेरी तरफ से हार्दिक शुभ कामनाऐ !

अगर मैं न रहूँ तो अश्क़ मत बहाना....मगर दास्तान ऐ इश्क़ मेरा किसी से न छुपाना....हमने जीते जी तुमसे सिर्फ मांगूी थी हसीं.....
08/11/2016

अगर मैं न रहूँ तो अश्क़ मत बहाना....
मगर दास्तान ऐ इश्क़ मेरा किसी से न छुपाना....

हमने जीते जी तुमसे सिर्फ मांगूी थी हसीं....
नही दे पाए तो गम नही मगर....
बहुत रुला चुके हो बस कब्र में न रुलाना....

कुछ पल आ जाना मय्यत पर तुमसे कुछ बाते करनी है....
कुछ वादों और कसमो से यादो की गगरी भरनी है....

कुछ मांगू तुमसे शायद मैं जवाब मेरे सवालो के....
कुछ मांगू तुमसे हिसाब मैं, मेरी चाहत के उजालो के....

कुछ सुनाऊँ तुमको बैठकर शायद प्रेम कहानी मैं....
शायद फिर मुस्कान बनो तुम और आँखों से बहता पानी मैं....

कुछ अपनी अधूरी चाहत का शायद पूरा इजहार करूँ....
कुछ वादों से इनकार करूँ या कसमो पर ऐतबार करूँ....

कब्र के ऊपर से ही तुम माथा मेरा सहला देना....
बहुत घुटन है अंदर बस तुम आँचल अपना लहरा देना....

वादा कर जाना मुझसे तुम फिर से मिलने आने का....
वादा कर जाना मुझसे तुम फिर से दिल लगाने का....

अब कभी जब भी तुम किसी से दिल लगाओगी....
वादा कर जाना इतना की मुझे नही भुलाओगी....

मैं खफा नही तुमसे ये तो चाहत का दस्तूर है....
सच्ची चाहत वाला ही सच्ची चाहत से दूर है....

तुमसे दिल लगाने की मुझे हर सजा मंजूर है....
अगर इश्क़ गुनाह है, इश्क़ करना अगर कसूर है....

HaTe THIS LiFe ♡♥

सिर्फ तुम्हारे लिए •••●♡♥
विकास पाल विक्की

कैलाश पर्वत शिव का डेरा....गहन रात्रि शीत सवेरा....कंकर पाथर दुर्गम राहें....शीत पवन की शीतल आहें....स्वेत बर्फ की चादर ...
09/10/2016

कैलाश पर्वत शिव का डेरा....
गहन रात्रि शीत सवेरा....
कंकर पाथर दुर्गम राहें....
शीत पवन की शीतल आहें....

स्वेत बर्फ की चादर तान....
भोग विलास से हो अनजान....
नख से शिख तक स्वेत शिला है....
पूरा हिमालय उनका किला है....

अतिप्रिय रुद्राक्ष की माला....
भस्म रमाये डमरू वाला....
मृग की छाला तन पे पहने....
हाड काठ के पहने गहने....

कमंडल गंगा जल डाले....
एक हाथ त्रिशूल संभाले....
डम डम फिर जब डमरू बाजे....
कमर पे लटके घुंघरू बाजे....

करे जब तांडव धरती डोले....
कांपे अम्बर बम बम बोले....
सब कुछ भूले मस्त मलंगा....
नाचे शंकर पी कर भंगा.....

बेल पत्र की पूजा माने....
लाडू पेड़े वो न जाने....
ज़हर पिए वो सुल्फों वाला....
लंबी लंबी जुल्फों वाला....

कंठ सर्प है कानन कुंडल....
तन है भस्मित हाथ कमंडल....
सुन्दर चेहरा भोला भाला....
ॐ ॐ जपे वो मतवाला....

वही है सूक्ष्म दीर्घायु है....
वही अग्नि जल और वायु है....
वही अंत है वही है आदि....
वही तो बस है वही इत्यादि....

वही संतो की परिभाषा है....
वही तो संतोष वही जिज्ञाषा है....
वही खंड है वही अखंडित....
वही ज्ञानी है वही है पंडित....

त्रिलोकी है त्रिनेत्र धारक....
वही कर्म है वही है कारक....
वही शून्य है और इकाए....
कण कण गूंजे नमः शिवाये....

उसी की धरती उसी का अम्बर....
वही नाथ है वही दिगम्बर....
वही तो जीवन वही तो जीव है....
वही हैं शंकर वही तो शिव है....

वही तपस्वी वही मुनि हैं....
वही सरल हैं वही गुणी हैं....
वही काठ हैं वही हैं कंकर....
मृत्यंजय हैं भोले शंकर....

वही तो हैं सुख दुःख के दाता....
चारो वेदों के हैं ज्ञाता....
तीनो लोको के हैं स्वामी....
वही निकट हैं वही दुर्गामी....

