15/06/2026
धनबाद- सामाजिक कार्यकर्ता और 'ह्यूमैनिटी हेल्पिंग हैंड्स' के संस्थापक अध्यक्ष गौतम कुमार मंडल ने हीरक ब्रांच स्थित 8-लेन सड़क पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर मोर्चा खोल दिया है।
उन्होंने स्थानीय सांसद, विधायक, मेयर, धनबाद उपायुक्त (डीसी) और नगर आयुक्त से इस जानलेवा समस्या पर तुरंत संज्ञान लेने की पुरजोर मांग की है।
8- लेन रोड पर मौत का सफर, स्कूल बसों, स्कूल भेनो की अवैध पार्किंग और फुट ओवर ब्रिज न होने पर हजारों बच्चों की जान दाव पर लगी है ।
ह्यूमैनिटी हेल्पिंग हैंड्स के अध्यक्ष गौतम कुमार मंडल ने सांसद, विधायक, मेयर, उपायुक्त और नगर आयुक्त से की त्वरित कार्रवाई की मांग।
धनबाद पब्लिक स्कूल (हीरक ब्रांच) के पास रोज खड़ी होती हैं 100 से अधिक बसें, वीआईपी सड़क बनी 'डेंजर जोन'
धनबाद शहर के हीरक ब्रांच स्थित 8-लेन रोड पर हर दिन हजारों स्कूली बच्चे अपनी जान हथेली पर रखकर सड़क पार करने को मजबूर हैं। धनबाद पब्लिक स्कूल (हीरक ब्रांच) के समीप मुख्य सड़क पर स्कूल की लगभग 100 बसें और वैन बेतरतीब ढंग से खड़ी रहती हैं। इस अवैध पार्किंग के कारण यह व्यस्त वीआईपी सड़क डेंजर जोन में बदल चुकी है। सामाजिक कार्यकर्ता सह 'ह्यूमैनिटी हेल्पिंग हैंड्स' के संस्थापक अध्यक्ष गौतम कुमार मंडल ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है।
उन्होंने स्थानीय सांसद, विधायक, मेयर, धनबाद उपायुक्त और नगर आयुक्त को पत्र लिखकर व सोशल मीडिया के माध्यम से चेतावनी दी है कि प्रशासन शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
2 साल से विधानसभा में गूंज रही आवाज, फिर भी प्रशासन मौन
गौतम कुमार मंडल ने बताया कि मामले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले दो वर्षों से स्थानीय विधायक इस गंभीर मुद्दे को लगातार विधानसभा में उठा रहे हैं। इसके बावजूद जिला प्रशासन और नगर निगम ने अब तक धरातल पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की आवाज को दरकिनार करना प्रशासनिक लापरवाही और संवेदनहीनता की पराकाष्ठा को दर्शाता है।
जाम की गिरफ्त में 8-लेन रोड, बच्चे असुरक्षित सड़क पर स्कूल बसों की अवैध पार्किंग की वजह से इस व्यस्त हाईवे पर आए दिन लंबा ट्रैफिक जाम लगता है। सड़क की क्रॉसिंग बंद होने के कारण छुट्टी के वक्त स्कूली बच्चे तेज रफ्तार गाड़ियों के बीच से जान जोखिम में डालकर रोड पार करते हैं। गौतम कुमार मंडल और स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्कूल बसों की सड़क पर पार्किंग प्रतिबंधित नहीं की गई और यहाँ छात्रों की सुरक्षा के लिए 'फुट ओवर ब्रिज' (FOB) का निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो वे बच्चों के भविष्य और सुरक्षा के लिए उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।