वही मध्य हैं वही किनारा....
वही थोड़ा और वही हैं सारा....
वही दूर हैं वही पास हैं....
वही आशा हैं वही आश हैं....

वो प्रकाश और अन्धकार हैं....
विश्वास वही हैं चमत्कार हैं....
जीत वही प्रयास वही हैं....
धरती और आकाश वही हैं....

आदर और सम्मान वही हैं....
अश्रु और मुस्कान वही हैं....
मेहनत वही उपकार वही हैं....
स्वर्ग नरक संसार वही हैं....

प्रण वही हैं प्राण वही हैं....
मंदिर और श्मशान वही हैं....
वही रूप हैं रंग वही हैं....
तन्हा वही हैं संग वही हैं....

गौरा स्वामी कैलाश पति हैं....
वही तो स्थिर वही गति हैं....
पूजे मानव दानव और देव....
महादेव हैं देवो के देव....

(To Be Cont......)
Admin ---> VikaspalvikY

इक वक़्त था जब तेरे बिन अधूरापन सा लगता था....महफ़िलो की हर एक शाम ये तन्हापन सा ठगता था....फिर तुम गए जब छोड़ कर, प्यार भर...
08/09/2016

इक वक़्त था जब तेरे बिन अधूरापन सा लगता था....
महफ़िलो की हर एक शाम ये तन्हापन सा ठगता था....
फिर तुम गए जब छोड़ कर, प्यार भरा दिल तोड़ कर....
कसमो को दरकिनार कर, जीते जी हमे मार कर....
न पीछे मुड़कर देख सके, न हम ही तुमको रोक सके....
सब वादे चकनाचूर हुवे, जब एक दूजे से हम दूर हुवे....
हमने आँखों से अश्क़ बहाये थे, जिन्हें देख तुम मुस्कुराये थे....
हमें यकीं था तुम्हारी बातो पे, बातो से सजी सब रातो पे....
यकीं था दिन के उजालो पे, चाहत के जवाबो सवालो पे....
हर दिन को तरसती रातो पर, यकीं था हर मुलाकातों पर....
यकीं था हवा के झोंखो पर, तेरे सितम और धोखो पर....
पर अब यकीं नही प्यार पर, बेदर्द बेरहम यार पर....
अब जो चाहत बची है सीने में, जो मजा बचा है जीने में....
जो उम्मीद बची मुस्कुराने की, जो शाम बची सजाने की....
जो सहने को है गम बचा, जो प्यार का मौसम कम बचा....
जो कहने को अलफ़ाज़ हैं, जो मेरे सीने के राज़ हैं....
जो पलको पर इन्तजार बचा, जो लबो पर इजहार बचा....
जो बचा है ऐतबार आँखों में, जो बचा है प्यार साँसों में....
जो भी बचा है अब मेरा, अब उसको दूँ जो मेरा हो....
जिसकी जुल्फों में मेरी राते हो, जिसकी आँखों से मेरा सवेरा हो....
जिसकी पलकों पर मेरा ख्वाब हो, जिसकी चाहत में मेरा जवाब हो....
जिसके हाथो में मेरा हाथ हो, सात फेरो का जिसका साथ हो....
जो मेरे लिए जरुरी हो, जिसकी मांग मेरी खातिर सिन्दूरी हो....
मेरी आँखों में जिसकी निंदिया हो, जिसके माथे मेरे नाम की बिंदिया हो....
मेरा पता जिसका मन हो, हाथो में खनकता कंगन हो....
मेरी पलको तले जिसकी शाम हो, जिसके लबो पर मेरा नाम हो....
जिसके तकिये पर मेरा सर हो, मेरी बाहो में जिसका घर हो....
मेरा घर ही जिसका संसार हो, जिसको मुझसे सच्चे वाला प्यार हो....
जो भी बचा है अब मेरा....
सब उसको दूँ जो मेरा हो.....
जिसकी बाहो में मेरा दिन ढले....
मेरी बाहो में जिसका सवेरा हो....

अब तो बस तुम्हारा इन्तजार है......
विकास पाल विक्की.......

हम मिले... दोस्त बने... सब कुछ कितना अच्छा था...हँसना रोना...पाना खोना...सब कुछ लगता सच्चा था...पर भूल गया था मिलने वालो...
07/08/2016

हम मिले... दोस्त बने... सब कुछ कितना अच्छा था...
हँसना रोना...पाना खोना...सब कुछ लगता सच्चा था...
पर भूल गया था मिलने वालो को बिछड़ना भी तो पड़ता है...
उधड़े हुवे इन रिश्तो को सिलना भी तो पड़ता है...
कभी कभी सही हो कर भी झूठा होना होता है...
कसमो को तोडना होता है...सपनो को खोना होता है...
रिश्तो की खातिर झुकना और झुकाना पड़ता है...
कभी कभी ख़ामोशी से ही हर दर्द जताना पड़ता है...
अपने हिस्सो में अक्सर यादे ही रह जाती है...
जो कभी कभी हंसाती और कभी कभी रुलाती हैं...
आज फिर यारो की यादे आँखों से बह जाती हैं...
कुछ यादे हैं प्यारी सी जो मेरे लबो से मुस्कुराती हैं...
वो साथ नही पर उनकी हर एक याद साथ रह जाती है...
जब दोस्त दूर हो जाते हैं...यादे साथ निभाती है...
अपने यारो से मुझे शिकवे भी है गीले भी हैं...
पर खुशनसीब भी हूँ मैं...क्योंकि मुझे ऐसे दोस्त मिले भी हैं...

मेरे सभी दोस्तों को फ्रेंडशिप डे / मित्रता दिवस की शुभकामनाएं...

सालो तुम सबकी याद आती है....
विकास पाल विककी.....*

मैं टूट भी जाऊं...मैं बिखर भी जाऊं...आखिर किस पहर तुझे हाल-ऐ-दिल सुनाऊं...तू सितमगर है कर सितम तू शौंक से...मगर कम से कम...
06/07/2016

मैं टूट भी जाऊं...मैं बिखर भी जाऊं...
आखिर किस पहर तुझे हाल-ऐ-दिल सुनाऊं...
तू सितमगर है कर सितम तू शौंक से...
मगर कम से कम कोई इशारा तो दे दे...
अपने रूठे यार को सहारा तो दे दे...

मैं दर्द भी सह लूँ...तनहा भी रह लूँ...
तेरी तस्वीर से ही दिल का हर राज़ कह लूँ...
कह दूँ हर जज्बात भरी बात तनहा रात से...
मगर आँखों को ख्वाब कोई प्यारा तो दे दे...
अपने रूठे यार को सहारा तो दे दे...

तेरा नाम भी ले लूँ... हर इल्जाम भी ले लूँ...
महकी सी सुबह ले लूँ... बहकी सी शाम ले लूँ...
हो जाऊं मैं बदनाम भी तेरा नाम ले ले कर...
मगर चाहतों से सजा कोई किनारा तो दे दे...
अपने रूठे यार को सहारा तो दे दे...

तेरी यादो में जी लूँ मैं... तेरी यादो में मरुँ मैं...
क्या एहसास है तुझे की कितना प्यार करूँ मैं...
लूटा दे दो जहाँ भी विक्की तेरी हर मुस्कान पे...
मगर सनम ऐसा कोई जश्न-ऐ-बहारा तो दे दे...
अपने रूठे यार को सहारा तो दे दे...

एडमिन ---> विकास पाल विक्की

आखिर सब कुछ पास है, ये दिल उदास है,वजह क्या है….ऐ दिल तू बता, अब मुझसे न छुपा,ये सजा क्या है…हं सजा क्या है…..!!गम का सा...
14/03/2016

आखिर सब कुछ पास है, ये दिल उदास है,
वजह क्या है….
ऐ दिल तू बता, अब मुझसे न छुपा,
ये सजा क्या है…
हं सजा क्या है…..!!

गम का साया इस कदर, दिल को तोड़ेगा…
सोचा न था हमसफ़र, साथ छोड़ेगा…
आँखों के पानी की, बेवा जवानी की…
खता क्या है…
ऐ दिल तू बता, अब मुझसे न छुपा…
ये सजा क्या है…है, सजा क्या है…!!

एक मुद्दत से रातो को, मैं न सो पाया….
देखा जो ख्वाब था, न पूरा हो पाया….
अब न गम है, न ख़ुशी फिर….
बचा क्या है….
ऐ दिल तू बता, अब मुझसे न छुपा…
ये सजा क्या है…है, सजा क्या है…!!

अब समझा हूँ इश्क़ को, ये रोग पुराना है….
कांटो का बिछोना है, पत्थर का शिराहना है….
एक रिश्ता जोड़कर, सबसे रिश्ता तोड़कर….
मजा क्या है….
यारो से दूर हूँ, न मजबूर हूँ....
मेरा गुनाह क्या है….
ये सजा क्या है…है, सजा क्या है…!!

आखिर सब कुछ पास है, ये दिल उदास है,
वजह क्या है….
ऐ दिल तू बता, अब मुझसे न छुपा,
ये सजा क्या है…
हं सजा क्या है…..!!

by : VikaspalvikY

19/03/2015

join me on imo
lets begin chat of next level:
+91-8006559335

13/03/2015

Jst for my frnds... and all those lovers n people who like n understand it.... :)

Address

DOIWALA

248001

Telephone

+918006559335

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Pãļ Põęţřý - Just for you & all L o V e R ' s - vikaspalviky. posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

  • Want your organization to be the top-listed Government Service?

Share